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Jind News: बारिश नहीं हुई तो डेंगू के मामले भी नहीं आए सामने

Thu, 01 Aug 2024 04:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2024 04:56 AM IST
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If there was no rain then no cases of dengue were reported.
31जेएनडी03 : पशुओं के पीने के लिए रखे गए पानी में डेंगू के लार्वा की जांच करते स्वास्थ्य कर्मचा
जींद। जिले में इस वर्ष बारिश नहीं के बराबर ही हुई है। बारिश नहीं होने से जिले में डेंगू के मामले भी नहीं आए हैं। अब तक जिले में एक ही डेंगू का मामला सामने आया है और वह भी मई में आया था। पिछले साल जिले में डेंगू के 420 मामले सामने आए थे।
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पिछले साल जून से ही डेंगू के मामले शुरू हो गए थे। बारिश का पानी जगह-जगह खड़ा होने के कारण डेंगू के मामले बढ़ते हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की 200 से अधिक टीमें सर्वे कर रही हैं। अब तक एक हजार से अधिक लोगों के रक्त के सैंपल लेकर जांच करवाई जा चुकी है। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
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वर्ष 2022 में जिले में मलेरिया का तो कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन डेंगू के 535 मामले सामने आए थे। 2021 में जिले में 622 मामले सामने आए थे। वहीं, 2022 में चिकनगुनिया के भी दो मामले आए थे। वर्ष 2023 में डेंगू के 420 मामले सामने आए थे। इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग का प्रयास रहा है कि इतनी संख्या में डेंगू के मामले नहीं आ पाएं और समय से पहले ही लोगों को जागरूक कर इन मामलों पर रोक लगाई जाए। फिलहाल इस वर्ष तक एक मामला सामने आया है। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने कहा कि लोग यदि अपने आसपास सफाई रखें और पानी खड़ा नहीं होने दें तो डेंगू को रोका जा सकता है।
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बुखार पीड़ितों के खून के सैंपल लिए जा रहे

स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर दस्तक दे रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बुखार से पीड़ित लोगों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 200 से अधिक टीमें बना कर मैदान में उतार दी हैं। यह टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। नागरिक अस्पताल में जांच मुफ्त में होती है।

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जांच के 600 से अधिक रुपये नहीं ले सकते निजी लैब संचालक

स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से जांच करवाने के लिए 600 रुपये की फीस निर्धारित की है। यदि कोई लैब संचालक इससे अधिक रुपये लेता है तो स्वास्थ्य विभाग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि फिलहाल डेंगू का एक मामला सामने आया है।

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डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। टीमें घर-घर जाकर जांच भी कर रही हैं। जिले में अभी तक एक ही डेंगू का मामला सामने आया है। पिछले साल सबसे अधिक मामले नरवाना में आए थे। इसलिए नरवाना पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन
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