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बूस्टर डोज लगवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हेल्थ वर्कर
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जींद। जिले में स्वास्थ्य कर्मचारी या अधिकारी कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिले में तीन दिन से बूस्टर डोज लग रही है। अब तक केवल 755 स्वास्थ्य कर्मचारियों व अधिकारियों ने ही यह डोज लगवाई जबकि जिले में 6300 से ज्यादा हेल्थ वर्कर हैं। वहीं बुधवार को 6589 लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई। अब तक स्वास्थ्य विभाग 899554 लोगों को पहली तथा 578964 लोगों को दूसरी डोज लगा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग ने दस जनवरी से जिले में हेल्थ वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर व बुजुर्ग लोगों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की शुरूआत की थी। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन में जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों व अधिकारियों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा था लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के 755 अधिकारियों व कर्मचारियों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। इससे साफ है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व अधिकारी बूस्टर डोज लगवाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे। यही हाल फ्रंट लाइन वर्कर का है। जिले में छह हजार के आसपास फ्रंट लाइन वर्कर हैं। अभी तक केवल 82 फ्रंट लाइन वर्कर ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। वहीं बुधवार को जिले के 6589 लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली तथा दूसरी डोज लगाई गई।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने बताया कि बुधवार को 129 स्वास्थ्य कर्मचारियों व अधिकारियों ने बूस्टर डोज लगवाई। 16 फ्रंट लाइन वर्कर ने भी बूस्टर डोज लगवाई। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 1247 किशोर-किशोरियों को पहली डोज लगाई गई। 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 1376 लोगों को पहली तथा 2042 को दूसरी डोज लगाई गई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 379 लोगों को पहली तथा 756 को दूसरी डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 189 लोगों को पहली तथा 437 को दूसरी डोज लगाई गई। बुधवार को 3191 को पहली तथा 3235 को दूसरी डोज लगाई गई जबकि 163 को बूस्टर डोज लगाई गई।
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स्वास्थ्य विभाग ने दस जनवरी से जिले में हेल्थ वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर व बुजुर्ग लोगों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की शुरूआत की थी। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन में जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों व अधिकारियों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा था लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के 755 अधिकारियों व कर्मचारियों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। इससे साफ है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व अधिकारी बूस्टर डोज लगवाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे। यही हाल फ्रंट लाइन वर्कर का है। जिले में छह हजार के आसपास फ्रंट लाइन वर्कर हैं। अभी तक केवल 82 फ्रंट लाइन वर्कर ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। वहीं बुधवार को जिले के 6589 लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली तथा दूसरी डोज लगाई गई।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने बताया कि बुधवार को 129 स्वास्थ्य कर्मचारियों व अधिकारियों ने बूस्टर डोज लगवाई। 16 फ्रंट लाइन वर्कर ने भी बूस्टर डोज लगवाई। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 1247 किशोर-किशोरियों को पहली डोज लगाई गई। 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 1376 लोगों को पहली तथा 2042 को दूसरी डोज लगाई गई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 379 लोगों को पहली तथा 756 को दूसरी डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 189 लोगों को पहली तथा 437 को दूसरी डोज लगाई गई। बुधवार को 3191 को पहली तथा 3235 को दूसरी डोज लगाई गई जबकि 163 को बूस्टर डोज लगाई गई।
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