{"_id":"69050710eca31156df091d05","slug":"instructions-to-bring-the-dead-body-to-the-mortuary-in-an-ambulance-and-not-on-a-stretcher-jind-news-c-199-1-sroh1009-143199-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: मोर्चरी तक शव को स्ट्रेचर नहीं एंबुलेंस में लाने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: मोर्चरी तक शव को स्ट्रेचर नहीं एंबुलेंस में लाने के निर्देश
Sat, 01 Nov 2025 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
31जेएनडी28: नागरिक अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में निरीक्षण करते हुए डीजी हेल्थ डॉ. अनिल बिरला। स
जींद। एनक्वास (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) की टीम ने शहर के नागरिक अस्पताल का शुक्रवार को दौरा कर वहां मौजूद सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान टीम ने इमरजेंसी से लेकर मोर्चरी तक शव को स्ट्रेचर पर नहीं बल्कि एंबुलेंस में लाने के निर्देश दिए।
अस्पताल में अभी तक शव को वार्ड से मोर्चरी तक स्ट्रेचर पर ले जाया जाता है। यहां पर रास्ता भी ठीक नहीं है। इसके कारण परिजनों को भावनात्मक पीड़ा होती है और अस्पताल परिसर में असुविधा पैदा होती है। इस दौरान यहां पर मृतक के परिजनों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
इनका उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। यह टीम अंबाला से जांच के लिए जींद पहुंची। इसमें डॉ. टीम ने अस्पताल में दौरा करने बाद मोर्चरी में कई तरह की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसके अलावा कई गंभीर मामलों में पोस्टमार्टम ऑनलाइन भी करना होता है। इसके लिए यहां पर वाई फाई की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। शव को इमरजेंसी में रखने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाने के भी निर्देश दिए गए।
वहीं, अन्य वार्डों में भी जो खामियां टीम को मिली उनको दुरुस्त्त करवाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि नागरिक अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद कुछ बुनियादी सुविधाओं में कमी है। इन सभी सुविधाओं को टीम ने जल्द से जल्द लागू करवाने के निर्देश दिए।
नवंबर तक सुविधाएं पूरी करने का आश्वासन
नागरिक अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज भर्ती होते हैं। ऐसे में सुविधाओं का अभाव परिजनों के लिए दोहरी पीड़ा बन जाता है। एनक्वास की इस पहल से उम्मीद है कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नवंबर में यह सुविधाएं पूरी करने के लिए काम किया जाएगा।
इमरजेंसी की ओटी में भी मिली गंदगी
डीजी हेल्थ डॉ. अनिल बिरला भी शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी का दौरा किया। जहां पर उनको सुविधाएं संतोषजनक नहीं मिली। हालांकि अस्पताल की इमरजेंसी स्थित माइनर ओटी में साफ सफाई भी ठीक नहीं मिली। इसके अलावा इमरजेंसी में बैड की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में एनक्वास की टीम ने जो सुधार के निर्देश दिए हैं। उन पर काम किया जाएगा, ताकि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद
विज्ञापन
अस्पताल में अभी तक शव को वार्ड से मोर्चरी तक स्ट्रेचर पर ले जाया जाता है। यहां पर रास्ता भी ठीक नहीं है। इसके कारण परिजनों को भावनात्मक पीड़ा होती है और अस्पताल परिसर में असुविधा पैदा होती है। इस दौरान यहां पर मृतक के परिजनों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
इनका उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। यह टीम अंबाला से जांच के लिए जींद पहुंची। इसमें डॉ. टीम ने अस्पताल में दौरा करने बाद मोर्चरी में कई तरह की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसके अलावा कई गंभीर मामलों में पोस्टमार्टम ऑनलाइन भी करना होता है। इसके लिए यहां पर वाई फाई की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। शव को इमरजेंसी में रखने के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाने के भी निर्देश दिए गए।
वहीं, अन्य वार्डों में भी जो खामियां टीम को मिली उनको दुरुस्त्त करवाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि नागरिक अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद कुछ बुनियादी सुविधाओं में कमी है। इन सभी सुविधाओं को टीम ने जल्द से जल्द लागू करवाने के निर्देश दिए।
नवंबर तक सुविधाएं पूरी करने का आश्वासन
नागरिक अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज भर्ती होते हैं। ऐसे में सुविधाओं का अभाव परिजनों के लिए दोहरी पीड़ा बन जाता है। एनक्वास की इस पहल से उम्मीद है कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नवंबर में यह सुविधाएं पूरी करने के लिए काम किया जाएगा।
इमरजेंसी की ओटी में भी मिली गंदगी
डीजी हेल्थ डॉ. अनिल बिरला भी शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी का दौरा किया। जहां पर उनको सुविधाएं संतोषजनक नहीं मिली। हालांकि अस्पताल की इमरजेंसी स्थित माइनर ओटी में साफ सफाई भी ठीक नहीं मिली। इसके अलावा इमरजेंसी में बैड की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में एनक्वास की टीम ने जो सुधार के निर्देश दिए हैं। उन पर काम किया जाएगा, ताकि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके।-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद