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Jind News: जुलाना में लोन नहीं भरने पर घर किया सील, पुलिस रही माैजूद
Sat, 28 Feb 2026 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:18 AM IST
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27जेएनडी25: जुलाना में मौजूद पुलिस प्रशासन। स्रोत प्रशासन
जुलाना। कस्बे के वार्ड नंबर छह में बैंक का लोन अदा न करने पर मकान को सील कर दिया गया। बैंक की इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की ओर से जुलाना की तहसीलदार शालिनी लाठर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था जिनकी मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
जानकारी के अनुसार वार्ड छह निवासी सपना ने वर्ष 2022 में बैंक से सात लाख रुपये का लोन लिया था। यह लोन दस वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया था जिसकी कुल 121 मासिक किस्तें निर्धारित की गई थीं।
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार लोन लेने के बाद उधारकर्ता द्वारा अब तक एक लाख 95 हजार 597 रुपये ब्याज तथा 42 हजार 145 रुपये मूलधन के रूप में जमा करवाए गए थे। क्षेत्रीय वसूली प्रबंधक प्रतीक खत्री ने बताया कि उधारकर्ता को समय-समय पर किस्त जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
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उन्होंने बताया कि लगातार किस्तें बकाया रहने के कारण लोन पर ब्याज बढ़ता गया और कुल बकाया राशि 11 लाख 97 हजार 903 रुपये तक पहुंच गई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार अंतिम नोटिस देने के बाद भी जब बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई तो बैंक ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए संपत्ति को कब्जे में लेने की कार्रवाई की। इसी के तहत प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मकान को सील कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार वार्ड छह निवासी सपना ने वर्ष 2022 में बैंक से सात लाख रुपये का लोन लिया था। यह लोन दस वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया था जिसकी कुल 121 मासिक किस्तें निर्धारित की गई थीं।
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बैंक रिकॉर्ड के अनुसार लोन लेने के बाद उधारकर्ता द्वारा अब तक एक लाख 95 हजार 597 रुपये ब्याज तथा 42 हजार 145 रुपये मूलधन के रूप में जमा करवाए गए थे। क्षेत्रीय वसूली प्रबंधक प्रतीक खत्री ने बताया कि उधारकर्ता को समय-समय पर किस्त जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
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उन्होंने बताया कि लगातार किस्तें बकाया रहने के कारण लोन पर ब्याज बढ़ता गया और कुल बकाया राशि 11 लाख 97 हजार 903 रुपये तक पहुंच गई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार अंतिम नोटिस देने के बाद भी जब बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई तो बैंक ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए संपत्ति को कब्जे में लेने की कार्रवाई की। इसी के तहत प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मकान को सील कर दिया गया।