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नागरिक अस्पताल में तोड़फोड़ के विरोध में कर्मचारियों ने दिया धरना

Tue, 22 Oct 2019 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 11:54 PM IST
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imployees protest against demolition in civil hospital
नागरिक अस्पताल में किशोर की मौत के बाद युवकों द्वारा की गई तोड़फोड़ से डरे कर्मचारियों ने धरना दे - फोटो : Jind
नागरिक अस्पताल में 30-40 लोगों द्वारा तोड़फोड़ करने के मामले में मंगलवार को नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों ने हड़ताल कर अस्पताल परिसर में धरना दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी व स्टाफ की सुरक्षा की मांग की।
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धरने पर बैठे स्टाफ सदस्यों को एमएमओ देवेंद्र बिंदलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने नागरिक अस्पताल में पुलिस चौकी बनाने की मांग पर अडिग रहे। सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी यादराम मौके पर पहुंचे और अस्पताल के सदस्यों को आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। चौकी बनाने की मांग को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा। आश्वासन के बाद स्टाफ सदस्यों ने धरना समाप्त कर दिया।
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नागरिक अस्पताल के कर्मचारी सतबीर सिंह, विनोद कालड़ा, पवन, कर्मबीर, घनश्याम, चांदीराम, सुनीता देवी, कृष्णा, अनिल ने कहा कि नागरिक अस्पताल के कर्मचारी व चिकित्सक लोगों को सेवाएं देते हैं, लेकिन रात के समय कर्मचारियों व चिकित्सकों पर हमला करना गलत है। उन्होंने बताया कि महिला कर्मचारियों ने बाथरूम में घुसकर अपनी जान बचाई। स्टाफ सदस्यों ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की सुरक्षा नहीं होगी तो कार्य नहीं किया जा सकता। कर्मचारियों ने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और स्टाफ की सुरक्षा के लिए नागरिक अस्पताल में पुलिस चौकी बनाने की मांग की। एसएमओ देवेंद्र बिंदलिश ने कहा कि नागरिक अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ सदस्य लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि चुनावों को लेकर पुलिस व्यस्त है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह भी सभी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठेंगे।
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यह था मामला
दनौदा खुर्द गांव में दो दिन पहले 17 वर्षीय कर्ण सिंह को करंट लग गया था। करंट लगने के बाद परिजन किशोर को नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक नहीं होने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया था। परिजनों का कहना था कि अगर आपातकालीन वार्ड में मौके पर चिकित्सक होता तो किशोर की जान बचाई जा सकती थी। इस दौरान परिजनों के साथ आए कई युवकों ने आपातलकालीन विभाग सहित अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ करना शुरू कर दी। पुलिस ने चिकित्सक सनी की शिकायत पर सरकारी काम में बाधा, तोड़फोड़ करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 30-40 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।

मरीजों को हुई परेशानी
दो दिनों की छुट्टी के बाद मंगलवार को भारी संख्या में मरीज नागरिक अस्पताल पहुंचे तो कर्मचारियों की हड़ताल के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि मरीजों की ओपीडी स्लिप कटी हुई थी, लेकिन कमरों में चिकित्सक व स्टाफ न होने के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ा। लगभग 1-2 घंटे बाद दोबारा कार्य शुरू हुआ तो मरीजों ने राहत की सांस ली।
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