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घटती कृषि भूमि के दौर में किसानों के लिए बागवानी खेती अपनाना एक प्रभावी विकल्प : डॉ. जोगिंद्र सिंह

Tue, 17 Feb 2026 01:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:51 AM IST
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In the era of decreasing agricultural land, adopting horticulture farming is an effective option for farmers: Dr. Joginder Singh
16जेएनडी21: जिला स्तरीय बागवानी सम्मेलन में विभाग के निदेशक लगाई गई स्टॉलों पर जाकर जानकारी लेत
जींद। धरौदी गांव में बागवानी विभाग की ओर से जिलास्तरीय बागवानी सम्मेलन-2026 का आयोजन डीएचओ डॉ. बनित यादव की अध्यक्षता में किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में विभाग से डॉ. जोगिंद्र सिंह, मिशन निदेशक, हरियाणा बागवानी ने शिरकत की।
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इस दौरान किसानों को विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसमें पांच प्रगतिशील किसानों को निदेशक ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. जोगिंद्र सिंह ने कहा कि घटती कृषि भूमि के दौर में किसानों के लिए बागवानी खेती अपनाना एक प्रभावी विकल्प है। तकनीकी विधियों से कम जमीन पर अधिक और बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है। किसान फसल का मूल्य संवर्धन और सीधी बिक्री के माध्यम से मुनाफा दो से चार गुना तक बढ़ा सकते हैं।
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साथ ही एकीकृत खेती अपनाते हुए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र में बागवानी को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को एफपीओ के माध्यम से विभाग से जुड़ने की सलाह दी। इससे वह अपनी फसल का मूल्य स्वयं तय कर बड़ी मंडियों में बेहतर दाम प्राप्त कर सकें।
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जायका प्रोजेक्ट के तहत फसल की तुड़ाई-कटाई के बाद प्रबंधन पर अनुदान का प्रावधान भी बताया गया। भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) के अंतर्गत इस वर्ष आलू उत्पादक किसानों को लगभग 60 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है और 21 फसलों के साथ मधुमक्खी पालन को भी शामिल किया गया है।
भूमिहीन किसानों के लिए मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराकर आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर कीट विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण यादव ने किसानों को बागवानी की फसलों में कीटों से संबंधित जानकारी दी। प्राकृतिक खेती अपनाने और मौसमी फसलों के चयन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी सांझा की। सम्मेलन में जिलेभर के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर बागवानी खेती के प्रति अपनी रुचि दिखाई।

यह किसान हुए सम्मानित
धरौंदी निवासी विजेंद्र, शामदों निवासी कर्ण सिंह, बरार खेड़ा निवासी गंगाराम, खरकभूरा निवासी कपिल देव, अहिरका निवासी सुमित्रा देवी को निदेशक ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, विभाग पांच किसानों को योजनाओं के अनुदान के चेक भी वितरित किए।


12 किसानों ने स्टॉल लगाकर दी जानकारी
जिलास्तरीय बागवानी सम्मेलन में एक स्टॉल बागवानी विभाग ने अपनी योजनाओं की जानकारी देने के लिए लगाई। इसके अतिरिक्त प्रगतिशील किसानों ने स्टाल लगाकर योजनाओं के महत्व को समझाया। इनके अतिरिक्त बागवानी की खेती में प्रयोग होने वाल यंत्रों के स्टाल लगाए और उन पर मिलने वाले अनुदान के बारे में किसानों को जानकारी दी।
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