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बाहरी लोगों को आंदोलन से दूर रखें
jaat quota
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:16 AM IST
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केंद्र तथा प्रदेश में आरक्षण रद होने के बाद दोबारा आंदोलन की रणनीति बना रहे जाट नेताओं में जींद रैली के दौरान फूट साफ नजर आई। इसी फूट के बीच जाटों ने फिर से एकजुटता का संकल्प लिया है।
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रैली से पहले ही कई खापों के प्रतिनिधियों ने रैली की तारीख पर सवाल उठाए थे। इससे पहले 20 दिसंबर को जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा गोहना में तथा आदर्श जाट महासभा द्वारा नरवाना में कार्यक्रम किए गए। इसी बीच तीसरा कार्यक्रम रैली के रूप में जींद में हुआ। इससे लोगों के बीच में जाट एकता पर सवाल उठ रहे थे।
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वहीं, जींद रैली के मंच से भी बिना नाम लिए जाट नेता यशपाल मलिक की ओर इशारा किया गया। सर्व जाट खाप के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, गठवाला खाप के अशोक मलिक, राठी खाप के तस्वीर राठी जैसे नेताओं ने साफ किया कि बाहरी लोगों को आंदोलन से दूर रखा जाए। जिनका केंद्र लखनऊ में होना चाहिए, वे वहीं आंदोलन करें। इससे आरक्षण के आंदोलन में फूट साफ नजर आई।
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आरक्षण के पक्ष में
हम आरक्षण के पक्ष में हैं और हमेशा इसके लिए आंदोलन भी करते रहेंगे। हमारी नाराजगी सिर्फ अपने स्तर पर ही रैली की तारीख तय करने से है। अपने साथियों के साथ बातचीत कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। मैं नहीं चाहता कि आरक्षण के आंदोलन में फूट हो।
टेकराम कंडेला, प्रधान कंडेला खाप
हर हाल में होगा आंदोलन
जो लोग आंदोलन की तारीख तय करके वापस ले लेते हैं, वे आंदोलन को कमजोर कर रहे हैं। इसी बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। हम 15 जनवरी को हिसार में मीटिंग कर इस हिसाब से आंदोलन की तारीख तय करेंगे कि यदि 15 फरवरी का आंदोलन ये लोग वापस भी लेते हैं तो आंदोलन हर हाल में होगा।
यशपाल मलिक, अध्यक्ष जाट आरक्षण संषर्ष समिति
सभी को एकजुट करने का होगा प्रयास
15 फरवरी अभी दूर है। इससे पहले आंदोलन को मजबूत करने के लिए सभी खापों, संघर्ष समिति, युवा संगठन और अन्य संगठनों को एक जुट करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार को चुनौती देनी है तो अकेला संगठन की बजाय सभी को साथ आना होगा।
इंद्र सिंह ढुल, प्रधान ढुल खाप
मीटिंग कर बनाएंगे रणनीति
आंदोलन के लिए मीटिंग कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। प्रयास रहेगा कि सभी को एक साथ लेकर आंदोलन किया जाए। इसके लिए जाट नेताओं से बातचीत हुई है। जल्द ही इसको लेकर मीटिंग बुलाई जाएगी।
कमांडेंट हवा सिंह सांगवान, जाट आरक्षण संघर्ष समिति।