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जाट आरक्षण आंदोलन : आरक्षण संघर्ष समिति ने की तैयारी, प्रशासन भी अलर्ट
jind
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:36 AM IST
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बड़ौदा गांव में लोगों से संपर्क साधते कैप्टन रणधीर सिंह चहल।
- फोटो : bureau
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पांच जून को झांझ कलां गांव में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा की जाने वाली रैली और धरने के लिए समिति के पदाधिकारियों ने ताकत झोंकी दी है। समिति के पदाधिकारी आठ गाड़ियों के साथ जिले भर में लोगों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं, आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन ने भी किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी कर ली है। जींद के अलावा अब सफीदों, जुलाना और अलेवा में भी केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। गौरतलब है कि जिलेभर में केंद्रीय सुरक्षा बलों की छह कंपनी पहुंच चुकी हैं।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के केंद्रीय कमेटी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल के अनुसार, पांच जून की रैली में कई जातियों के लोग शामिल होंगे। इसके लिए झांझ कलां गांव के पास तैयारियां कर दी गई हैं। रैली को नियंत्रित रखने के लिए 150 वालंटियर लगाए गए हैं। इसके अलावा वाहनों की पार्किंग की भी अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि सड़क अवरुद्ध नहीं हो।
बॉक्स
लोगों को नहीं सरकार पर भरोसा
कैप्टन रणधीर सिंह चहल के अनुसार समिति के पदाधिकारियों ने वीरवार को दिल्ली में हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार से मुलाकात की थी। सरकार की ओर से पांच जून का कार्यक्रम टालने की अपील भी आई, लेकिन लोगों को सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए कार्यक्रम टालने पर सहमति नहीं बन पाई।
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शांतिपूर्ण होगा आंदोलन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति शांतिपूर्वक आंदोलन के पक्ष में है। यही कारण है कि इस बार आंदोलन गांवों में रखा गया है, ताकि कोई भी उपद्रवी धरने में नहीं घुस सके। समिति उपद्रव करने वालों के साथ नहीं खिलाफ है।
कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
जाट आरक्षण आंदोलन की आहट से हरकत में आया प्रशासन
पिल्लूखेड़ा। जाट नेताओं द्वारा आरक्षण के लिए पांच जून से दोबारा से आंदोलन शुरू करने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। आंदोलन के दौरान उपद्रव को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारी जनता की शरण में पहुंच कर लोगों से सहयोग की मांग कर रहे हैं।
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आंदोलन के दौरान किसी प्रकार का उपद्रव नहीं हो इसके लिए उपायुक्त विनय सिंह तथा एसएसपी राकेश आर्य ने शुक्रवार को पिल्लूखेड़ा की अनाज मंडी में खंड के सभी पंचों, सरपंचों व गणमान्य लोगों की बैठक ली और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। डीसी विनय सिंह ने कहा कि समाज सभी लोगों के मेलजोल से आगे बढ़ता है। इसलिए समाज को तोड़ने की बजाए आगे बढ़ाने का काम करें। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा नेता विनोद सिंगला, सफीदों के एसडीएम बलराज जाखड़, डीएसपी हरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मान सिंह, बीडीपीओ धर्मबीर, एसएचओ सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
एसएसपी की लोगों को दो टूक
पिछली बार पुलिस से जो गलती हुई, इस बार नहीं होगी
एसएसपी राकेश आर्य ने लोगों को कहा कि फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो गलती पुलिस से हुई है, इस बार वह गलती नहीं होगी। यदि किसी भी व्यक्ति ने आंदोलन की आड़ में उपद्रव करने की कोशिश की तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगी। इसके लिए उन्होंने पुलिस को पहले से ही अनुमति दे दी है। वहीं, एसएसपी ने क्षेत्र के लोगों से आंदोलन के दौरान पिल्लूखेड़ा थाना से लूटे गए हथियारों को भी पुलिस को मुहैया करवाने की अपील की। गौरतलब है कि अभी तक 12 हथियार बरामद नहीं हो पाए हैं।
सफेदपोशों के बहकावे में नहीं आएं
वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद सिंगला ने कहा कि कुछ तथाकथित नेता समाज के हितैषी बनकर अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए जनता को गुमराह करते रहते हैं और जब मुख्यमंत्री या किसी मंत्री से उनकी बातचीत होती है तो उस दौरान वह समाज की मांगों को रखने की बजाए अपने रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने की चिट थमाकर अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं। इसलिए ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आएं।
पूर्व थाना प्रभारी की थपथपाई पीठ
विनोद सिंगला ने कहा कि भले ही उनकी बात एसएसपी साहब को बुरी लगे लेकिन यह सचाई है कि पिल्लूखेड़ा थाने के पूर्व एसएचओ मनदीप सिंह एक ईमानदार अधिकारी थे। क्षेत्र से अपराध को खत्म करने में उनका विशेष सहयोग रहा है। लेकिन वही ईमानदार अधिकारी कुछ उपद्रवियों की गलती के कारण अपनी नौकरी से हाथ धो बैठा है।
डीसी ने कहा, जनप्रतिनिधि आंदोलन में शामिल हुए तो होगी कार्रवाई
सफीदों। जाट आरक्षण के मध्य नजर जिला प्रशासन द्वारा सफीदों के नागक्षेत्र हाल में शुक्रवार को गांवों व शहर के चुनिंदा लोगों की विशेष बैठक हुई। इसमें गांवों के सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्यों, नंबरदारों और चौकीदारों तथा शहर के नवनिर्वाचित पार्षदों ने हिस्सा लिया। डीसी विनय सिंह ने लोगों से कहा कि वे अपने गांव में समुदाय के नाम पर कोई भी गतिविधियां नहीं होने दें। जो शरारती तत्व इस तरह के कार्य करते है उन्हें रोकें। अगर गांव के मुखिया सरपंच, चौकीदार या नंबरदार आंदोलन में शामिल पाए गए तो उन पर सरकार की गाज गिर सकती है। अगर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो उसकी भरपाई गांव के उसकी भरपाई करवाई जाएगी। डीसी विनय सिंह ने कहा के कहा कोई भी व्यक्ति इंटरनेट पर अफवाह फैलाता पाया गया तो उसके भी दंड मिलेगा।
रेलवे पुलिस भी सतर्क
जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल भी चौकस हो गया है। धरना स्थल के पास जुलाना रेलवे क्रॉसिंग के पास आरपीएफ ने दस जवानों को तैनात कर दिया है। आरपीएफ के थाना प्रभारी जीबी जोशी के अनुसार आंदोलन को देखते हुए आरपीएफ पूरी तरह सतर्क है।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के केंद्रीय कमेटी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल के अनुसार, पांच जून की रैली में कई जातियों के लोग शामिल होंगे। इसके लिए झांझ कलां गांव के पास तैयारियां कर दी गई हैं। रैली को नियंत्रित रखने के लिए 150 वालंटियर लगाए गए हैं। इसके अलावा वाहनों की पार्किंग की भी अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि सड़क अवरुद्ध नहीं हो।
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लोगों को नहीं सरकार पर भरोसा
कैप्टन रणधीर सिंह चहल के अनुसार समिति के पदाधिकारियों ने वीरवार को दिल्ली में हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार से मुलाकात की थी। सरकार की ओर से पांच जून का कार्यक्रम टालने की अपील भी आई, लेकिन लोगों को सरकार पर भरोसा नहीं है, इसलिए कार्यक्रम टालने पर सहमति नहीं बन पाई।
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शांतिपूर्ण होगा आंदोलन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति शांतिपूर्वक आंदोलन के पक्ष में है। यही कारण है कि इस बार आंदोलन गांवों में रखा गया है, ताकि कोई भी उपद्रवी धरने में नहीं घुस सके। समिति उपद्रव करने वालों के साथ नहीं खिलाफ है।
कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
जाट आरक्षण आंदोलन की आहट से हरकत में आया प्रशासन
पिल्लूखेड़ा। जाट नेताओं द्वारा आरक्षण के लिए पांच जून से दोबारा से आंदोलन शुरू करने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। आंदोलन के दौरान उपद्रव को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारी जनता की शरण में पहुंच कर लोगों से सहयोग की मांग कर रहे हैं।
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आंदोलन के दौरान किसी प्रकार का उपद्रव नहीं हो इसके लिए उपायुक्त विनय सिंह तथा एसएसपी राकेश आर्य ने शुक्रवार को पिल्लूखेड़ा की अनाज मंडी में खंड के सभी पंचों, सरपंचों व गणमान्य लोगों की बैठक ली और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। डीसी विनय सिंह ने कहा कि समाज सभी लोगों के मेलजोल से आगे बढ़ता है। इसलिए समाज को तोड़ने की बजाए आगे बढ़ाने का काम करें। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा नेता विनोद सिंगला, सफीदों के एसडीएम बलराज जाखड़, डीएसपी हरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार मान सिंह, बीडीपीओ धर्मबीर, एसएचओ सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
एसएसपी की लोगों को दो टूक
पिछली बार पुलिस से जो गलती हुई, इस बार नहीं होगी
एसएसपी राकेश आर्य ने लोगों को कहा कि फरवरी माह में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो गलती पुलिस से हुई है, इस बार वह गलती नहीं होगी। यदि किसी भी व्यक्ति ने आंदोलन की आड़ में उपद्रव करने की कोशिश की तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगी। इसके लिए उन्होंने पुलिस को पहले से ही अनुमति दे दी है। वहीं, एसएसपी ने क्षेत्र के लोगों से आंदोलन के दौरान पिल्लूखेड़ा थाना से लूटे गए हथियारों को भी पुलिस को मुहैया करवाने की अपील की। गौरतलब है कि अभी तक 12 हथियार बरामद नहीं हो पाए हैं।
सफेदपोशों के बहकावे में नहीं आएं
वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद सिंगला ने कहा कि कुछ तथाकथित नेता समाज के हितैषी बनकर अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए जनता को गुमराह करते रहते हैं और जब मुख्यमंत्री या किसी मंत्री से उनकी बातचीत होती है तो उस दौरान वह समाज की मांगों को रखने की बजाए अपने रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने की चिट थमाकर अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं। इसलिए ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आएं।
पूर्व थाना प्रभारी की थपथपाई पीठ
विनोद सिंगला ने कहा कि भले ही उनकी बात एसएसपी साहब को बुरी लगे लेकिन यह सचाई है कि पिल्लूखेड़ा थाने के पूर्व एसएचओ मनदीप सिंह एक ईमानदार अधिकारी थे। क्षेत्र से अपराध को खत्म करने में उनका विशेष सहयोग रहा है। लेकिन वही ईमानदार अधिकारी कुछ उपद्रवियों की गलती के कारण अपनी नौकरी से हाथ धो बैठा है।
डीसी ने कहा, जनप्रतिनिधि आंदोलन में शामिल हुए तो होगी कार्रवाई
सफीदों। जाट आरक्षण के मध्य नजर जिला प्रशासन द्वारा सफीदों के नागक्षेत्र हाल में शुक्रवार को गांवों व शहर के चुनिंदा लोगों की विशेष बैठक हुई। इसमें गांवों के सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्यों, नंबरदारों और चौकीदारों तथा शहर के नवनिर्वाचित पार्षदों ने हिस्सा लिया। डीसी विनय सिंह ने लोगों से कहा कि वे अपने गांव में समुदाय के नाम पर कोई भी गतिविधियां नहीं होने दें। जो शरारती तत्व इस तरह के कार्य करते है उन्हें रोकें। अगर गांव के मुखिया सरपंच, चौकीदार या नंबरदार आंदोलन में शामिल पाए गए तो उन पर सरकार की गाज गिर सकती है। अगर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो उसकी भरपाई गांव के उसकी भरपाई करवाई जाएगी। डीसी विनय सिंह ने कहा के कहा कोई भी व्यक्ति इंटरनेट पर अफवाह फैलाता पाया गया तो उसके भी दंड मिलेगा।
रेलवे पुलिस भी सतर्क
जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल भी चौकस हो गया है। धरना स्थल के पास जुलाना रेलवे क्रॉसिंग के पास आरपीएफ ने दस जवानों को तैनात कर दिया है। आरपीएफ के थाना प्रभारी जीबी जोशी के अनुसार आंदोलन को देखते हुए आरपीएफ पूरी तरह सतर्क है।