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समस्याएं आएं तो चिंता नहीं, चिंतन करें, चिंता बढ़ाती है तनाव : अरविंद शास्त्री
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09जेएनडी13: श्री शिव महापुराण कथा आरती में शामिल श्रद्धालु। स्रोत: पुजारी
उचाना। सावन माह के पावन अवसर पर लाला प्रभुदयाल चौधरी धर्मशाला उचाना मंडी में चल रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की कथा का श्रवण कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कथा के दौरान धर्मशाला परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक अरविंद शास्त्री महाराज ने श्री शिव महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में समस्याएं आना स्वाभाविक है, लेकिन समस्याओं को लेकर चिंता करने के बजाय उनका चिंतन करना चाहिए। चिंता से तनाव बढ़ता है जबकि चिंतन व्यक्ति को समस्या का समाधान खोजने की दिशा दिखाता है।
उन्होंने कहा कि संत चिंता नहीं, चिंतन करते हैं। मनुष्य को भी विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ उनका सामना करना चाहिए। भगवान शिव का जीवन त्याग, संयम, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में स्थिर रहने की प्रेरणा देता है।
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शिव महापुराण केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही राह दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। शिव भक्ति और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों और शिव महिमा में भाव-विभोर नजर आए। कथा के समापन पर सभी ने भगवान शिव से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। रोजाना होने वाली 11 हजार बत्तियों की आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को कथावाचक अरविंद शास्त्री ने सम्मानित किया।
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कथावाचक अरविंद शास्त्री महाराज ने श्री शिव महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में समस्याएं आना स्वाभाविक है, लेकिन समस्याओं को लेकर चिंता करने के बजाय उनका चिंतन करना चाहिए। चिंता से तनाव बढ़ता है जबकि चिंतन व्यक्ति को समस्या का समाधान खोजने की दिशा दिखाता है।
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उन्होंने कहा कि संत चिंता नहीं, चिंतन करते हैं। मनुष्य को भी विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ उनका सामना करना चाहिए। भगवान शिव का जीवन त्याग, संयम, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में स्थिर रहने की प्रेरणा देता है।
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शिव महापुराण केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही राह दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। शिव भक्ति और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों और शिव महिमा में भाव-विभोर नजर आए। कथा के समापन पर सभी ने भगवान शिव से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। रोजाना होने वाली 11 हजार बत्तियों की आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को कथावाचक अरविंद शास्त्री ने सम्मानित किया।