फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   hiway block,student, jind

विद्यार्थियों ने दिल्ली-पटियाला हाइवे पर लगाया जाम

Sat, 27 Aug 2016 12:21 AM IST
jind
jind Updated Sat, 27 Aug 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
hiway block,student, jind
मार्ग के बीच में बैठे विद्यार्थी। - फोटो : bureau
 जिले के एक मात्र अंग्रेजी माध्यम राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्यापकों के आधे से ज्यादा पद रिक्त होने से शुक्रवार को विद्यार्थियों ने जमकर बवाल काटा। स्कूल के विद्यार्थियों ने पहले तो स्कूल के मेन गेट पर ताला जड़ दिया और बाद में दिल्ली पटियाला हाइवे पर आकर जाम लगा दिया। जाम करीब एक घंटा रहा। स्कूल के अध्यापक पहुंचे तो उन्हें गेट पर ताला लगा मिला जिन्हें बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। इधर करीब एक घंटा जाम रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा जाम लगाने की सूचना पर जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता और सदर पुलिस गांव में पहुंची और बच्चों को समझाकर जाम खुलवाया। जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई। छात्राओं ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम लगा रहे विद्यार्थियों का कहना था कि शिक्षा विभाग के अनुसार मॉडल संस्कृति विद्यालय में अध्यापक का कोई पद रिक्त नहीं हो सकता, लेकिन यहां वर्षों से कई पद खाली है। निरंतर पदों के खाली रहने से भारी संख्या में बच्चे दूसरे स्कूलों में चले गए। अब यहां बच्चों की संख्या काफी कम है जिससे सरकार अध्यापकों की नियुक्ति नहीं कर रही। सरकार 20 बच्चे होने पर अध्यापक की नियुक्ति करती है, जबकि कई कक्षाओं में बच्चों की संख्या इससे कम है। इससे पूर्व के प्रिंसिपल बच्चों की पढ़ाई को सुचारु रूप से चलाने के लिए बाहर से अध्यापकों का प्रबंध करते थे। धीरे धीरे बच्चों के दूसरे स्कूलों में चले जाने से सरकार के सभी दावे हवा हो रहे हैं।
विज्ञापन


2007 में खुला था मॉडल संस्कृति स्कूल
तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने के दावे के साथ हर जिले में एक अंग्रेजी माध्यम राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोला था। पूर्व मंत्री चौधरी रणदीप सिंह सुरजेवाला के प्रयासों से जींद जिले में यह स्कूल नरवाना हलके के बेलरखा गांव में खोला गया था। उस समय इस क्षेत्र के बच्चों में इस स्कूल को लेकर भारी उत्साह था, लेकिन सरकार शुरू से ही अध्यापकों की पूरी नियुक्ति नहीं कर सकी। जिस कारण धीरे धीरे बच्चों की संख्या कम होती गई।
विज्ञापन



छात्राओं ने सरकार के दावों का बताया खोखला
अपनी शिक्षा की चिंता से ग्रस्त अध्यापकों की मांग को पूरा करवाने के छात्राओं ने सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने कहा सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन स्कूल में अध्यापक ही नहीं है तो वह कैसे पढ़े। अध्यापकों की मांग को लेकर कई बार गुहार लगाई। आखिरकार अध्यापकों की कमी को लेकर शुक्रवार को उन्होंने स्कूल के गेट पर ताला लगाना पड़ा और रोड जाम किया। छात्रा अंतिम ने कहा कि जब तक उनके स्कूल में अध्यापकों की कमी पूरी होती वह अपनी आवाज उठाती रहेंगी। दसवीं कक्षा की छात्रा नीलम ने कहा कि जब टीचर ही पूरे नहीं है तो पढ़ाई कैसे होगी। आधे से ज्यादा विषय के टीचर नहीं है। शिक्षा ने कहा कि स्कूल में हर चीज की कमी है। चपरासी तक के काम उन्हें करने पड़ते हैं। घंटी स्वयं बजाती हैं। सरकार को उनकी दिक्कतों से कोई सरोकार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों की संख्या को देखते हुए कोई पद खाली नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने कहा कि जो अध्यापकों के पद रिक्त हैं उन कक्षाओं में बच्चों की संख्या काफी कम हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग बीस बच्चों पर एक अध्यापक की नियुक्ति करती है। बाहरवीं में मैथ का एक बच्चा है जिसे दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने स्कूल इंचार्ज पर बच्चों को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्कूल इंचार्ज ने बच्चों की कक्षाएं कंडम बिल्डिंग में लगा रखी है, जबकि अच्छे कमरों में स्टाफ रूम, प्रिंसिपल कार्यालय बनाए हैं।

36 में से 17 पद खाली
प्रिंसिपल, अंग्रेजी प्राध्यापक, मैथ के दो प्राध्यापक, म्यूजिक प्राध्यापक, फिजिक्स प्राध्यापक, बायोलॉजी प्राध्यापक, इकोनामिक्स प्राध्यापक, डीपीई, जेबीटी के चार पदों कई खाली बताए गए।


लेट शुरू हुआ पेपर
स्कूल में पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के बच्चों की परीक्षा चली हुई है जो आठ बजे शुरू होना था छात्रों द्वारा जाम लगाने के कारण पेपर देरी से शुरू किया गया। पेपर आठ बजे की बजाय दस बजे शुरू हो पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed