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Jind News: उद्योग पर किसान आंदोलन की असर, स्टॉक हो रहा माल
Fri, 23 Feb 2024 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 23 Feb 2024 12:52 AM IST
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22जेएनडी30 : जींद में हांसी रोड पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र। संवाद
जींद। किसान आंदोलन का प्रभाव जींद के उद्योगों पर भी पड़ रहा है। जींद के औद्योगिक क्षेत्र में कच्चा माल दिल्ली, पंजाब व उत्तर प्रदेश की तरफ से आता है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तरफ से कच्चा माल आने में अभी कोई परेशानी नहीं आ रही है, सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब की तरफ से हो रही है। फैक्टरियों में माल तो बनाया जा रहा है, लेकिन उसे सप्लाई करने में भी परेशानी आ रही है। इसके चलते पिछले पांच-छह दिन से फैक्टरियों में माल स्टॉक हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन प्रधान की बात पर विश्वास किया जाए तो प्रतिदिन पांच से छह लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
किसानों ने हरियाणा में अंबाला में शंभू बॉर्डर तो जींद में दातासिंह वाला बॉर्डर पर डेरा जमाया हुआ है। इससे पंजाब से जींद न तो कच्चा माल आ पा रहा है न ही तैयार माल पंजाब जा रहा है। इसके अलावा सबसे ज्यादा डर यह भी है कि अगर वह माल भेजते भी हैं और रास्ते में कोई अनहोनी हो जाती है तो इससे लाखों रुपये का नुकसान होगा। फैक्टरी में प्रोडक्शन ज्यों का त्यों चल रही है, लेकिन माल सप्लाई नहीं हो पा रहा है।
यहां के फैक्टरी संचालकों का कहना है कि अभी तक माल को लेकर उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं आ रही है। क्योंकि अधिकतर रास्ते खुले हैं। इनमें हाईवे शामिल हैं। अगर किसान दिल्ली पहुंच जाते और बॉर्डर को सील कर दिया जाता है तो माल की खपत और सप्लाई दोनों तरफ से रुक जाएगी। इससे फैक्टरी संचालक पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे।
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फैक्टरी संचालक सोनू ग्रोवर ने बताया कि फैक्टरी में जो लेबर लगाई गई है वह काम कर रही है। माल को तैयार करने से भी रोका नहीं जा रहा है। परेशानी माल की सप्लाई करने में और कच्चा माल आने में हो रही है। पंजाब की तरफ ट्रक नहीं जा पा रहे हैं। इससे तैयार माल का फैक्टरी में ही स्टॉक किया जा रहा है। अगर किसान आंदोलन लंबा चलता है तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान होगा। इसके अलावा जिन परिवहन साधनों से तैयार माल भेजा जाता है उन्हें लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता है। इससे माल भाड़ा भी बढ़ गया है।
एचएसआईआईडीसी इंडस्ट्रीयल एस्टेट जींद के प्रधान अभिषेक गोयल ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब की तरफ माल भेजने में आ रही है। वहीं फैक्टरी संचालकों को डर भी है कि अगर वो तैयार माल भेजते हैं और रास्ते में कोई अनहोनी हो जाती है तो उन्हें लाखों का नुकसान होगा।
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किसानों ने हरियाणा में अंबाला में शंभू बॉर्डर तो जींद में दातासिंह वाला बॉर्डर पर डेरा जमाया हुआ है। इससे पंजाब से जींद न तो कच्चा माल आ पा रहा है न ही तैयार माल पंजाब जा रहा है। इसके अलावा सबसे ज्यादा डर यह भी है कि अगर वह माल भेजते भी हैं और रास्ते में कोई अनहोनी हो जाती है तो इससे लाखों रुपये का नुकसान होगा। फैक्टरी में प्रोडक्शन ज्यों का त्यों चल रही है, लेकिन माल सप्लाई नहीं हो पा रहा है।
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यहां के फैक्टरी संचालकों का कहना है कि अभी तक माल को लेकर उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं आ रही है। क्योंकि अधिकतर रास्ते खुले हैं। इनमें हाईवे शामिल हैं। अगर किसान दिल्ली पहुंच जाते और बॉर्डर को सील कर दिया जाता है तो माल की खपत और सप्लाई दोनों तरफ से रुक जाएगी। इससे फैक्टरी संचालक पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे।
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फैक्टरी संचालक सोनू ग्रोवर ने बताया कि फैक्टरी में जो लेबर लगाई गई है वह काम कर रही है। माल को तैयार करने से भी रोका नहीं जा रहा है। परेशानी माल की सप्लाई करने में और कच्चा माल आने में हो रही है। पंजाब की तरफ ट्रक नहीं जा पा रहे हैं। इससे तैयार माल का फैक्टरी में ही स्टॉक किया जा रहा है। अगर किसान आंदोलन लंबा चलता है तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान होगा। इसके अलावा जिन परिवहन साधनों से तैयार माल भेजा जाता है उन्हें लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता है। इससे माल भाड़ा भी बढ़ गया है।
एचएसआईआईडीसी इंडस्ट्रीयल एस्टेट जींद के प्रधान अभिषेक गोयल ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब की तरफ माल भेजने में आ रही है। वहीं फैक्टरी संचालकों को डर भी है कि अगर वो तैयार माल भेजते हैं और रास्ते में कोई अनहोनी हो जाती है तो उन्हें लाखों का नुकसान होगा।