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एचटेट पेपर लीक मामले का सरगना रंधावा गिरफ्तार
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:09 AM IST
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एचटेट लेवल तीन का पेपर लीक करने के मुख्य आरोपी सोनीपत स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल का केंद्राधीक्षक राजेंद्र रंधावा को पुलिस ने रविवार शामगिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसने ही परीक्षा शुरू होने से पहले एक पैकेट से प्रश्न पत्र को निकाल लिया था और बाद में उसकी फोटो कॉपी करवा कर बाहर भेज दिया।
पुलिस ने सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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एचटेट पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी को रविवार शाम सूचना मिली कि मुख्य आरोपी सोनीपत निवासी राजेंद्र रंधावा जींद बस स्टैंड पर खड़ा है और बाहर जाने की फिराक में बस का इंतजार कर रहा है। कुछ ही देर बाद पुलिस ने बस स्टैंड पर छापेमारी कर रंधावा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह इंडियन पब्लिक स्कूल सोनीपत में राजनीतिक विज्ञान का प्राध्यापक है और एचटेट के लिए उसे परीक्षा केंद्र का अधीक्षक बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्रों के पैकेट पहुंचते ही उसने परीक्षा से लगभग एक घंटे पहले पैकेट को खोल लिया और स्कूल में ही मौजूद फोटो स्टेट मशीन से उसकी फोटो कापी निकाल ली।
इस फोटो कॉपी को उसने विकास नगर (सोनीपत) निवासी जेबीटी सगे भाई पवन व अजय को दे दी। इसके बाद उन्होंने पेपर को हल कराकर अंासर की को अपने भानजे नीतेश की सहायता से चांदनी चौक नाम के व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़े 55 लोगों को भेज दी। पेपर लीक मामले में राजेंद्र रंधावा तथा सोनीपत निवासी पवन व अजय का नाम सामने के बाद से तीनों भूमिगत हो गए थे। रविवार शाम पुलिस ने रधावा को दबोच लिया, लेकिन पवन व अजय अभी भी फरार हैं।
जम्मू में छुपा रहा आरोपी
जींद में आंसर-की के साथ पकड़े जाने की भनक लगते ही राजेंद्र रंधावा सोनीपत से फरार हो गया। इस दौरान वह जम्मू पहुंच गया. जहां होटल में कई दिन तक रुका। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार लोकेशन बदलता रहा। इसी दौरान जम्मू से निकलकर वह किसी दूसरे ठिकाने पर जा रहा तो जींद बस स्टैंड पर पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
एक करोड़ में तय हुआ पेपर लीक का सौदा
पुलिस पूछताछ में रंधावा ने खुलासा किया कि अजय व पवन लंबे समय से उसके संपर्क में थे। एचटेट लेवल तीन का पेपर लीक कराने के लिए उसे योजनाबद्ध तरीके से परीक्षा केंद्र का अधीक्षक बन गया। पेपर लीक करने के लिए उसका लगभग एक करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ और राशि परीक्षा परिणाम आने के बाद मिलनी थी।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसने ही परीक्षा शुरू होने से पहले एक पैकेट से प्रश्न पत्र को निकाल लिया था और बाद में उसकी फोटो कॉपी करवा कर बाहर भेज दिया।
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पुलिस ने सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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एचटेट पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी को रविवार शाम सूचना मिली कि मुख्य आरोपी सोनीपत निवासी राजेंद्र रंधावा जींद बस स्टैंड पर खड़ा है और बाहर जाने की फिराक में बस का इंतजार कर रहा है। कुछ ही देर बाद पुलिस ने बस स्टैंड पर छापेमारी कर रंधावा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह इंडियन पब्लिक स्कूल सोनीपत में राजनीतिक विज्ञान का प्राध्यापक है और एचटेट के लिए उसे परीक्षा केंद्र का अधीक्षक बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्रों के पैकेट पहुंचते ही उसने परीक्षा से लगभग एक घंटे पहले पैकेट को खोल लिया और स्कूल में ही मौजूद फोटो स्टेट मशीन से उसकी फोटो कापी निकाल ली।
इस फोटो कॉपी को उसने विकास नगर (सोनीपत) निवासी जेबीटी सगे भाई पवन व अजय को दे दी। इसके बाद उन्होंने पेपर को हल कराकर अंासर की को अपने भानजे नीतेश की सहायता से चांदनी चौक नाम के व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़े 55 लोगों को भेज दी। पेपर लीक मामले में राजेंद्र रंधावा तथा सोनीपत निवासी पवन व अजय का नाम सामने के बाद से तीनों भूमिगत हो गए थे। रविवार शाम पुलिस ने रधावा को दबोच लिया, लेकिन पवन व अजय अभी भी फरार हैं।
जम्मू में छुपा रहा आरोपी
जींद में आंसर-की के साथ पकड़े जाने की भनक लगते ही राजेंद्र रंधावा सोनीपत से फरार हो गया। इस दौरान वह जम्मू पहुंच गया. जहां होटल में कई दिन तक रुका। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार लोकेशन बदलता रहा। इसी दौरान जम्मू से निकलकर वह किसी दूसरे ठिकाने पर जा रहा तो जींद बस स्टैंड पर पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
एक करोड़ में तय हुआ पेपर लीक का सौदा
पुलिस पूछताछ में रंधावा ने खुलासा किया कि अजय व पवन लंबे समय से उसके संपर्क में थे। एचटेट लेवल तीन का पेपर लीक कराने के लिए उसे योजनाबद्ध तरीके से परीक्षा केंद्र का अधीक्षक बन गया। पेपर लीक करने के लिए उसका लगभग एक करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ और राशि परीक्षा परिणाम आने के बाद मिलनी थी।