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Jind: बद्दोवाल टोल पर किसान का शव रख शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, 50 लाख मुआवजे की मांग
Mon, 29 Aug 2022 01:36 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, नरवाना, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नरवाना, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 29 Aug 2022 01:36 AM IST
सार
परिजनों और ग्रामीणों ने 50 लाख रुपये मुआवजा मांगा है। बीडीपीओ और ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गांव बडनपुर में कब्जा कार्रवाई के दौरान दो किसानों ने जहरीला पदार्थ निगला था। एक की मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक समेत 11 लोगों को नामजद कर 25 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया।
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बद्दोवाल टोल पर किसान का शव रख शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के जींद जिले के नरवाना क्षेत्र के गांव बडनपुर में कब्जा कार्रवाई के दौरान जहरीला पदार्थ निगलने वाले दो में एक किसान की मौत होने पर परिजनों ने रविवार को जमकर बवाल काटा। परिजनों ने शव को बद्दोवाला टोल प्लाजा पर रखकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। परिजनों ने बीडीपीओ, ग्राम सचिव और बोली देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने व जमीन की मिलकियत करवाने की मांग की है।
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परिजनों को समझाने के लिए एएसपी कुलदीप सिंह, एसडीएम डॉ. राजेश खोथ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। हालात तनावपूर्ण होने के चलते पुलिस ने सुरक्षा का विशेष प्रबंध किए हैं। कब्जा कार्रवाई का शनिवार को विरोध करने पर पुलिस ने मृतक समेत 11 लोगों को नामजद करते हुए 25 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मामले के अनुसार गांव बडनपुर निवासी बलवान, इंद्र समेत कुछ अन्य लोग पिछले काफी समय से आठ एकड़ पंचायती जमीन पर काश्त करते आ रहे हैं। वर्ष 2015 में पंचायत ने जमीन की बोली करवाई। इस पर विवाद हो गया। उसके बाद भी बलवान, इंद्र आदि जमीन पर काश्त करते रहे। वर्ष 2021-22 के लिए जमीन की बोली की गई। बावजूद इसके बलवान, इंद्र आदि जमीन पर काश्त करते रहे। इस पर बोली देने वाले लोगों ने शिकायत पंचायत विभाग को दी।
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इसके बाद मामला अदालत में चला गया। निचली अदालत में फैसला काश्त करने वालों के पक्ष में आया था। इसपर पंचायत विभाग सैशन कोर्ट में चला गया। इसी बीच प्रशासनिक बीडीपीओ उचाना के नेतृत्व में 27 अगस्त को गांव बडनपुर पहुंचा और कब्जा कार्रवाई शुरू कर दी।
इस दौरान बलवान व इंद्र ने जहर निगल लिया। हिसार के निजी अस्पताल में इंद्र की शनिवार रात को मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। दिनभर बातचीत का दौर भी चला। परिजन मांगों पर अड़े रहे और मांगें न माने जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने और अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया।
मृतक समेत 36 के खिलाफ मामला दर्ज
बीडीपीओ उचाना सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि प्रशासनिक अमला पंचायती जमीन पर कब्जा हटवाने के लिए गांव बडनपुर पहुंचा था। कब्जाधारियों ने कार्रवाई को अंजाम नहीं देने दिया। दो लोगों ने जहर निगल लिया। इसके चलते जमीन को कब्जा मुक्त नहीं करवाया जा सका। सदर थाना नरवाना पुलिस ने गांव बडनपुर निवासी मृतक इंद्र, बलवान, सुरेंद्र, सुरेश, ओमप्रकाश, रामनिवास, हवा सिंह, सुभाष, कृष्ण, गुरमीत, कुलवंत को नामजद कर 25 अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, दुर्व्यवहार करने, तोड़फोड़ करने, जान देने की कोशिश करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
शव रखा डी फ्रिजर में, टोल फ्री हुआ प्लाजा
परिजनों ने शाम को शव बद्दोवाल टोल प्लाजा पर रखकर टोल को फ्री करवा दिया। यहां काफी संख्या में परिजन और किसान संगठनों से जुड़े सदस्य भी पहुंच गए। शव को टोल प्लाजा पर रखकर डी-फ्रिज का प्रबंध किया गया। धरना शुरू किए जाने के चलते टोल प्लाजा की छह लाइनें बंद हो गईं। वहीं टोल प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ और एएसपी कुलदीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर उपस्थित रहे।
11 सदस्यीय कमेटी गठित
प्रशासन तथा परिजनों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। यह कमेटी अब इस विवाद को सुलझाने के लिए प्रशासन और परिजनों से बातचीत करेगी। कमेटी इसके बाद सोमवार को फैसला लेगी और उसी के आधार पर परिजन आगामी रणनीति की घोषणा करेंगे। परिजनों ने कहा है कि कमेटी जो फैसला लेगा, उसी के अनुसार धरना जारी रखा जाएगा या फिर उठाया जाएगा, यह निर्भर करेगा।
मृतक के परिजनों व अन्य ग्रामीणों के साथ दो बार बातचीत हुई है। कानून सबके लिए बराबर है। मामला अदालत में विचाराधीन है। जो भी फैसला होगा, उसे मानना पड़ेगा। अगर किसान परिवार को कोई आपत्ति थी तो डीसी व अन्य अधिकारियों के पास अपील कर सकते थे। फिर भी मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। - डॉ. राजेश खोथ, एसडीएम