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Jind News: नागरिक अस्पताल में अब मरीजों की राय से सुधरेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
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28जेएनडी25: नागरिक अस्पताल में लगा सुझाव बॉक्स। स्रोत : कर्मचारी
- फोटो : 1
जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। अस्पताल की नई और पुरानी दोनों बिल्डिंगों में विभिन्न स्थानों पर सजेशन बॉक्स लगाए गए हैं ताकि मरीज और तीमारदार अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें। अब इन बॉक्स में आए सुझावों के आधार पर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करने की कवायद शुरू की जाएगी।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं जबकि सोमवार को यह संख्या दो हजार के पार पहुंच जाती है। गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी वार्ड पुरानी बिल्डिंग में संचालित है, वहीं ओपीडी सेवाएं नई बिल्डिंग में दी जा रही हैं।
अस्पताल की दोनों बिल्डिंगों में 100-100 बेड की व्यवस्था है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण कई बार अव्यवस्थाएं भी सामने आती हैं। अक्सर देखा जाता है कि मरीज और उनके परिजन चिकित्सकों या स्वास्थ्य कर्मचारियों से नाराजगी तो जताते हैं लेकिन उनकी शिकायतें उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंच पातीं।
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इस कारण अस्पताल प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं की सही जानकारी नहीं मिलती। यही वजह है कि कई जरूरी सुधार लंबे समय तक लंबित रह जाते हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि सजेशन बॉक्स के जरिए मिलने वाले फीडबैक से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन जल्द बॉक्स को खोलकर सुझावों की समीक्षा करेगा
इमरजेंसी वार्ड और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इन सजेशन बॉक्स में लोगों ने अपने सुझाव डालने भी शुरू कर दिए हैं। मरीजों ने साफ-सफाई, स्टाफ व्यवहार, दवा उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और जांच सुविधाओं से जुड़े सुझाव दिए हैं। अब अस्पताल प्रशासन जल्द इन बॉक्स को खोलकर सुझावों की समीक्षा करेगा।
वर्जन
अस्पताल में लगे बॉक्स में मिले हर सुझाव को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों की विशेष बैठक बुलाकर सुधारात्मक कदमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की संतुष्टि अस्पताल की प्राथमिकता है और पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए यह पहल शुरू की गई है। इस पहल से मरीजों और स्वास्थ्य विभाग के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा छोटी-छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान हो सकेगा।
-डॉ. रघुवीर पूनिया,नागरिक अस्पताल प्रधान चिकित्सा अधिकारी
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं जबकि सोमवार को यह संख्या दो हजार के पार पहुंच जाती है। गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी वार्ड पुरानी बिल्डिंग में संचालित है, वहीं ओपीडी सेवाएं नई बिल्डिंग में दी जा रही हैं।
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अस्पताल की दोनों बिल्डिंगों में 100-100 बेड की व्यवस्था है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण कई बार अव्यवस्थाएं भी सामने आती हैं। अक्सर देखा जाता है कि मरीज और उनके परिजन चिकित्सकों या स्वास्थ्य कर्मचारियों से नाराजगी तो जताते हैं लेकिन उनकी शिकायतें उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंच पातीं।
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इस कारण अस्पताल प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं की सही जानकारी नहीं मिलती। यही वजह है कि कई जरूरी सुधार लंबे समय तक लंबित रह जाते हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि सजेशन बॉक्स के जरिए मिलने वाले फीडबैक से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन जल्द बॉक्स को खोलकर सुझावों की समीक्षा करेगा
इमरजेंसी वार्ड और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इन सजेशन बॉक्स में लोगों ने अपने सुझाव डालने भी शुरू कर दिए हैं। मरीजों ने साफ-सफाई, स्टाफ व्यवहार, दवा उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और जांच सुविधाओं से जुड़े सुझाव दिए हैं। अब अस्पताल प्रशासन जल्द इन बॉक्स को खोलकर सुझावों की समीक्षा करेगा।
वर्जन
अस्पताल में लगे बॉक्स में मिले हर सुझाव को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों की विशेष बैठक बुलाकर सुधारात्मक कदमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की संतुष्टि अस्पताल की प्राथमिकता है और पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए यह पहल शुरू की गई है। इस पहल से मरीजों और स्वास्थ्य विभाग के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा छोटी-छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान हो सकेगा।
-डॉ. रघुवीर पूनिया,नागरिक अस्पताल प्रधान चिकित्सा अधिकारी