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कर्मचारियों ने मंत्रियों के साथ पीएम और सीएम पर भी निशाना
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:43 PM IST
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रैली में नारे लगाती महिला कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एकलव्य स्टेडियम के पास हुई सर्वकर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय रैली में विभागों के मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी कर्मचारी नेताओं के निशाने पर रहे। नोट बंदी से लेकर विभागों की कार्यप्रणाली तक पर सरकार को आड़े हाथों लिया। पूर्व कर्मचारी नेता सत्यपाल सिवाच ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आज लोग विदेशों में कंपनियां बनाकर मोटे टैक्स की चोरी कर रहे हैं। पूंजीपतियों को लूट की खुली छूट दे रखी है, लेकिन पीएम के फैसले ने आम आदमी को एक-एक पैसे का मोहताज बना दिया है।
वहीं सर्वकर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि मुख्यमंत्री गाय, गंगा और गीता की बात करते हैं, जबकि प्रदेश का कर्मचारी तो कर्म में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरा काम करेगा और इसका पूरा दाम भी लेगा। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
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नहीं मानेंगे कैशलेस व्यवस्था
रैली के मंच से कर्मचारियों ने सरकार के उस फरमान का भी विरोध किया, जिसमें कर्मचारियों को हर सप्ताह एक कैशलेस ट्रांजेक्शन करने को कहा गया है। कर्मचारियों ने कहा कि यह गैर कानूनी फैसला है और इसे कर्मचारी नहीं मानेंगे।
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जेल जाने को तैयार हैं रिटायर्ड कर्मचारी
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता आरसी जग्गा ने कहा कि हर आंदोलन में रिटायर्ड कर्मचारी जेल जाने को तैयार हैं। उन्हें तो दाल रोटी खानी हैं, वह जेल भी मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कम से कम तीन हजार रुपये मेडिकल भत्ता तय करना चाहिए। सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बोझ समझती है।