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14 फीट बनेगी हाउसिंग बोर्ड की गली, साथ में बनेगा फुटपाथ
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Sat, 13 May 2017 12:18 AM IST
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अतिक्रमण तोड़ने के बाद हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी की गली में पड़ा मलबा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तीन महीने से नगर परिषद की बदइंतजामी का खामियाजा भुगत रहे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब डीसी विनय सिंह ने गली के निर्माण के लिए फार्मूला तय किया है। इसके तहत लोगों को भी दिक्कत नहीं होगी और नगर परिषद को भी कब्जा रोकने में मदद मिलेगी।
गली के निर्माण से पहले यहां जनस्वास्थ्य विभाग की डाली गई सीवर लाइन की टेस्टिंग होनी है। जैसे ही टेस्टिंग में सीवर लाइन सही पाई गई, यहां काम शुरू हो जाएगा।
दरअसल करीब तीन महीने पहले नगर परिषद ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की रामा-कृष्णा मंदिर वाली गली के लिए टेंडर किए थे। इसके बाद ठेकेदार को काम अलॉट हुआ और निर्माण के लिए यहां गली उखाड़ दी गई। इसी बीच नगर परिषद के सामने गली के अतिक्रमण का मामला आ गया। इसके बाद नगर परिषद ने गली के निर्माण का काम बीच में ही छोड़ दिया। अब गली निर्माण कार्य रोकने के कारण मलबा भी घरों के बाहर ही पड़ा है। इससे लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी होती है। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को तो घर से निकलते हुए भी डर लगता है।
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यूं उलझा मामला
पहले नगर परिषद यहां 14 फीट गली बना रहा था। इस दौरान अतिक्रमण का कोई जिक्र नहीं था। 14 फुट चौड़ी गली का ही टेंडर भी हुआ। इसी बीच कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई। लोगों के किए गए अतिक्रमण पर कार्रवाई की बात कही। नगर परिषद ने कार्रवाई कर अतिक्रमण हटा दिया। अतिक्रमण हटाने पर लोग अड़ गए कि 14 फीट चौड़ी ही गली बननी थी तो फिर उनके मकान क्यों तोड़े गए। ऐसे में अब नगर परिषद को गली के साथ पक्का फुटपाथ बनाना पड़ेगा।
संस्थाओं ने की पहल
इस गली के निर्माण के लिए शहर की कुछ संस्थाओं ने अपने स्तर पर डीसी विनय सिंह से मुलाकात की थी। इस पर डीसी ने नगर परिषद को बीच का रास्ता निकालते हुए 14 फीट गली बनाते हुए साथ में पक्का फुटपाथ बनाने को कहा है। अब इस योजना पर काम चल रहा है।
मिलेगी राहत
यह गली टूटने से लोगों की जीवन नारकीय हो गया है। इसके निर्माण से राहत मिलेगी। फिलहाल हालत यह है कि देर-सवेर गली से निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -सतीश, निवासी
ठप हो गया है जीवन
गली उखाड़ने से काफी परेशानी है। गली में न तो दूध वाला आ रहा है न ही सब्जी वाला। गली बनेगी तो जीवन सामान्य होगा। -सत्यवान, निवासी
दोबारा बनेगा एस्टीमेट
नई व्यवस्था के अनुसार गली पर काम शुरू करने के लिए दोबारा एस्टीमेट बनाया जाएगा। फिलहाल यहां डाली गई सीवरेज लाइन की टेस्टिंग होनी है। लाइन सही चलने पर ही गली का निर्माण शुरू किया जाएगा। -सतीश गर्ग, एमई, नगर परिषद, जींद।
पटियाला चौक पर चला प्रशासन का डंडा, हटाए अवैध निर्माण
अवैध निर्माण हटाने की कड़ी में शुक्रवार को नगरपरिषद ने पटियाला चौक क्षेत्र में रेलवे रोड और राजेंद्र कॉलोनी में पीला पंजा चलाया। राजेंद्र नगर की गलियों में अतिक्रमण हटाने के बाद तीन से चार फीट तक गलियां चौड़ी हो गई। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान के अनुसार यहां अतिक्रमण हटाकर सरकारी जमीन पर गलियों का निर्माण किया जाएगा, ताकि अतिक्रमण नहीं हो सके।
गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ साल से शहर में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अदालत ने पूरे शहर को अतिक्रमण मुक्त कर रिपोर्ट देने के आदेश नगर परिषद को दिए हैं। हालांकि फिलहाल यह काम काफी ढीला पड़ा है।
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गली के निर्माण से पहले यहां जनस्वास्थ्य विभाग की डाली गई सीवर लाइन की टेस्टिंग होनी है। जैसे ही टेस्टिंग में सीवर लाइन सही पाई गई, यहां काम शुरू हो जाएगा।
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दरअसल करीब तीन महीने पहले नगर परिषद ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की रामा-कृष्णा मंदिर वाली गली के लिए टेंडर किए थे। इसके बाद ठेकेदार को काम अलॉट हुआ और निर्माण के लिए यहां गली उखाड़ दी गई। इसी बीच नगर परिषद के सामने गली के अतिक्रमण का मामला आ गया। इसके बाद नगर परिषद ने गली के निर्माण का काम बीच में ही छोड़ दिया। अब गली निर्माण कार्य रोकने के कारण मलबा भी घरों के बाहर ही पड़ा है। इससे लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी होती है। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को तो घर से निकलते हुए भी डर लगता है।
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यूं उलझा मामला
पहले नगर परिषद यहां 14 फीट गली बना रहा था। इस दौरान अतिक्रमण का कोई जिक्र नहीं था। 14 फुट चौड़ी गली का ही टेंडर भी हुआ। इसी बीच कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई। लोगों के किए गए अतिक्रमण पर कार्रवाई की बात कही। नगर परिषद ने कार्रवाई कर अतिक्रमण हटा दिया। अतिक्रमण हटाने पर लोग अड़ गए कि 14 फीट चौड़ी ही गली बननी थी तो फिर उनके मकान क्यों तोड़े गए। ऐसे में अब नगर परिषद को गली के साथ पक्का फुटपाथ बनाना पड़ेगा।
संस्थाओं ने की पहल
इस गली के निर्माण के लिए शहर की कुछ संस्थाओं ने अपने स्तर पर डीसी विनय सिंह से मुलाकात की थी। इस पर डीसी ने नगर परिषद को बीच का रास्ता निकालते हुए 14 फीट गली बनाते हुए साथ में पक्का फुटपाथ बनाने को कहा है। अब इस योजना पर काम चल रहा है।
मिलेगी राहत
यह गली टूटने से लोगों की जीवन नारकीय हो गया है। इसके निर्माण से राहत मिलेगी। फिलहाल हालत यह है कि देर-सवेर गली से निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -सतीश, निवासी
ठप हो गया है जीवन
गली उखाड़ने से काफी परेशानी है। गली में न तो दूध वाला आ रहा है न ही सब्जी वाला। गली बनेगी तो जीवन सामान्य होगा। -सत्यवान, निवासी
दोबारा बनेगा एस्टीमेट
नई व्यवस्था के अनुसार गली पर काम शुरू करने के लिए दोबारा एस्टीमेट बनाया जाएगा। फिलहाल यहां डाली गई सीवरेज लाइन की टेस्टिंग होनी है। लाइन सही चलने पर ही गली का निर्माण शुरू किया जाएगा। -सतीश गर्ग, एमई, नगर परिषद, जींद।
पटियाला चौक पर चला प्रशासन का डंडा, हटाए अवैध निर्माण
अवैध निर्माण हटाने की कड़ी में शुक्रवार को नगरपरिषद ने पटियाला चौक क्षेत्र में रेलवे रोड और राजेंद्र कॉलोनी में पीला पंजा चलाया। राजेंद्र नगर की गलियों में अतिक्रमण हटाने के बाद तीन से चार फीट तक गलियां चौड़ी हो गई। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान के अनुसार यहां अतिक्रमण हटाकर सरकारी जमीन पर गलियों का निर्माण किया जाएगा, ताकि अतिक्रमण नहीं हो सके।
गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ साल से शहर में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अदालत ने पूरे शहर को अतिक्रमण मुक्त कर रिपोर्ट देने के आदेश नगर परिषद को दिए हैं। हालांकि फिलहाल यह काम काफी ढीला पड़ा है।