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एक दाना भी बारिश में नहीं होने देंगे खराब
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Tue, 19 Apr 2016 11:50 PM IST
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जायजा लेते मंत्री।
- फोटो : bureau
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प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि अनाज मंडियों में जरूरत के हिसाब से शेडों का निर्माण कराया जाएगा। किसानों की मेहनत से तैयार हुई फसल का एक भी दाना मंडियों में बरसात की वजह से खराब नहीं होने दिया जाएगा। अनाज मंडियों में जरूरत के अनुसार शेडों के निर्माण के लिए मार्केट कमेटी प्रस्ताव तैयार कर भिजवाएं। उन्होंने प्रदेश भर की अनाज मंडियों में पुख्ता व्यवस्थाएं होने का दावा किया।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंगलवार को नई अनाज मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इस मौके पर डीसी विनय सिंह, खाद्य आपूर्ति विभाग नियंत्रक अशोक कुमार भी मौजूद रहे। कंबोज ने कहा कि पहले अनाज मंडियों में कच्चे में गेहूं डाला जाता था। इसके बाद शेड बने, फिलहाल जिन अनाज मंडियों में शेडों की कमी हैं। वहां शेड बनवाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों का एक भी दाना गेहूं नहीं भीगे, इसके लिए आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को अनाज मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने आढ़तियों से भी बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसके लिए विधायक और मंत्रीगण लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं। इसके अलावा निरीक्षण के लिए कई टीमों का गठन भी किया गया है। अभी तक मंडियों का जो जायजा लिया गया है, उनमें तमाम प्रकार की सुविधाएं मंडियों में पाई गई हैं।
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आढ़तियों ने मंत्री के सम्मुख मंडी की चार दिवारी को ऊंचा कराने और यहां दो हाई मास्क लाइट लगवाने की मांग की। इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मंडी की चार दीवारी को ऊंचा करवाने के लिए तुरंत प्रस्ताव कर भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मंडी परिसर में दो हाई मास्क लाइट लगाने के भी निर्देश दिए।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने आढ़तियों से पूछा कि बरसात होने की सूरत में क्या आढ़तियों के पास पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था है। इस पर आढ़तियों ने कहा कि मंडी में हर आढ़ती के पास पर्याप्त मात्रा में तिरपालों की व्यवस्था है। अगर बरसात होती है तो एक भी गेहूं का दाना खराब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मंडी में गेहूं के उठान के बारे में बताया कि मंडी से प्रतिदिन लगभग एक लाख गेहूं के बैगों का उठान हो रहा हैं। फसल उतारने के लिए मंडी में पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
आढ़तियों ने समय पर पेमेंट और बारदाना नहीं मिलने की दी शिकायत
दी फूड ग्रेन डीलर्स वेलफेयर आढ़ति एसोसिएशन के प्रधान मनीष गोयल व आढ़तियों ने मंत्री के समक्ष उठान व पेमेंट को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आढ़तियों ने कहा कि हैफेड एजेंसी द्वारा समय पर गेहूं की पेमेंट नहीं दी जा रही है। हैफेड द्वारा गेहूं उठान के बाद 72 घंटे में पेमेंट दी जाती है। इस बार गेहूं की आवक की तुलना में उठान काफी धीमा है, जिससे आढ़तियों को उनकी समय पर पेमेंट का भुगतान करने में आढ़तियों को परेशानी हो रही है। आढ़तियों ने हैफेड द्वारा समय पर बारदाना भी समय पर नहीं पहुंचाने की शिकायत दी।
बंपर पैदावार हुई, किसानों ने नहीं मांगा बोनस
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कंबोज ने कहा कि इस बार प्रदेश में गेहूूं की बंपर पैदावार हुई है। अब तक मंडियों में गेहूं की रिकार्ड तोड़ आवक हुई है। प्रति एकड़ करीब 20 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है और गेहूं की गुणवत्ता भी अच्छी है। ऐसे में किसानों ने इस बार गेहूं के बोनस की मांग नहीं की है। अगर किसानों की तरफ से इस तरह की कोई मांग की जाती है, तो बोनस पर विचार किया जाएगा।
डीसी की कार्यशैली को सराहा
