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Jind News: ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद फसलों का कैसे मिलेगा बीमा क्लेम
Tue, 05 Mar 2024 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 05 Mar 2024 12:21 AM IST
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जींद। पिछले सप्ताह जिले में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का किसानों को बीमा क्लेम नहीं मिलेगा। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ही बर्बाद हुई फसल का ब्योरा देना होगा, क्योंकि इस बार जींद में किसी भी कंपनी ने टेंडर नहीं लिया था, जिससे रबी की फसलों का बीमा किया जा सके। हालांकि कृषि विभाग के पास केवल मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले किसानों का ही डाटा है, जबकि पिछली बार फसलों का बीमा करवाने वाले किसानों की भी पूरी जानकारी थी। यदि कृषि विभाग द्वारा बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का बीमा करवाया होता तो अब किसानों के दुखों पर बीमा क्लेम की मिलने वाली राशि से कुछ मरहम लग जाती, लेकिन इस बार किसानों को अपनी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए कृषि विभाग कार्यालय के चक्कर काटने पड़ेंगे। इसके बाद पटवारियों और कानूनगो द्वारा बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी की जाएगी और उसके बाद ही किसानों को मुआवजा वितरण हो पाएगा। हालांकि प्रशासन ने अभी स्पेशल गिरदावरी का काम शुरू नहीं किया है। ऐसे में किसानों को अभी मुआवजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
पिछले साल भी बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई थी तबाही
वर्ष 2023 में भी मार्च महीने में रबी की फसलों में बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई थी। पिछले साल जिले में लगभग सवा दो लाख हेक्टेयर में गेहूं फसल की बिजाई की हुई थी, जिसमें एक लाख 70 हजार एकड़ में बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराबा दिखाया था। इसमें अलेवा क्षेत्र में 2552 किसानों ने 22 हजार 972 एकड़ में नुकसान दिखाया। जींद ब्लॉक के 3661 किसानों ने 24 हजार 874 एकड़ में फसल खराबे बारे शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके अलावा जुलाना क्षेत्र के 3039 किसानों ने 20 हजार 686 एकड़ में नुकसान, नरवाना क्षेत्र में 3983 किसानों ने 30 हजार 535 एकड़ में फसलों को नुकसान हुआ है। पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में 2522 किसानों ने 18 हजार 145 एकड़ जबकि सफीदों क्षेत्र में 3433 किसानों ने 29 हजार 578 एकड़ में और उचाना क्षेत्र में 3354 किसानों ने 23 हजार 850 एकड़ में बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान बताया था।
जिले में खरीफ और रबी की फसलों का बीमा इस बार नहीं किया गया था, क्योंकि किसी भी कंपनी ने टेंडर नहीं लिया था। -गिरीश नागपाल, उप निदेशक, कृषि विभाग जींद
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पिछले साल भी बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई थी तबाही
वर्ष 2023 में भी मार्च महीने में रबी की फसलों में बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई थी। पिछले साल जिले में लगभग सवा दो लाख हेक्टेयर में गेहूं फसल की बिजाई की हुई थी, जिसमें एक लाख 70 हजार एकड़ में बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराबा दिखाया था। इसमें अलेवा क्षेत्र में 2552 किसानों ने 22 हजार 972 एकड़ में नुकसान दिखाया। जींद ब्लॉक के 3661 किसानों ने 24 हजार 874 एकड़ में फसल खराबे बारे शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके अलावा जुलाना क्षेत्र के 3039 किसानों ने 20 हजार 686 एकड़ में नुकसान, नरवाना क्षेत्र में 3983 किसानों ने 30 हजार 535 एकड़ में फसलों को नुकसान हुआ है। पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में 2522 किसानों ने 18 हजार 145 एकड़ जबकि सफीदों क्षेत्र में 3433 किसानों ने 29 हजार 578 एकड़ में और उचाना क्षेत्र में 3354 किसानों ने 23 हजार 850 एकड़ में बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान बताया था।
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जिले में खरीफ और रबी की फसलों का बीमा इस बार नहीं किया गया था, क्योंकि किसी भी कंपनी ने टेंडर नहीं लिया था। -गिरीश नागपाल, उप निदेशक, कृषि विभाग जींद
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