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Jind News: सरकारी स्कूलों में बच्चे गुड मॉर्निंग नहीं, जयहिंद बोलेंगे
Sat, 10 Aug 2024 04:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 10 Aug 2024 04:10 AM IST
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09जेएनडी14-जिला के एक सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चे। स्रोत विभाग
जींद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब अध्यापकों को गुड मॉर्निंग की जगह जयहिंद बोलते नजर आएंगे। सरकारी स्कूलों में इसे लागू करने के लिए शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी किया है, ताकि विद्यार्थियों को प्रतिदिन राष्ट्रीय एकता की भावना और देश के समृद्ध इतिहास के प्रति सम्मान के साथ प्रेरित किया जा सके।
शिक्षा निदेशालय का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति भावना बढ़ाना है। सुबह प्रार्थना सभा व विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों व अन्य बच्चों के सम्मान में अभिवादन के रूप में गुड मॉर्निंग कहने का चलन है। अब निदेशालय इस चलन को बदलने जा रहा है। जयहिंद का नारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने दिया था। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन के दौरान आजाद हिंद फौज का गठन किया तथा जय हिंद का नारा दिया था। स्वतंत्रता के बाद जयहिंद को भारतीय सशस्त्र बलों ने अभिवादन के रूप में अपनाया, जो राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता क प्रतीक है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय का मानना है कि विद्यालयों में जयहिंद अभिवादन देशभक्ति, राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता को बढ़ावा, अनुशासन और सम्मान को बढ़ावा, परंपराओं के प्रति सम्मान व भविष्य की पीढि़यों के लिए प्रेरणा देती है। जिले के 724 राजकीय स्कूलों और 400 निजी स्कूलों में डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। हमारे देश को आजाद करवाने में बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान रहा है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति भी देश की आजादी के लिए दे दी थी। ऐसे में निदेशालय नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना व स्वतंत्रता के इतिहास को जानने के उद्देश्य से 15 अगस्त से जयहिंद को अभिवादन के रूप में लागू करने जा रहा है।
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विद्यालयों में जयहिंद को अभिवादन के रूप में लागू कराने को लेकर निदेशालय ने पत्र जारी किया है। 15 अगस्त से पहले सभी स्कूलों में विद्यालय स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वाजारोहण से पहले इसकी अनुपालना सुनिश्चित की जाए। -डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।
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शिक्षा निदेशालय का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति भावना बढ़ाना है। सुबह प्रार्थना सभा व विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों व अन्य बच्चों के सम्मान में अभिवादन के रूप में गुड मॉर्निंग कहने का चलन है। अब निदेशालय इस चलन को बदलने जा रहा है। जयहिंद का नारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने दिया था। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन के दौरान आजाद हिंद फौज का गठन किया तथा जय हिंद का नारा दिया था। स्वतंत्रता के बाद जयहिंद को भारतीय सशस्त्र बलों ने अभिवादन के रूप में अपनाया, जो राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता क प्रतीक है।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय का मानना है कि विद्यालयों में जयहिंद अभिवादन देशभक्ति, राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता को बढ़ावा, अनुशासन और सम्मान को बढ़ावा, परंपराओं के प्रति सम्मान व भविष्य की पीढि़यों के लिए प्रेरणा देती है। जिले के 724 राजकीय स्कूलों और 400 निजी स्कूलों में डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। हमारे देश को आजाद करवाने में बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान रहा है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति भी देश की आजादी के लिए दे दी थी। ऐसे में निदेशालय नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना व स्वतंत्रता के इतिहास को जानने के उद्देश्य से 15 अगस्त से जयहिंद को अभिवादन के रूप में लागू करने जा रहा है।
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विद्यालयों में जयहिंद को अभिवादन के रूप में लागू कराने को लेकर निदेशालय ने पत्र जारी किया है। 15 अगस्त से पहले सभी स्कूलों में विद्यालय स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वाजारोहण से पहले इसकी अनुपालना सुनिश्चित की जाए। -डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।