निरीक्षण के दौरान आढ़तियों व किसानों ने मंत्री के समक्ष डीसी विनय सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा की। आढ़तियों व किसानों ने कहा कि डीसी दिन-रात मंडियों के दौरे कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। अगर किसी प्रकार की समस्या होती भी है, तो डीसी उसका तुरंत हल कराते हैं। मंत्री ने भी मंडियों में पुख्ता व्यवस्थाओं का श्रेय डीसी को देते हुए उनकी प्रशंसा की।
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खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंगलवार को नई अनाज मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इस मौके पर डीसी विनय सिंह, खाद्य आपूर्ति विभाग नियंत्रक अशोक कुमार भी मौजूद रहे। कंबोज ने कहा कि पहले अनाज मंडियों में कच्चे में गेहूं डाला जाता था। इसके बाद शेड बने, फिलहाल जिन अनाज मंडियों में शेडों की कमी हैं। वहां शेड बनवाए जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि किसानों का एक भी दाना गेहूं नहीं भीगे, इसके लिए आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को अनाज मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने आढ़तियों से भी बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसके लिए विधायक और मंत्रीगण लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं। इसके अलावा निरीक्षण के लिए कई टीमों का गठन भी किया गया है। अभी तक मंडियों का जो जायजा लिया गया है, उनमें तमाम प्रकार की सुविधाएं मंडियों में पाई गई हैं।
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आढ़तियों ने मंत्री के सम्मुख मंडी की चार दिवारी को ऊंचा कराने और यहां दो हाई मास्क लाइट लगवाने की मांग की। इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मंडी की चार दीवारी को ऊंचा करवाने के लिए तुरंत प्रस्ताव कर भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मंडी परिसर में दो हाई मास्क लाइट लगाने के भी निर्देश दिए।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने आढ़तियों से पूछा कि बरसात होने की सूरत में क्या आढ़तियों के पास पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था है। इस पर आढ़तियों ने कहा कि मंडी में हर आढ़ती के पास पर्याप्त मात्रा में तिरपालों की व्यवस्था है। अगर बरसात होती है तो एक भी गेहूं का दाना खराब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मंडी में गेहूं के उठान के बारे में बताया कि मंडी से प्रतिदिन लगभग एक लाख गेहूं के बैगों का उठान हो रहा हैं। फसल उतारने के लिए मंडी में पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
आढ़तियों ने समय पर पेमेंट और बारदाना नहीं मिलने की दी शिकायत
दी फूड ग्रेन डीलर्स वेलफेयर आढ़ति एसोसिएशन के प्रधान मनीष गोयल व आढ़तियों ने मंत्री के समक्ष उठान व पेमेंट को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आढ़तियों ने कहा कि हैफेड एजेंसी द्वारा समय पर गेहूं की पेमेंट नहीं दी जा रही है। हैफेड द्वारा गेहूं उठान के बाद 72 घंटे में पेमेंट दी जाती है। इस बार गेहूं की आवक की तुलना में उठान काफी धीमा है, जिससे आढ़तियों को उनकी समय पर पेमेंट का भुगतान करने में आढ़तियों को परेशानी हो रही है। आढ़तियों ने हैफेड द्वारा समय पर बारदाना भी समय पर नहीं पहुंचाने की शिकायत दी।
बंपर पैदावार हुई, किसानों ने नहीं मांगा बोनस
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कंबोज ने कहा कि इस बार प्रदेश में गेहूूं की बंपर पैदावार हुई है। अब तक मंडियों में गेहूं की रिकार्ड तोड़ आवक हुई है। प्रति एकड़ करीब 20 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है और गेहूं की गुणवत्ता भी अच्छी है। ऐसे में किसानों ने इस बार गेहूं के बोनस की मांग नहीं की है। अगर किसानों की तरफ से इस तरह की कोई मांग की जाती है, तो बोनस पर विचार किया जाएगा।
डीसी की कार्यशैली को सराहा
निरीक्षण के दौरान आढ़तियों व किसानों ने मंत्री के समक्ष डीसी विनय सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा की। आढ़तियों व किसानों ने कहा कि डीसी दिन-रात मंडियों के दौरे कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। अगर किसी प्रकार की समस्या होती भी है, तो डीसी उसका तुरंत हल कराते हैं। मंत्री ने भी मंडियों में पुख्ता व्यवस्थाओं का श्रेय डीसी को देते हुए उनकी प्रशंसा की।