{"_id":"58ab380e4f1c1b0a53b238c4","slug":"jind-sivage-tritment-plant-new-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब हांसी रोड पर बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब हांसी रोड पर बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
हांसी रोड स्थित एसटीपी का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शहर को जलभराव से निजात दिलवाने के लिए रोहतक रोड पर बनने वाले पांच मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) क्षमता की परियोजना को अब जनस्वास्थ्य विभाग ने बदल लिया है। नई परियोजना के तहत अब सात एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की योजना को अंतिम रूप देकर जनस्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय को भेज दिया है। अब मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। नई परियोजना पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इस परियोजना के शुरू होने से शहर को बरसात में जलभराव की समस्या से निजात मिल सकेगी।
फिलहाल शहर के गंदे पानी की निकासी के जनस्वास्थ्य विभाग हांसी रोड पर 15 एमलडी क्षमता का एसटीपी चला रहा है। इसके इसके अलावा नरवाना रोड पर भी पांच एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं। हुडा क्षेत्र के गंदे पानी की निकास के लिए बराह खुर्द गांव के पास एसटीपी बनाय गया है।
विज्ञापन
इन व्यवस्थाओं के बावजूद शहर के रोहतक रोड, भिवानी रोड और काठमंडी क्षेत्र का बरसाती पानी निकालने में जनस्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट जाते हैं। दरअसल वर्तमान व्यवस्था के अनुसार पुराने शहर का पानी काठमंडी बूस्टर के माध्यम से हांसी रोड स्थित एसटीपी पर भेजा जाता है। इसके अलावा बस स्टैंड बूस्टर से भी पानी उठाकर भटनागर कॉलोनी बूस्टर के साथ हांसी रोड पर ही भेजा जाता है। ऐसे में एक बार में तीनों बूस्टरों को चलाना संभव नहीं है। इससे पानी की निकासी में देर होती है।
विज्ञापन
यह है बरसाती पानी निकासी व्यवस्था
हालांकि घरों से निकलने वाले गंदे पानी की एसटीपी से साफ कर आगे सप्लाई दिया जाता है, लेकिन बरसात के दिनों में दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में यह सिस्टम बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाया जाता है। इसमें सीवर से अलग कॉलोनियों में सड़कों के साथ-साथ भूमिगत नाले का निर्माण किया जाता है। इसका लेवल इस तरह से तैयार किया जाता है। जिसमें तेजी से बारिश के पानी की निकासी हो सके। इस सिस्टम से कहीं पर नाले ओवरफ्लो नहीं होते।
इन कॉलोनियों को मिलेगा लाभ
दुर्गा कॉलोनी, सुभाष नगर, शर्मा नगर, आश्रम बस्ती, विकास नगर, लक्ष्मी नगर, गुरुद्वारा कॉलोनी, रामनगर, रघुनगर, बूढ़ाबाबा बस्ती व न्यू कृष्णा कॉलोनी सहित रोहतक व भिवानी रोड को इससे लाभ होगा। इसके अलावा बस स्टैंड बूस्टर का एक एमएलडी पानी भी इसी लाइन से जोड़ा जाएगा।
30 साल पुरानी व्यवस्था
शहर में फिलहाल काम कर रही सीवरेज लाइन करीब 30 साल पुरानी है। उस समय शहर की आबादी करीब एक लाख थी, जो अब तीन लाख के पार जा चुकी है। ऐसे में सामान्य दिनों में घरों से निकलने वाले पानी की मात्रा भी अधिक हो गई है। इसके लिए शहर में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम अपनाया जाना जरूरी है।
सात एमएलडी होगी क्षमता
हांसी रोड पर फिलहाल 15 एमएलडी क्षमता का एसटीपी काम कर रहा है। इसके अलावा यहां सात एमएलडी क्षमता का अतिरिक्त एसटीपी बनाया जाएगा। इसके बाद यहां एसटीपी की कुल क्षमता 22 एमएलडी होगी, जो शहर को जलभराव से निजात दिलवा सकती है।
गलियों में भर जाता है पानी
फिलहाल बारिश के दिनों में काफी दिक्कत होती है। गलियों में पानी भर जाता है। दिन भर पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। इसके लिए कोई इंतजाम किया जाना चाहिए। -नन्ही देवी, गुप्ता कॉलोनी
मिलेगी राहत
पानी की निकासी बड़ी समस्या है। गलियों में दो-तीन फीट तक पानी भर जाता है। इससे लोग घरों में कैद होकर रह जाते हैं। अलग से एसटीपी बनने से इससे जरूर निजात मिलेगी। इस क्षेत्र की यह पुरानी समस्या है। -नरेश, गुप्ता कॉलोनी
पहले रोहतक रोड पर एसटीपी बनाने की योजना थी, लेकिन यहां जमीन मिलने में दिक्कत आ रही थी। अब हांसी रोड पर पहले से बने एसटीपी के साथ ही अतिरिक्त सात एमएलडी एसटीपी बनाया जाएगा। इससे शहर को जलभराव से निजात मिलेगी। इसमें करीब पांच करोड़ रुपये एसटीपी निर्माण और इतनी ही राशि सीवरेज लाइन के लिए खर्च होगी। इसका प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। -बीपी शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।