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प्रश्न पत्र लीक में हर बार आता है जींद का नाम
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जींद। हर बार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में जींद जिले के दामन पर दाग लगते रहे हैं। जिले में इस तरह के बड़े माफिया काम करते हैं, लेकिन प्रशासन इनको रोकने में नाकाम रहा है। शनिवार को हरियाणा पुलिस भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा के दौरान कैथल में प्रश्नपत्र लीक के आरोप में पकड़े गए तीन तीन युवकों से एक जींद जिले का निवासी है।
परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक करवाने का सिलसिला पांच साल पहले एचटेट की परीक्षा के दौरान शुरू हुआ था। तब से जब भी किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है, इनमें जींद का नाम हर बार जुड़ा है। इसके चलते तीन साल तक जींद में एचटेट जैसी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र तक नहीं बनाया गया।
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यह लगे हैं दाग
2016 में एचटेट की परीक्षा चल रही थी। पहली बार ही जींद में परीक्षा केंद्र बनाया गया था। चक्की मोड़ के पास कार में सवार कुछ लोगों पर पुलिस को शक हुआ और पीछा कर उन्हें काबू किया गया। इसमें पाया कि एचटेट परीक्षा के प्रश्नपत्र की आंसर-की उनके पास थी। हालांकि जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र सोनीपत से लीक हुआ था, लेकिन यह मामला जींद में ही दर्ज हुआ। इसके बाद तीन साल पहले एसएससी की क्लर्क की परीक्षा में भी जींद के युवकों का नाम प्रश्नपत्र लीक करवाने में आया। इसी साल जनवरी में हुई ग्राम सचिव की परीक्षा में भी जींद के बाल आश्रम स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में एक युवती को आंसर-की के साथ काबू किया गया। उसे करनाल में तैनात एक पुलिसकर्मी द्वारा आंसर-की मुहैया करवाई गई थी। वहीं करीब चार महीने पहले दिल्ली जिला अदालत के लिए ग्रुप डी की परीक्षा के दौरान उचाना क्षेत्र के काकड़ौद गांव में पुलिस ने छापा मारकर मोबाइल फोन पर प्रश्न पत्र हल करवाने वाले गिरोह को पकड़ा। इसमें दो लोग तो चंडीगढ़ कैग कार्यालय के कर्मचारी संलिप्त मिले। अब फिर से प्रश्न पत्र लीक में जींद के तीन युवकों को कैथल पुलिस द्वारा काबू किया गया है।
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जींद में पुलिस ने परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के पास वाले मोबाइल फोन के टावर भी बंद रखने का फैसला लिया गया। प्रश्नपत्र लीक से जुड़े दो लोगों को काबू कर कैथल पुलिस को सौंपा गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई रहेगी। इस प्रकार के लोगों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।
- वसीम अकरम, एसएसपी, जींद।
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परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक करवाने का सिलसिला पांच साल पहले एचटेट की परीक्षा के दौरान शुरू हुआ था। तब से जब भी किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है, इनमें जींद का नाम हर बार जुड़ा है। इसके चलते तीन साल तक जींद में एचटेट जैसी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र तक नहीं बनाया गया।
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यह लगे हैं दाग
2016 में एचटेट की परीक्षा चल रही थी। पहली बार ही जींद में परीक्षा केंद्र बनाया गया था। चक्की मोड़ के पास कार में सवार कुछ लोगों पर पुलिस को शक हुआ और पीछा कर उन्हें काबू किया गया। इसमें पाया कि एचटेट परीक्षा के प्रश्नपत्र की आंसर-की उनके पास थी। हालांकि जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र सोनीपत से लीक हुआ था, लेकिन यह मामला जींद में ही दर्ज हुआ। इसके बाद तीन साल पहले एसएससी की क्लर्क की परीक्षा में भी जींद के युवकों का नाम प्रश्नपत्र लीक करवाने में आया। इसी साल जनवरी में हुई ग्राम सचिव की परीक्षा में भी जींद के बाल आश्रम स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में एक युवती को आंसर-की के साथ काबू किया गया। उसे करनाल में तैनात एक पुलिसकर्मी द्वारा आंसर-की मुहैया करवाई गई थी। वहीं करीब चार महीने पहले दिल्ली जिला अदालत के लिए ग्रुप डी की परीक्षा के दौरान उचाना क्षेत्र के काकड़ौद गांव में पुलिस ने छापा मारकर मोबाइल फोन पर प्रश्न पत्र हल करवाने वाले गिरोह को पकड़ा। इसमें दो लोग तो चंडीगढ़ कैग कार्यालय के कर्मचारी संलिप्त मिले। अब फिर से प्रश्न पत्र लीक में जींद के तीन युवकों को कैथल पुलिस द्वारा काबू किया गया है।
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जींद में पुलिस ने परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के पास वाले मोबाइल फोन के टावर भी बंद रखने का फैसला लिया गया। प्रश्नपत्र लीक से जुड़े दो लोगों को काबू कर कैथल पुलिस को सौंपा गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई रहेगी। इस प्रकार के लोगों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।
- वसीम अकरम, एसएसपी, जींद।