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मजदूरों के हक छीने तो होगा बड़ा आंदोलन : जोगिंद्र इगराह
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02जेएनडी48: यूनियन के पदाधिकारी बैठक में भाग लेते हुए। स्रोत : यूनियन
- फोटो : udhampur news
जींद। भवन निर्माण कामगार यूनियन की जिला कमेटी की बैठक शिव कॉलोनी में यूनियन कार्यालय में प्रधान कॉमरेड जोगिंद्र इगराह की अध्यक्षता में हुई। इसमें उन्होंने श्रम मंत्री पर वेरिफिकेशन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा बताने पर आरोप लगाए। कहा कि 17 व 18 जनवरी को जींद में डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के आवास पर विशाल महापड़ाव लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2018 के दौरान भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए कैंप लगाकर लाखों मजदूरों का पंजीकरण करवाया। जिसमें से करीब 60 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण अब फर्जी बताए जा रहे हैं। यह फर्जीवाड़ा मजदूरों ने नहीं बल्कि सरकार ने किया। अपात्र लोगों को लाभ बांटा गया और अब उसकी सजा मेहनतकश मजदूरों को दी जा रही है।
नेताओं ने कहा कि वर्ष 2018 में ऑनलाइन प्रणाली लागू कर मजदूरों को लूटने का लाइसेंस दे दिया गया। निर्माण स्थलों पर खून-पसीना बहाने वाले मजदूरों को 90 दिन की वेरिफिकेशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े और बिना रिश्वत के काम होना मुश्किल हो गया।
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यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि मजदूरों के अधिकारों पर यह हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने तुरंत मजदूरों के लाभ बहाल नहीं किए और फर्जीवाड़े की जड़ तक निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर पवन कुमार, कपूर सिंह, सुरेश करसोला, राधेश्याम, अंग्रेज सिंह, जगदीश, गुलाब, बिट्टू, बारू राम मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2018 के दौरान भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए कैंप लगाकर लाखों मजदूरों का पंजीकरण करवाया। जिसमें से करीब 60 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण अब फर्जी बताए जा रहे हैं। यह फर्जीवाड़ा मजदूरों ने नहीं बल्कि सरकार ने किया। अपात्र लोगों को लाभ बांटा गया और अब उसकी सजा मेहनतकश मजदूरों को दी जा रही है।
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नेताओं ने कहा कि वर्ष 2018 में ऑनलाइन प्रणाली लागू कर मजदूरों को लूटने का लाइसेंस दे दिया गया। निर्माण स्थलों पर खून-पसीना बहाने वाले मजदूरों को 90 दिन की वेरिफिकेशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े और बिना रिश्वत के काम होना मुश्किल हो गया।
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यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि मजदूरों के अधिकारों पर यह हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने तुरंत मजदूरों के लाभ बहाल नहीं किए और फर्जीवाड़े की जड़ तक निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर पवन कुमार, कपूर सिंह, सुरेश करसोला, राधेश्याम, अंग्रेज सिंह, जगदीश, गुलाब, बिट्टू, बारू राम मौजूद रहे।