फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   In the matter of appointment of superintendent, there will be a three-member committee under the chairmanship of a retired judge.

Jind News: अधीक्षक की नियुक्ति मामले में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी तीन सदस्यीय कमेटी

Thu, 30 Nov 2023 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 30 Nov 2023 12:23 AM IST
विज्ञापन
In the matter of appointment of superintendent, there will be a three-member committee under the chairmanship of a retired judge.
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बुधवार को कार्यकारी परिषद की बैठक हुई। बैठक में उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा 2016 में हुई अधीक्षक की नियुक्ति को गलत ठहराने तथा पूर्व कुलपति समेत पांच अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेशों को रखा गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मामले में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता एक कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी बताएगी कि कानूनी रूप से इन आदेशों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

सीआरएसयू में 2016 में अधीक्षक के पद पर नियुक्ति हुई थी। दूसरे आवेदक जगदीप कौशिक ने इस नियुक्ति को गलत ठहराया था। उनके पिता ईश्वर दास ने इसकी शिकायत की थी और स्क्रूटनी कमेटी पर भेदभाव के आरोप लगाए थे। ईश्वर दास कौशिक की शिकायत पर इस मामले की जांच एडीसी ने की थी। बाद में इसकी जांच विजिलेंस से करवाई गई थी। विजिलेंस ने पिछले वर्ष अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंप दी थी। 30 अक्तूबर को इस मामले में कार्रवाई के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ से पत्र जारी हुआ है। पत्र में अधीक्षक की नियुक्ति को गलत ठहराया गया है।
विज्ञापन

एसीएस की तरफ से स्क्रूटनी कमेटी में शामिल पूर्व कुलपति डाॅ. रणजीत सिंह, तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रो. संजय सिन्हा, एसोसिएट प्रो. डाॅ. सुरेंद्र सिंह, सविता कुमारी और पूर्व डिप्टी रजिस्ट्रार हवा सिंह पर एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए। कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने कहा कि यह मामला कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा गया। बैठक में फैसला लिया गया कि कानूनी पक्ष जानने के लिए किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी सभी तथ्यों की जांच करके बताएगी कि विवि को कानूनी रूप से इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करनी है। कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर ही इसमें आगे कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed