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Jind News: बदले दाखिले के शेड्यूल, फिर भी कॉलेजों में खाली रह गईं सीटें
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जींद। जिले के कॉलेजों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की सभी सीटें नहीं भर पाईं। विद्यार्थियों को दाखिले का एक और मौका देते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने छह अक्तूबर तक समय बढ़ाया था। इससे पहले भी यूजी दाखिले के शेड्यूल में कई बार बदलाव किया जा चुका है जबकि पीजी में भी दो बार संशोधित कार्यक्रम जारी हुआ। इसके बावजूद कॉलेजों में सीटें खाली रह गई हैं।
जिले के 17 राजकीय व निजी कॉलेजों में यूजी पाठ्यक्रमों की करीब 10,500 सीटें हैं। वहीं छह कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रमों की लगभग एक हजार सीटें निर्धारित हैं। संत शिरोमणि श्री सेन भगत महाविद्यालय में ही यूजी के 13 संकायों की 1,770 सीटों में से 349 और पीजी के छह संकायों की 280 सीटों में से 98 सीटें अभी खाली हैं।
पीजी दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन 17 जुलाई से सात अगस्त तक मांगे गए थे। संशोधित कार्यक्रम के तहत पहली मेरिट सूची 24 अगस्त को जारी हुई और विद्यार्थियों को 25 से 27 अगस्त तक फीस जमा कराने का समय दिया गया। इसके बाद 28 अगस्त से फिजिकल काउंसिलिंग शुरू हुई। 29 अगस्त को पोर्टल दोबारा खोला गया, जिसमें नए आवेदन और विषय बदलने का विकल्प दिया गया। बाद में लेट फीस के साथ दाखिले की प्रक्रिया भी जारी रही।
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यूजी में छह बार बदला कार्यक्रम, फिर भी कम रुचि
यूजी दाखिले की प्रक्रिया पांच मई से शुरू हुई थी। मई से अक्तूबर तक विभाग को करीब छह बार शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा। शुरुआत में कई पाठ्यक्रमों में मेरिट सूची 100 से अधिक अंक तक पहुंची, लेकिन इसके बावजूद विद्यार्थियों ने दाखिला लेने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। कॉलेजों की मांग पर छह अक्तूबर तक समय बढ़ाया गया था।
अब नए शेड्यूल की उम्मीद कम
खाली सीटों पर दाखिले के लिए विभाग ने छह अक्तूबर तक समय दिया था। पहले भी कई बार शेड्यूल में बदलाव किया गया है। अब दोबारा नया शेड्यूल आने की संभावना कम है। कॉलेज में यूजी और पीजी की कुछ सीटें खाली रह गई हैं। -डॉ. सत्यवान मलिक, प्राचार्य संत शिरोमणि श्री सेन भगत महाविद्यालय
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जिले के 17 राजकीय व निजी कॉलेजों में यूजी पाठ्यक्रमों की करीब 10,500 सीटें हैं। वहीं छह कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रमों की लगभग एक हजार सीटें निर्धारित हैं। संत शिरोमणि श्री सेन भगत महाविद्यालय में ही यूजी के 13 संकायों की 1,770 सीटों में से 349 और पीजी के छह संकायों की 280 सीटों में से 98 सीटें अभी खाली हैं।
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पीजी दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन 17 जुलाई से सात अगस्त तक मांगे गए थे। संशोधित कार्यक्रम के तहत पहली मेरिट सूची 24 अगस्त को जारी हुई और विद्यार्थियों को 25 से 27 अगस्त तक फीस जमा कराने का समय दिया गया। इसके बाद 28 अगस्त से फिजिकल काउंसिलिंग शुरू हुई। 29 अगस्त को पोर्टल दोबारा खोला गया, जिसमें नए आवेदन और विषय बदलने का विकल्प दिया गया। बाद में लेट फीस के साथ दाखिले की प्रक्रिया भी जारी रही।
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यूजी में छह बार बदला कार्यक्रम, फिर भी कम रुचि
यूजी दाखिले की प्रक्रिया पांच मई से शुरू हुई थी। मई से अक्तूबर तक विभाग को करीब छह बार शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा। शुरुआत में कई पाठ्यक्रमों में मेरिट सूची 100 से अधिक अंक तक पहुंची, लेकिन इसके बावजूद विद्यार्थियों ने दाखिला लेने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। कॉलेजों की मांग पर छह अक्तूबर तक समय बढ़ाया गया था।
अब नए शेड्यूल की उम्मीद कम
खाली सीटों पर दाखिले के लिए विभाग ने छह अक्तूबर तक समय दिया था। पहले भी कई बार शेड्यूल में बदलाव किया गया है। अब दोबारा नया शेड्यूल आने की संभावना कम है। कॉलेज में यूजी और पीजी की कुछ सीटें खाली रह गई हैं। -डॉ. सत्यवान मलिक, प्राचार्य संत शिरोमणि श्री सेन भगत महाविद्यालय