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काल बनकर सड़कों पर घ्ाूम रहे लावारिस पशु
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:06 AM IST
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जिले की सड़कों पर भारी तादात में गोवंश ने कब्जा जमा लिया है। भटकते आवारा गोवंश न तो खुद सुरक्षित है और न ही राहगीर। गोवंश और नंदी गायों के चलते पिछले एक माह के दौरान ही सड़क पर सांड़ों की टक्कर से तीन दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। वहीं शनिवार रात अलग-अलग स्थान सड़क पर बैठे गोवंश से टकराकर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए। जबकि पिछले दिनों सफीदों में सड़क किनारे चल रही पांच वर्षीय बच्ची के ऊपर से भी सांड़ निकल गया। इसमें गनीमत यह रही कि बच्ची की जान बच गई। करीब 5000 गाय-सांड़ 24 घंटे शहर के विभिन्न चौराहों और मुख्य बाजार में विचरण करते देखे जा सकते हैं। इसके अलावा भारी संख्या में ऐसे गोवंश भी सड़कों पर घूमते है। जिन्हें उनके मालिक सुबह दूध दुह कर पेट भरने को छोड़ देते हैं और फिर शाम को वापस दूध दुह कर घर में बांध लेते हैं। आवारा गोवंश शहर के नागरिकों के लिए मुसीबत बने हैं। आमजन के लिए आफत बने आवारा गोवंश से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने फिलहाल कोई कदम नहीं उठाया है।
किनाना के निकट हादसे में मौत
पुलिस के अनुसार गांव मनोहरपुर निवासी सुरेश अपने साथी संदीप के साथ बाइक पर सवार होकर गांव करसोला जा रहे थे। जब वह गांव किनाना के निकट पहुंचे, तो सड़क के बीच में बैठे सांड़ से बाइक की टक्कर हो गई। इसमें सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संदीप गंभीर रुप से घायल हो गया। जबकि शनिवार रात को ही अलग-अलग स्थान पर सांड़ों से टकराने से गांव ढाणी निवासी चांदीराम, कैथल निवासी सुनील, रोहतक निवासी अजमेर, सुरेश, अर्बन एस्टेट निवासी नवीन, राजेश घायल हो गए।
मिल्क प्लांट को नोटिस जारी
गोवंश के अलावा शहर और आसपास के क्षेत्र में नंदी गायों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि गांव कंडेला स्थित लक्ष्य मिल्क प्लांट की तरफ से इन नंदी को छोड़ा जा रहा है। इसके चलते प्लांट को नोटिस जारी करके इसके बारे में जवाब मांगा है। प्लांट के अंतर्गत आने वाली सभी पशुओं को चिन्हित करने के आदेश दिए है। प्लांट की तरफ से जवाब आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने प्लांट के अंतर्गत आने वाले सभी नंदी गायों और अन्य पशुओं की पहचान के लिए टेगिंग करवाएंगे। अगर उसके बावजूद भी प्लांट ने कार्रवाई नहीं की, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए है।
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गऊ सेवा आयोग के सामने उठाएंगे मामला
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़कों पर लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ने के चलते सड़क हादसों में इजाफा हुआ है और यातायात व्यवस्था बनाने में भी भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है। 31 अगस्त को जींद में होने वाली गऊ सेवा आयोग की बैठक में इस समस्या का समाधान करने का मुद्दा पुलिस प्रशासन की तरफ से उठाया जाएगा।
शहर में बना रहे जाम की स्थिति
गर्मी का मौसम होने के चलते गोवंश अब रात के समय सड़कों पर डेरा जमा रहे हैं। जगह-जगह पर काफी संख्या में सांड़ सड़कों पर बैठने के चलते शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। लेकिन सड़कों पर जाम इन सांड़ों को हटाने के लिए रात को प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विधायक भी हो चुके हैं शिकार
विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा करीब दो साल पहले सांड़ की चपेट में आ चुके हैं। इस हादसे के बाद से उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है। डॉ. मिढ़ा के अनुसार सरकार और प्रशासन को लावारिस पशुओं पर लगाम लगाने के लिए यथा शीघ्र योजना बनानी चाहिए।
कई लोग गवा चुक हैं जान
सांड़ों के चपेट में आने से कई लोग अपनी जान तक गवा चुके हैं। इसमें सामान्य अस्पताल के डॉ. अश्वनी शर्मा, एडवोकेट कमल गोस्वामी की मौत हो चुकी है। वहीं जाट संस्था के महासचिव मास्टर रणसिंह भी सांड़ों की चपेट में आ चुके हैं। 25 जुलाई को दालमवाला गांव का एक युवक भी सांड़ की चपेट में आने से घायल हो चुका है। तीन अगस्त को सफीदों के हाट रोड पर अपनी दादी के साथ जा रही बच्ची के ऊपर से भागता हुआ सांड़ निकल गया था।
गोवंश से बाहर हो नंदी
सड़कों पर गोवंश के जमावड़े के कारण हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। पिछले दिनों जिला अदालत में भी याचिका डाली थी। इसमें नगर परिषद को लावारिस पशुओं को हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक इसकी तरफ कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए अब हाईकोर्ट में इसके लिए जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि नंदियों को भी गोवंश में शामिल किया जा रहा है, लेकिन सरकार को चाहिए कि नंदियों को गोवंश से बाहर किया जाए, ताकि इनकी संख्या कम हो सके।
