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Jind News: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हुई बौद्धिक संपदा अधिकार कार्यशाला
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24जेएनडी01: कार्यशाला में अतिथियों को सम्मानित करते हुए। कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में एक दिवसीय आईआईसी और आईपीआर सेल के संयुक्त तत्वावधान में बौद्धिक संपदा अधिकारों की समसामयिक प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने की।
सेल की संयोजिका रेखा सैनी और आईआईसी संयोजिका डॉ. प्रियंका साहनी ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिजाइन आदि के प्रति जागरूक करना है, ताकि वह न केवल अपनी रचनात्मकता की रक्षा कर सके, बल्कि उसे व्यवसाय अवसरों में भी बदल सकें।
प्रथम सत्र में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से असिस्टेंट प्रोफेसर कुमारी प्रेक्षा जैन ने बौद्धिक संपदा के मूलभूत सिद्धांतों के बारे में बताया कि कैसे आज के डिजिटल युग में यह अधिकार व्यवसाय और व्यक्तिगत पहचान की रक्षा के लिए अनिवार्य हो गए हैं। द्वितीय सत्र में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से ही वाणिज्य विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर मीनू ने समझाया कि कैसे इन अधिकारों के माध्यम से नवाचार व शोध को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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तीसरे वक्ता जिला न्यायालय से अधिवक्ता दर्शन ढांडा ने कानूनी प्रावधानों, उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध विधिक उपायों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. उपासना, नीलम, डॉ. सीमा दलाल, डॉ. निकिता, कुमारी वंशिका जिंदल, डॉ. रचना दलाल, सीमा व कुमारी सुरभि मौजूद रही।
फोटो कैप्शन
24जेएनडी01: कार्यशाला में अतिथियों को सम्मानित करते हुए। कॉलेज
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जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में एक दिवसीय आईआईसी और आईपीआर सेल के संयुक्त तत्वावधान में बौद्धिक संपदा अधिकारों की समसामयिक प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने की।
सेल की संयोजिका रेखा सैनी और आईआईसी संयोजिका डॉ. प्रियंका साहनी ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिजाइन आदि के प्रति जागरूक करना है, ताकि वह न केवल अपनी रचनात्मकता की रक्षा कर सके, बल्कि उसे व्यवसाय अवसरों में भी बदल सकें।
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प्रथम सत्र में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से असिस्टेंट प्रोफेसर कुमारी प्रेक्षा जैन ने बौद्धिक संपदा के मूलभूत सिद्धांतों के बारे में बताया कि कैसे आज के डिजिटल युग में यह अधिकार व्यवसाय और व्यक्तिगत पहचान की रक्षा के लिए अनिवार्य हो गए हैं। द्वितीय सत्र में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से ही वाणिज्य विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर मीनू ने समझाया कि कैसे इन अधिकारों के माध्यम से नवाचार व शोध को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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तीसरे वक्ता जिला न्यायालय से अधिवक्ता दर्शन ढांडा ने कानूनी प्रावधानों, उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध विधिक उपायों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. उपासना, नीलम, डॉ. सीमा दलाल, डॉ. निकिता, कुमारी वंशिका जिंदल, डॉ. रचना दलाल, सीमा व कुमारी सुरभि मौजूद रही।
फोटो कैप्शन
24जेएनडी01: कार्यशाला में अतिथियों को सम्मानित करते हुए। कॉलेज