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राशन कार्ड नहीं बनने से परेशान लोगों ने दो घंटे तक किया रोहतक रोड मार्ग जाम
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Tue, 02 May 2017 12:43 AM IST
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रोड जाम के दौरान अपने राशनकार्ड को दिखाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक रोड स्थित खाद्य एवं पूर्ति विभाग कार्यालय में सोमवार को गांव और शहर के आसपास लोगों ने राशन कार्ड नहीं बनने को लेकर हंगामा किया। इसके बाद रोहतक रोड मार्ग को जाम कर दिया। हंगामे के बाद डीएफएससी राजेश कुमार आर्य ने आदेश जारी कर सभी प्रकार की त्रुटियों को डिपो होल्डर के माध्यम से ठीक करवाने के लिए आदेश जारी किए हैं।
लोगों के हंगामे के बीच रोहतक रोड करीब दो घंटे तक जाम रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद खाद्य आपूर्ति कार्यालय में कर्मचारी नदारद मिले तो कुछ देर बाद लोगों ने फिर से जाम लगा दिया।
कार्यालय के बाहर नारेबाजी के बीच कुछ कर्मचारी सामने आए। वहीं कई कर्मचारी अपने को बचाने के लिए कमरे बंद कर लिया। इस दौरान कमरे में बैठे कर्मचारियों को जब लोगों ने देखा तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस पर गेट को थपथपा कर कर्मचारियों को बाहर आने को कहा, जिसके बाद पुलिस ने लोगों को शांत करवाया। लोगों ने अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि इसी से परेशान होकर रोहतक रोड मार्ग को जाम करना पड़ा।
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रास्ते से गुजरने वालों से उलझे
रोहतक रोड मार्ग को जाम कर रहे लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया। कि मार्ग से गुजरने वाले लोगों ही उलझ गए। इस दौरान ट्रैक्टर चालक जब अपने गंतव्य की ओर जा रहा था तो लोगों ने रोक लिया, लेकिन चालक ने इसका विरोध किया। विरोध करने मामला और भी बढ़ गया। मामला बढ़ते-बढ़ते ट्रैक्टर चालक से हाथापाई हो गई। लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर लोगों को शांत करवाया।
पिछले पांच माह से काट रही चक्कर
पिछले पांच माह से राशन कार्ड बनवाने के लिए यहां दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन अब तक राशन कार्ड नहीं बना, इससे काफी परेशानी हो रही है। दफ्तरों में कर्मचारी भी उन्हें कभी 10 दिन का समय तो कभी ये कह देते हैं, कि अभी सर्वर डाउन चल रहा है।
-बिमला, कंडेला गांव।
नहीं दी जाती सही जानकारी
कई दिनों से राशन कार्ड में नाम दर्ज करवाने को लेकर कार्यालय के चक्कर काट रही हूं, लेकिन कार्यालय मेें कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं होता और इससे समय पर कोई कार्य नहीं हो पाता। कर्मचारियों की ओर से सही जानकारी भी नहीं दी जाती। -सुषमालता, साहपुर गांव।
पिछले कई महीनों से कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं। लेकिन अभी तक ये नहीं पता कि कब तक हमारा कार्य पूरा हो पाएगा। डिपो होल्डर ने राशन देना बंद कर दिया है। कहते हैं कि अपने राशन कार्ड में हुई गलतियों को पहले ठीक करवा कर लाइए। -संतोष, स्थानीय निवासी।
जिला भर में स्टाफ की कमी है। सात सेंटरों पर केवल तीन ही प्रोग्रामर हैं। ऐसे में सभी को अतिरिक्त चार्ज किया गया है। जींद में कार्यरत प्रोग्रामर को दो दिन जुलाना का भी काम देखना होता है। सोमवार के कारण अधिक भीड़ आ गई और सभी लोग एक साथ अपना काम करवाना चाहते थे। एक त्रुटि को ठीक करने में 10 से 15 मिनट लगते हैं। इसके कारण ही लोगों ने हंगामा किया है। अब सभी त्रुटियां और अन्य काम राशन डिपो होल्डर के माध्यम से करवाए जाएंगे। -राजेश कुमार आर्य, डीएफएससी
लोगों के हंगामे के बीच रोहतक रोड करीब दो घंटे तक जाम रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद खाद्य आपूर्ति कार्यालय में कर्मचारी नदारद मिले तो कुछ देर बाद लोगों ने फिर से जाम लगा दिया।
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कार्यालय के बाहर नारेबाजी के बीच कुछ कर्मचारी सामने आए। वहीं कई कर्मचारी अपने को बचाने के लिए कमरे बंद कर लिया। इस दौरान कमरे में बैठे कर्मचारियों को जब लोगों ने देखा तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस पर गेट को थपथपा कर कर्मचारियों को बाहर आने को कहा, जिसके बाद पुलिस ने लोगों को शांत करवाया। लोगों ने अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि इसी से परेशान होकर रोहतक रोड मार्ग को जाम करना पड़ा।
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रास्ते से गुजरने वालों से उलझे
रोहतक रोड मार्ग को जाम कर रहे लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया। कि मार्ग से गुजरने वाले लोगों ही उलझ गए। इस दौरान ट्रैक्टर चालक जब अपने गंतव्य की ओर जा रहा था तो लोगों ने रोक लिया, लेकिन चालक ने इसका विरोध किया। विरोध करने मामला और भी बढ़ गया। मामला बढ़ते-बढ़ते ट्रैक्टर चालक से हाथापाई हो गई। लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर लोगों को शांत करवाया।
पिछले पांच माह से काट रही चक्कर
पिछले पांच माह से राशन कार्ड बनवाने के लिए यहां दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन अब तक राशन कार्ड नहीं बना, इससे काफी परेशानी हो रही है। दफ्तरों में कर्मचारी भी उन्हें कभी 10 दिन का समय तो कभी ये कह देते हैं, कि अभी सर्वर डाउन चल रहा है।
-बिमला, कंडेला गांव।
नहीं दी जाती सही जानकारी
कई दिनों से राशन कार्ड में नाम दर्ज करवाने को लेकर कार्यालय के चक्कर काट रही हूं, लेकिन कार्यालय मेें कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं होता और इससे समय पर कोई कार्य नहीं हो पाता। कर्मचारियों की ओर से सही जानकारी भी नहीं दी जाती। -सुषमालता, साहपुर गांव।
पिछले कई महीनों से कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं। लेकिन अभी तक ये नहीं पता कि कब तक हमारा कार्य पूरा हो पाएगा। डिपो होल्डर ने राशन देना बंद कर दिया है। कहते हैं कि अपने राशन कार्ड में हुई गलतियों को पहले ठीक करवा कर लाइए। -संतोष, स्थानीय निवासी।
जिला भर में स्टाफ की कमी है। सात सेंटरों पर केवल तीन ही प्रोग्रामर हैं। ऐसे में सभी को अतिरिक्त चार्ज किया गया है। जींद में कार्यरत प्रोग्रामर को दो दिन जुलाना का भी काम देखना होता है। सोमवार के कारण अधिक भीड़ आ गई और सभी लोग एक साथ अपना काम करवाना चाहते थे। एक त्रुटि को ठीक करने में 10 से 15 मिनट लगते हैं। इसके कारण ही लोगों ने हंगामा किया है। अब सभी त्रुटियां और अन्य काम राशन डिपो होल्डर के माध्यम से करवाए जाएंगे। -राजेश कुमार आर्य, डीएफएससी