हितेश हिंदुस्तानी, टीम अन्ना।
लावारिस पशुओं के कारण हो रहे हादसों के कारण पुलिस गंभीर है। इसके लिए लावारिस पशुओं पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। रात को सड़कों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को उचित कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं। शशांक आनंद, एसएसपी जींद
किनाना के निकट हादसे में मौत
पुलिस के अनुसार गांव मनोहरपुर निवासी सुरेश अपने साथी संदीप के साथ बाइक पर सवार होकर गांव करसोला जा रहे थे। जब वह गांव किनाना के निकट पहुंचे, तो सड़क के बीच में बैठे सांड़ से बाइक की टक्कर हो गई। इसमें सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संदीप गंभीर रुप से घायल हो गया। जबकि शनिवार रात को ही अलग-अलग स्थान पर सांड़ों से टकराने से गांव ढाणी निवासी चांदीराम, कैथल निवासी सुनील, रोहतक निवासी अजमेर, सुरेश, अर्बन एस्टेट निवासी नवीन, राजेश घायल हो गए।
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मिल्क प्लांट को नोटिस जारी
गोवंश के अलावा शहर और आसपास के क्षेत्र में नंदी गायों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि गांव कंडेला स्थित लक्ष्य मिल्क प्लांट की तरफ से इन नंदी को छोड़ा जा रहा है। इसके चलते प्लांट को नोटिस जारी करके इसके बारे में जवाब मांगा है। प्लांट के अंतर्गत आने वाली सभी पशुओं को चिन्हित करने के आदेश दिए है। प्लांट की तरफ से जवाब आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने प्लांट के अंतर्गत आने वाले सभी नंदी गायों और अन्य पशुओं की पहचान के लिए टेगिंग करवाएंगे। अगर उसके बावजूद भी प्लांट ने कार्रवाई नहीं की, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए है।
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गऊ सेवा आयोग के सामने उठाएंगे मामला
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़कों पर लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ने के चलते सड़क हादसों में इजाफा हुआ है और यातायात व्यवस्था बनाने में भी भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है। 31 अगस्त को जींद में होने वाली गऊ सेवा आयोग की बैठक में इस समस्या का समाधान करने का मुद्दा पुलिस प्रशासन की तरफ से उठाया जाएगा।
शहर में बना रहे जाम की स्थिति
गर्मी का मौसम होने के चलते गोवंश अब रात के समय सड़कों पर डेरा जमा रहे हैं। जगह-जगह पर काफी संख्या में सांड़ सड़कों पर बैठने के चलते शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। लेकिन सड़कों पर जाम इन सांड़ों को हटाने के लिए रात को प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विधायक भी हो चुके हैं शिकार
विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा करीब दो साल पहले सांड़ की चपेट में आ चुके हैं। इस हादसे के बाद से उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है। डॉ. मिढ़ा के अनुसार सरकार और प्रशासन को लावारिस पशुओं पर लगाम लगाने के लिए यथा शीघ्र योजना बनानी चाहिए।
कई लोग गवा चुक हैं जान
सांड़ों के चपेट में आने से कई लोग अपनी जान तक गवा चुके हैं। इसमें सामान्य अस्पताल के डॉ. अश्वनी शर्मा, एडवोकेट कमल गोस्वामी की मौत हो चुकी है। वहीं जाट संस्था के महासचिव मास्टर रणसिंह भी सांड़ों की चपेट में आ चुके हैं। 25 जुलाई को दालमवाला गांव का एक युवक भी सांड़ की चपेट में आने से घायल हो चुका है। तीन अगस्त को सफीदों के हाट रोड पर अपनी दादी के साथ जा रही बच्ची के ऊपर से भागता हुआ सांड़ निकल गया था।
गोवंश से बाहर हो नंदी
सड़कों पर गोवंश के जमावड़े के कारण हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। पिछले दिनों जिला अदालत में भी याचिका डाली थी। इसमें नगर परिषद को लावारिस पशुओं को हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक इसकी तरफ कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए अब हाईकोर्ट में इसके लिए जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि नंदियों को भी गोवंश में शामिल किया जा रहा है, लेकिन सरकार को चाहिए कि नंदियों को गोवंश से बाहर किया जाए, ताकि इनकी संख्या कम हो सके।
हितेश हिंदुस्तानी, टीम अन्ना।
लावारिस पशुओं के कारण हो रहे हादसों के कारण पुलिस गंभीर है। इसके लिए लावारिस पशुओं पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। रात को सड़कों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को उचित कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं। शशांक आनंद, एसएसपी जींद