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अलेवा में सीएचसी, नगूरां में पीएचसी का रास्ता साफ

Tue, 09 May 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जींद
अमर उजाला ब्यूरो जींद Updated Tue, 09 May 2017 12:23 AM IST
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अलेवा पीएचसी का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एक महीने पहले अलेवा क्षेत्र के लिए एक सीएचसी और पीएचसी की स्वीकृति की थी। इसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने इन दोनों केंद्रों के लिए राशि भी स्वीकृत कर दी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की परेशानी से दो चार हो रहे अलेवा-नगूरां व आसपास के क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी।
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इसकी सूचना स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक कार्यालय ने जींद के सिविल सर्जन को पत्र भेज कर सूचना दी है। पत्र के अनुसार अलेवा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अलेवा में पहले ही स्वास्थ्य विभाग के पास जगह है। यहां पहले से बनी पीएचसी के साथ ही अतिरिक्त भवन बनाकर सीएचसी बनाया जाएगा। इसके लिए 592.83 लाख रुपये स्वीकार किए गए हैं। वहीं नगूरां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण किया जाना है। इसके लिए 333.90 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग नगूरां पीएचसी के लिए इसके लिए 12कर्मचारियों के पद भी स्वीकृत कर चुका है।
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नगूरां में जमीन तलाशी, विभागीय स्वीकृत का इंतजार
पीएचसी के लिए नगूरां गांव में स्वास्थ्य विभाग ने दो एकड़ से अधिक जमीन भी चिह्नित की है। अभी इस जमीन पर विभागी स्वीकृति होनी है। इसके स्वीकृत होते ही यहां पीएचसी के निर्माण का काम शुरू हो सकेगा।
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पीएचसी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं की बहुत ही छोटी यूनिट होती है। यहां खांसी, जुकाम और बुखार जैसी साधारण बीमारियों के अलावा सिर्फ प्राथमिक उपचार की ही सुविधा होती है। नियमानुसार पीएचसी पर दो बेड की इनडोर सेवा भी होनी चाहिए। पीएचसी पर सामान्य डिलीवरी की सुविधा होती है। यहां एक चिकित्सा अधिकारी का पद भी स्वीकृत होता है।

सीएचसी
सीएचसी अस्पताल और पीएचसी के बीच की यूनिट होती है। यहां वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी का पद होता है और उनके साथ तीन-चार चिकित्सक होते हैं। इनमें दंत चिकित्सक, सामान्य रोग के चिकित्सक होते हैं। इसके अलावा एक लेडी मेडिकल ऑफिसर (एलएमओ) का भी पद होता है। यहां सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सुविधा होती है। सीएचसी में पांच से दस बेड की इनडोर सुविधा होती है।


सरकार ने बजट स्वीकार कर राशि का प्रावधान कर दिया है। अब भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जल्द ही यहां भवन बनाकर लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी। -डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
 
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