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रोडवेज की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:19 AM IST
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जींद बस स्टैंड पर नारेबाजी करते रोडवेज कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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निजीकरण के विरोध में शुरू की गई रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हालांकि रोडवेज की बसों के पहिए थमे रहे, लेकिन निजी ऑपरेटरों की 64 बसें लोगों का सहारा बनीं। इन बसों और कैब के सहारे लोग अपनी मंजिलों तक पहुंचे। वहीं रोडवेज कर्मचारियों और सरकार के बीच चंडीगढ़ में बातचीत में कोई समझौता नहीं हो सका, जिससे अभी हड़ताल समाप्त होने के आसार नहीं हैं।
पिछले दो दिनों की भांति ही मंगलवार को भी यात्री बस स्टैंड पर पहुंचे, लेकिन रोडवेज की हड़ताल के चलते काफी निराशा हुई। हालांकि लोगों को निजी बसों का सहारा मिला, लेकिन ये बस छोटे रूटों पर ही चल रही हैं। सबसे अधिक परेशानी चंडीगढ़ दिल्ली जाने वाले यात्रियों को आई। वहीं भिवानी, कैथल जैसे रूटों पर भी निजी बसों का परिचालन न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अप्रेंटिस के लिए पहुंचे विद्यार्थियों की सूची फाड़ी, आज होगी कार्रवाई
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे अधिक खामियाजा आईटीआई के उन छात्रों को भुगतना पड़ा, जो मंगलवार को अप्रेंटिस का साक्षात्कार देने के लिए डिपो पहुंचे थे। इसके लिए वर्कशॉप में सूची भी तैयार की गई और यह चस्पा भी की गई। इस दौरान एक रोडवेज कर्मचारी ने इसका विरोध करते हुए सूची को दीवार से फाड़ दिया। हालांकि अधिकारियों सूची लगाने का आह्वान किया, लेकिन हड़ताल पर चल रहे कर्मचारी इसके लिए तैयार नहीं हुए। रोडवेज के महाप्रबंधक आरएस पूनिया के अनुसार बुधवार को सूची दोबारा लगाकर साक्षात्कार किया जाएगा।
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रोडवेज कर्मचारी बोले निजीकरण के खिलाफ जारी रहेगा आंदोलन
वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड के अंदर ही धरना जारी रखा। यहां हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान महीपाल बिघाना ने कहा कि जब तक सरकार निजी बसों के परमिट वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार 10 हजार नई बस बेड़े में शामिल करती है, तो इससे 50 हजार युवाओं को नौकरी मिलेगी।
पांच लाख रुपये का नुकसान
रोडवेज को मंगलवार की हड़ताल से करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं शनिवार व रविवार की हड़ताल से करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।