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अधर में लटका आरयूबी का काम
ब्यूरो अमर उजाला जींद
Updated Fri, 05 May 2017 11:29 PM IST
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करीब चार करोड़ की लागत से बना शहर का मिनी बाईपास शहर के लोगों के लिए सफेद हाथी बन कर रह गया है। टेंडर होने के बावजूद एक महीने से रेलवे ने परियोजना के लिए वर्क अलॉट नहीं किया है। रेलवे के मुताबिक, वर्क अलॉट करने के लिए एक कमेटी का गठन होना है, लेकिन अब तक यह कमेटी भी नहीं बन पाई है।
शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चार साल पहले शहर के मिनी बाईपास का निर्माण हुआ था। हालांकि बाईपास लगभग बन चुका है, लेकिन रेलवे की लेटलतीफी के कारण यह चालू नहीं हो पाया है। दरअसल नई सब्जी मंडी के पास निरंकारी रोड से दालवाला अस्पताल के साथ से गोहाना रोड, रोहतक रोड होकर भिवानी रोड में मिलता है। यहां से अलग से रोड हिसार और बरवाला रोड को जोड़ता है। लेकिन गोहाना रोड और रोहतक रोड के बीच में गुजर रही पानीपत रेलवे लाइन के नीचे आरयूबी नहीं बनने से मिनी बाईपास चालू नहीं हो पा रहा है। चार साल पुरानी इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए रेलवे ने 29 अप्रैल को आठ करोड़ 20 लाख रुपये का टेंडर निकाला था। इससे लोगों को परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन वर्क अलॉट नहीं होने से यह परियोजना फिर से लटक गई है।
परियोजना में हो सकती है देरी
सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही इस परियोजना के लिए रेलवे की ओर से वर्क अलॉट नहीं किया गया, तो आगे बारिश का मौसम आएगा। इससे परियोजना शुरू नहीं हो पाएगी। यदि परियोजना छह महीने लटकती है, तो इसकी लागत बढ़ने की भी संभावना है। इससे यह परियोजना खटाई में पड़ सकती है।
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दो भागों में होगा काम
रेलवे अंडर ब्रिज का काम दो भागों में होगा। एक भाग हरियाणा पीडब्ल्यूडी बनाएगी, दूसरा भाग रेलवे स्वयं बनाएगा। शर्तों के अनुसार रेलवे को पहले अपने हिस्से का निर्माण करना है और इसके बाद ही पीडब्ल्यूडी अपना काम शुरू करेगा।
होती है परेशानी
फिलहाल रोहतक रोड से बस स्टैंड, कॉलेज या कोर्ट तक जाने के लिए शहर के बीचोंबीच से जाना पड़ता है। हालांकि, मिनी बाईपास बना है, लेकिन आरयूबी नहीं होने के कारण यहां से निकलना संभव नहीं है। -गौरव
खतरे में रहती है जान
छोटा रास्ता होने के कारण लोग रेलवे लाइन को पार करने का खतरा उठाते हैं। इसमें जोखिम है। शहर की भीड़ से बचने के लिए यही रास्ता अपनाना पड़ता है। यहां जल्द से जल्द आरयूबी बनना चाहिए।
-पवन
देरी कर रहा है रेलवे प्रशासन
रेलवे के स्तर पर यह परियोजना अटकी है। इसको लेकर पहले भी रेलवे अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। अब शहर के लोगों का प्रतिनिधि मंडल रेलवे अधिकारियों दिल्ली में मिलेगा और परियोजना जल्द शुरू करवाने की मांग करेगा। -हितेश हिंदुस्तानी, अन्ना टीम
अधिकारियों से करेंगे बात
आरयूबी का टेंडर हो चुका है। इसका निर्माण शुरू करवाने के लिए रेलवे के अधिकारियों से बात की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कोई दिक्कत है, तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
-विनय सिंह, डीसी
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शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चार साल पहले शहर के मिनी बाईपास का निर्माण हुआ था। हालांकि बाईपास लगभग बन चुका है, लेकिन रेलवे की लेटलतीफी के कारण यह चालू नहीं हो पाया है। दरअसल नई सब्जी मंडी के पास निरंकारी रोड से दालवाला अस्पताल के साथ से गोहाना रोड, रोहतक रोड होकर भिवानी रोड में मिलता है। यहां से अलग से रोड हिसार और बरवाला रोड को जोड़ता है। लेकिन गोहाना रोड और रोहतक रोड के बीच में गुजर रही पानीपत रेलवे लाइन के नीचे आरयूबी नहीं बनने से मिनी बाईपास चालू नहीं हो पा रहा है। चार साल पुरानी इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए रेलवे ने 29 अप्रैल को आठ करोड़ 20 लाख रुपये का टेंडर निकाला था। इससे लोगों को परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन वर्क अलॉट नहीं होने से यह परियोजना फिर से लटक गई है।
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परियोजना में हो सकती है देरी
सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही इस परियोजना के लिए रेलवे की ओर से वर्क अलॉट नहीं किया गया, तो आगे बारिश का मौसम आएगा। इससे परियोजना शुरू नहीं हो पाएगी। यदि परियोजना छह महीने लटकती है, तो इसकी लागत बढ़ने की भी संभावना है। इससे यह परियोजना खटाई में पड़ सकती है।
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दो भागों में होगा काम
रेलवे अंडर ब्रिज का काम दो भागों में होगा। एक भाग हरियाणा पीडब्ल्यूडी बनाएगी, दूसरा भाग रेलवे स्वयं बनाएगा। शर्तों के अनुसार रेलवे को पहले अपने हिस्से का निर्माण करना है और इसके बाद ही पीडब्ल्यूडी अपना काम शुरू करेगा।
होती है परेशानी
फिलहाल रोहतक रोड से बस स्टैंड, कॉलेज या कोर्ट तक जाने के लिए शहर के बीचोंबीच से जाना पड़ता है। हालांकि, मिनी बाईपास बना है, लेकिन आरयूबी नहीं होने के कारण यहां से निकलना संभव नहीं है। -गौरव
खतरे में रहती है जान
छोटा रास्ता होने के कारण लोग रेलवे लाइन को पार करने का खतरा उठाते हैं। इसमें जोखिम है। शहर की भीड़ से बचने के लिए यही रास्ता अपनाना पड़ता है। यहां जल्द से जल्द आरयूबी बनना चाहिए।
-पवन
देरी कर रहा है रेलवे प्रशासन
रेलवे के स्तर पर यह परियोजना अटकी है। इसको लेकर पहले भी रेलवे अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। अब शहर के लोगों का प्रतिनिधि मंडल रेलवे अधिकारियों दिल्ली में मिलेगा और परियोजना जल्द शुरू करवाने की मांग करेगा। -हितेश हिंदुस्तानी, अन्ना टीम
अधिकारियों से करेंगे बात
आरयूबी का टेंडर हो चुका है। इसका निर्माण शुरू करवाने के लिए रेलवे के अधिकारियों से बात की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कोई दिक्कत है, तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
-विनय सिंह, डीसी