{"_id":"6a1dcd0838fa8df32d09f59e","slug":"inld-launches-protest-against-rising-inflation-and-unemployment-stages-demonstration-at-headquarters-jind-news-c-199-1-sroh1009-154370-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ इनेलो ने खोला मोर्चा, मुख्यालय पर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ इनेलो ने खोला मोर्चा, मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
विज्ञापन
01जेएनडी04: बढ़ती महंगाई के विरोध में लघु सचिवालय में विरोध प्रदर्शन करते इनेलो कार्यकर्ता व पद
जींद। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सोमवार को बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष विजेंद्र रेढू के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर ईंधन की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
जिला अध्यक्ष विजेंद्र रेढू ने कहा कि पिछले कुछ समय से डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी और तारकोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे आमजन का जीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका सीधा प्रभाव रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण ट्रांसपोर्टरों को मालभाड़ा और किराए बढ़ाने पड़ रहे हैं। फल, सब्जियां, अनाज, दूध, दही, घी सहित अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हो गए हैं। वहीं निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, सरिया, ईंट, बजरी और रेत के दाम भी बढ़े हैं। बस, ऑटो और टैक्सी किराए में वृद्धि से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
विज्ञापन
रेढू ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग पर पड़ा है। डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और कृषि मशीनरी के संचालन के साथ-साथ खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री भी महंगी हो रही है, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद व्यापार और उद्योग अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाए हैं। ऐसे में बेरोजगारी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से इनेलो ने सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए करों में राहत देने, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने, किसानों और आम जनता के लिए राहत योजनाएं लागू करने और बेरोजगार युवाओं को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की।
इस अवसर पर प्रदीप गिल, वेद सिंह मुंडे, कर्ण सिंह अलेवा, बिल्लू पेगा, शमशेर ढांडा, सुदेश कंडेला, शिक्षा देवी, ईश्वर फौजी, संदीप परमार, प्रकाशवती पांचाल, अशोक बीबीपुर, पवन सुलहेड़ा, मोनी नैन और रामदिया नैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष विजेंद्र रेढू ने कहा कि पिछले कुछ समय से डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी और तारकोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे आमजन का जीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका सीधा प्रभाव रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण ट्रांसपोर्टरों को मालभाड़ा और किराए बढ़ाने पड़ रहे हैं। फल, सब्जियां, अनाज, दूध, दही, घी सहित अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हो गए हैं। वहीं निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, सरिया, ईंट, बजरी और रेत के दाम भी बढ़े हैं। बस, ऑटो और टैक्सी किराए में वृद्धि से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
विज्ञापन
रेढू ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग पर पड़ा है। डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और कृषि मशीनरी के संचालन के साथ-साथ खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री भी महंगी हो रही है, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद व्यापार और उद्योग अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाए हैं। ऐसे में बेरोजगारी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से इनेलो ने सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए करों में राहत देने, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने, किसानों और आम जनता के लिए राहत योजनाएं लागू करने और बेरोजगार युवाओं को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की।
इस अवसर पर प्रदीप गिल, वेद सिंह मुंडे, कर्ण सिंह अलेवा, बिल्लू पेगा, शमशेर ढांडा, सुदेश कंडेला, शिक्षा देवी, ईश्वर फौजी, संदीप परमार, प्रकाशवती पांचाल, अशोक बीबीपुर, पवन सुलहेड़ा, मोनी नैन और रामदिया नैन मौजूद रहे।