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जसबीर कुंडू के सिर सजा प्रधानी का ताज
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:29 AM IST
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जीत के बाद जसबीर कुंडू को बधाई देते वकील।
- फोटो : jind
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जिला बार एसोसिएशन के प्रधान पद पर जसबीर कुंडू ने बाजी मार ली। उन्हें 258 वोट मिले और शिव कुमार भारद्वाज को 43 वोट से हराया। उपप्रधान पद पर सुरजीत ने तो सचिव के पद पर सुरेंद्र रेढू ने अपना कब्जा जमाया। वहीं, राज्य बार काउंसिल से काटे गए आठ वोटों को बहाल कर दिया था, लेकिन इनका चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इन वोटों की गिनती नहीं की गई। कुल 520 वोटों ने ही प्रधान की चौधर का फैसला किया।
चुनाव के मद्देनजर सुबह से ही बार रूम के बाहर काफी चहल-पहल रही। चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवार मतदान कक्ष के बाहर डटे रहे और हर आने वाले वकील से अपने लिए वोट की अपील की। तीन बजे तक मतदान के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई तो सभी की धड़कनें बढ़ने लगीं। शाम करीब साढ़े चार बजे चुनाव परिणाम आया और जितने वाले खेमों में खुशी की लहर दौड़ गई। चुनाव अधिकारी आरके हुड्डा ने बताया कि 520 में से 486 वोट पोल हुए। उन्होंने बताया कि प्रधान पद के लिए 486 में से जसबीर कुंडू को 258, मुकेश लाठर को 11 व शिव कुमार भारद्वाज को 215 वोट मिले हैं।
ऐसे में जसबीर कुंडू को 43 मतों से विजयी घोषित किया गया। उप प्रधान पद के लिए सुरजीत को 186 मत मिले और वे 32 वोटों से विजयी रहे। उनके प्रतिद्वंद्वियों में सुशील गुप्ता को 154 व विजेंद्र नेहरा को 145 मत मिले। सचिव के लिए हुए मतदान में हेमंत सुखीजा को 101, संजीत मलिक को 145 व सुरेंद्र रेढू को 238 मत मिले। सुरेंद्र रेढू 93 मतों से विजयी हुए। सह सचिव पद के लिए कामायनी दुग्गल को 236 व संदीप श्योकंद को 247 मत मिले। इसमें तीन मत रद्द हुए। संदीप श्योकंद कामायनी दुग्गल को 11 मतों से हाराकर सह सचिव बने।
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कटे वोटों पर चली रार, आठ वोट पड़े
चंदा नहीं देने और प्रैक्टिस नहीं करने पर जिला बार ने कुल 163 लोगों के वोट काटे थे। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आठ वोट बन पाईं। इन सभी की वोट अलग से पोल करवाई गई और गिनती में उनको शामिल नहीं किया गया।
साजिश के तहत काटी वोट
हमारी वोट साजिश के तहत काटी गई थी। वार का नियमित चंदा नहीं देने के आरोप में वोट काटा गया, जबकि मैंने चंद दिया है। इसके बाद मुझे वोट का अधिकार मिला है। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद आठ लोगों को वोट का अधिकार मिला।
- नरेंद्र कौशिक, वकील
बार के भाईचारे और मजबूती के लिए होगा काम
यह चुनाव भाईचारे का चुनाव है। इसमेें हार जीत कुछ नहीं होती। बार के सदस्यों ने जो जिम्मेदार दी है, वे उस पर खरा उतने का प्रयास करेंगे। बार की भलाई और सदस्यों के भाईचारे के लिए काम किया जाएगा।
- जसबीर कुंडू, नवनिर्वाचित प्रधान
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चुनाव के मद्देनजर सुबह से ही बार रूम के बाहर काफी चहल-पहल रही। चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवार मतदान कक्ष के बाहर डटे रहे और हर आने वाले वकील से अपने लिए वोट की अपील की। तीन बजे तक मतदान के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई तो सभी की धड़कनें बढ़ने लगीं। शाम करीब साढ़े चार बजे चुनाव परिणाम आया और जितने वाले खेमों में खुशी की लहर दौड़ गई। चुनाव अधिकारी आरके हुड्डा ने बताया कि 520 में से 486 वोट पोल हुए। उन्होंने बताया कि प्रधान पद के लिए 486 में से जसबीर कुंडू को 258, मुकेश लाठर को 11 व शिव कुमार भारद्वाज को 215 वोट मिले हैं।
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ऐसे में जसबीर कुंडू को 43 मतों से विजयी घोषित किया गया। उप प्रधान पद के लिए सुरजीत को 186 मत मिले और वे 32 वोटों से विजयी रहे। उनके प्रतिद्वंद्वियों में सुशील गुप्ता को 154 व विजेंद्र नेहरा को 145 मत मिले। सचिव के लिए हुए मतदान में हेमंत सुखीजा को 101, संजीत मलिक को 145 व सुरेंद्र रेढू को 238 मत मिले। सुरेंद्र रेढू 93 मतों से विजयी हुए। सह सचिव पद के लिए कामायनी दुग्गल को 236 व संदीप श्योकंद को 247 मत मिले। इसमें तीन मत रद्द हुए। संदीप श्योकंद कामायनी दुग्गल को 11 मतों से हाराकर सह सचिव बने।
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कटे वोटों पर चली रार, आठ वोट पड़े
चंदा नहीं देने और प्रैक्टिस नहीं करने पर जिला बार ने कुल 163 लोगों के वोट काटे थे। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आठ वोट बन पाईं। इन सभी की वोट अलग से पोल करवाई गई और गिनती में उनको शामिल नहीं किया गया।
साजिश के तहत काटी वोट
हमारी वोट साजिश के तहत काटी गई थी। वार का नियमित चंदा नहीं देने के आरोप में वोट काटा गया, जबकि मैंने चंद दिया है। इसके बाद मुझे वोट का अधिकार मिला है। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद आठ लोगों को वोट का अधिकार मिला।
- नरेंद्र कौशिक, वकील
बार के भाईचारे और मजबूती के लिए होगा काम
यह चुनाव भाईचारे का चुनाव है। इसमेें हार जीत कुछ नहीं होती। बार के सदस्यों ने जो जिम्मेदार दी है, वे उस पर खरा उतने का प्रयास करेंगे। बार की भलाई और सदस्यों के भाईचारे के लिए काम किया जाएगा।
- जसबीर कुंडू, नवनिर्वाचित प्रधान