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बिग बॉस सीजन-10 में शिरकत करेगी जींद की रेसलर हार्ड केडी
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:31 AM IST
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सूट सलवार में दिल्ली की रेसलर बुलबुल की चुनौती स्वीकार करती कविता दलाल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नरेंद्र कुंडू। राष्ट्रीय स्तर पर नौ वर्षों तक वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली जींद जिले के गांव मालवी निवासी वेटलिफ्टर कविता दलाल अब कांटीनेंटल रेसलिंग इंटरटेनमेंट (सीडब्ल्यूई) में बतौर रेसलर के रूप में धूम मचा रही हैं। कविता महज तीन दिन के प्रशिक्षण के दौरान दिल्ली की मशहूर रेसलर बुलबुल की चुनौती को स्वीकार कर उन्हें रिंग में धूल चटा चुकी हैं। सीडब्ल्यूई के रिंग में कविता अब हार्ड केडी के नाम से अपनी एक नई पहचान बना चुकी हैं।
कविता का अब अगला लक्ष्य देश के मशहूर रेसलर द ग्रेट खली की तर्ज पर डब्ल्यूडब्ल्यूई (वर्ल्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट) में तिरंगा लहराना है। यदि हार्ड केडी अपने इस मुकाम तक पहुंचने में कामयाब हो जाती है, तो वह देश की पहली महिला रेसलर बन जाएंगी। इसके लिए कविता दलाल ने अक्तूबर में दा ग्रेट खली द्वारा गुरुग्राम में आयोजित कराई जा रही सीडब्ल्यूई में भाग लेने वाले विदेशी रेसलरों को भी चुनौती दी है। डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में फाइट करने के लिए कविता जालंधर में स्थित खली की एकेडमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। इसके लिए कविता प्रतिदिन आठ घंटे अभ्यास कर रही हैं। सीडब्ल्यूई में लगातार बढ़ रही कविता की लोकप्रियता को देख बिग बॉस-10 के घर में शामिल होने के लिए कविता को निमंत्रण मिल चुका है। उन्होंने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
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यह है कविता के जीवन का सफर
जींद जिले के मालवी गांव निवासी कविता ने जुलाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं की कक्षा पास की। कविता के बड़े भाई संजय ने कविता को वेट लिफ्टिंग के खेल के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2002 में कविता ने फरीदाबाद में वेट लिफ्टिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्ष 2003 में कविता ने प्रशिक्षण के लिए बरेली साईं हॉस्टल में दाखिला लिया, लेकिन यहां के प्रशिक्षण से कविता संतुष्ट न हो पाईं। वर्ष 2004 में कविता ने लखनऊ से अपना प्रशिक्षण शुरू किया, जो 2007 तक जारी रहा। प्रशिक्षण के साथ-साथ कविता ने अपनी पढ़ाई का सफर भी जारी रखा। 2005 में कविता ने बीए की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2008 में कविता ने एसएसबी में बतौर कांस्टेबल के पद पर नौकरी ज्वाइन की। वर्ष 2009 में कविता की शादी बड़ौत (उत्तरप्रदेश) निवासी गौरव से हुई।
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गौरव भी एसएसबी में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं और वॉलीबाल के अच्छे खिलाड़ी हैं। नौकरी के दौरान वर्ष 2010 में कविता ने विभाग से कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए बाहर से प्रशिक्षण दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन विभाग की तरफ से उसे कोई सहयोग नहीं मिला। इससे निराश होकर कविता ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और कविता यूपी स्थित अपनी ससुराल में रहने लगीं। पति गौरव ने कविता को फिर से खेलों के लिए प्रेरित किया। पति से मिले सहयोग के बाद कविता ने फिर से वेटलिफ्टिंग में अपना अभ्यास शुरू कर दिया।
वेटलिफ्टिंग में यह रही कविता दलाल की उपलब्धियां
1. वर्ष 2006 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
2. वर्ष 2007 में नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता।
3. वर्ष 2008 में नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता।
4. वर्ष 2010 में नेशनल वुशू चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता।
5. वर्ष 2011 में राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
6. वर्ष 2013 में नेशनल भारोत्तोलन में स्वर्ण जीता।
7. वर्ष 2014 में नेशनल भारोत्तोलन में स्वर्ण जीता।
8. वर्ष 2015 में केरल में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण जीता।
9. वर्ष 2016 में गुवाहाटी में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता।
प्रतिदिन आठ घंटे अभ्यास करती हैं कविता दलाल
वेटलिफ्टिंग के बाद कविता दलाल अब सीडब्ल्यूई के रिंग में कठोर परिश्रम कर रही हैं। कविता दिन में आठ घंटे अभ्यास करती हैं। रिंग में उतरने से पहले जिम और एक्सरसाइज करती हैं। इसके बाद सुबह और शाम को दो से तीन घंटे खली की निगरानी में रिंग में अभ्यास करती हैं।
पहली ही फाइट में नेशनल रेसलर को कर दिया चित
कविता दलाल ने सीडब्ल्यूई के रिंग में महज तीन दिन के प्रशिक्षण के बाद ही नेशनल रेसलर बुलबुल की चुनौती को स्वीकार कर लिया। बुलबुल ने जब रिंग में खड़े होकर फाइट करने के लिए रेसलरों को ललकारा तो ऑडियंस में बैठी कविता ने बुलबुल की चुनौती स्वीकार की। कविता सूट सलवार में ही रिंग में कूद पड़ीं। रिंग में सूट सलवार में उतरीं कविता को देख सभी दर्शक हैरान थे। कविता ने अपनी पहली फाइट में नेशनल रेसलर बुलबुल को रिंग में चित कर दिया। कविता की इस फाइट का एक विडियो कई दिनों तक सोशल मीडिया पर भी छाया रहा।
बिग बॉस में भी करूंगी हरियाणा का नाम रोशन
सीडब्ल्यूई से मुझे एक नई पहचान मिली है। इस खेल में मेरी बढ़ती प्रसिद्धि को देखते हुए मुझे बिग बॉस सीजन-10 में शामिल होने का ऑफर मिला है। मैने यह ऑफर स्वीकार कर लिया है। जैसे ही बिग बॉस से कार्यक्रम का शेड्यूल मिलेगा, मैं इसमें शामिल होकर यहां पर अपने हरियाणा का नाम रोशन करूंगी।
-कविता दलाल, रेसलर, सीडब्ल्यूई
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी कविता
कविता बहुत ही मेहनती लड़की है। एक बार जब वह लक्ष्य निर्धारित कर लेती है, तो फिर उसे पूरा करके ही दम लेती है। वेटलिफ्टिंग के बाद कविता का लक्ष्य सीडब्ल्यूई में विदेशी रेसलरों को धूल चटाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही कविता इस लक्ष्य को पूरा करेगी। अभी कविता को बिग बॉस में शामिल होने का ऑफर मिला है। बिग बॉस में भी कविता जरूरी विजयी रहेगी।
-संजय दलाल, भाई