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Jind News: करसोला में आजादी से पहले बना राजकीय स्कूल जगा रहा शिक्षा की अलख
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04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।
जुलाना। क्षेत्र के करसोला गांव का राजकीय विद्यालय आजादी से पहले से शिक्षा की अलख जगाए हुए है। दशकों पुराने इस विद्यालय ने क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को शिक्षित किया है। स्कूल से पढ़कर अनेक युवा भारतीय सेना सहित विभिन्न सरकारी विभागों में उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
वर्तमान समय में भी विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और बोर्ड परीक्षाओं में जिला व खंड स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय की स्थापना आजादी से पहले 1945 में हुई थी। उस समय क्षेत्र में शिक्षा के संसाधन सीमित थे लेकिन इस स्कूल ने ग्रामीण अंचल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे लेकिन शिक्षा की अलख लगातार जलती रही।
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आज विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों में कई युवा सेना में अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उनके योगदान से गांव का नाम प्रदेश और देशभर में रोशन हुआ है।
विद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। स्कूल के विद्यार्थियों ने हाल के वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देकर विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। कई विद्यार्थियों ने जिला और खंड स्तर पर मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। इससे गांव के अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और संस्कारों का भी प्रमुख केंद्र रहा है।
बाक्स
करसोला का राजकीय विद्यालय गांव की पहचान है। इस स्कूल ने हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है और आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।-सतबीर लाठर, पूर्व सरपंच
बाक्स
विद्यालय का इतिहास गौरवशाली रहा है। यहां के विद्यार्थियों ने शिक्षा, खेल और सेना सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।-बलराम प्रजापति
बाक्स
पहले के समय में संसाधन कम होने के बावजूद इस विद्यालय ने शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया। आज भी यहां के विद्यार्थी मेहनत और अनुशासन के बल पर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। -परमजीत, एडवोकेट
बाक्स
स्कूल का परिणाम लगातार बेहतर हो रहा है। शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी ज्ञान दे रहे हैं जिससे बच्चे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।-अजित लाठर
फोटो कैप्शन:
04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।
04जेएनडी 22: पूर्व सरपंच सतबीर लाठर।
04जेएनडी23: बलराम प्रजापति।
04जेएनडी 24: एडवोकेट परमजीत।
04जेएनडी 25: अजित लाठर।
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वर्तमान समय में भी विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और बोर्ड परीक्षाओं में जिला व खंड स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल कर रहे हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय की स्थापना आजादी से पहले 1945 में हुई थी। उस समय क्षेत्र में शिक्षा के संसाधन सीमित थे लेकिन इस स्कूल ने ग्रामीण अंचल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे लेकिन शिक्षा की अलख लगातार जलती रही।
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आज विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों में कई युवा सेना में अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उनके योगदान से गांव का नाम प्रदेश और देशभर में रोशन हुआ है।
विद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। स्कूल के विद्यार्थियों ने हाल के वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देकर विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। कई विद्यार्थियों ने जिला और खंड स्तर पर मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। इससे गांव के अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और संस्कारों का भी प्रमुख केंद्र रहा है।
बाक्स
करसोला का राजकीय विद्यालय गांव की पहचान है। इस स्कूल ने हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है और आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।-सतबीर लाठर, पूर्व सरपंच
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विद्यालय का इतिहास गौरवशाली रहा है। यहां के विद्यार्थियों ने शिक्षा, खेल और सेना सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।-बलराम प्रजापति
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पहले के समय में संसाधन कम होने के बावजूद इस विद्यालय ने शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया। आज भी यहां के विद्यार्थी मेहनत और अनुशासन के बल पर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। -परमजीत, एडवोकेट
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स्कूल का परिणाम लगातार बेहतर हो रहा है। शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी ज्ञान दे रहे हैं जिससे बच्चे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।-अजित लाठर
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04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।
04जेएनडी 22: पूर्व सरपंच सतबीर लाठर।
04जेएनडी23: बलराम प्रजापति।
04जेएनडी 24: एडवोकेट परमजीत।
04जेएनडी 25: अजित लाठर।

04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।

04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।

04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।

04जेएनडी 21: करसोला गांव का राजकीय स्कूल।