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अस्पताल के बाहर महिला ने दिया बच्ची को जन्म
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:20 AM IST
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नागरिक अस्पताल के बाहर शनिवार को एक महिला की बाहर ही डिलीवरी होने का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जबकि स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है महिला को सुबह ही वार्ड में दाखिल कर लिया था, लेकिन जब महिला पेशाब करने गई तो वहां पर डिलीवरी हो गई। महिला के अस्पताल के बाहर डिलीवरी होने की सूचना पाकर सिविल सर्जन डा. संजय दहिया मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी हासिल की। स्वास्थ्य अधिकारी मामले की जांच कर रहे है। फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों ही स्वस्थ है।
चित्रकूट यूपी निवासी महिला गुड़िया गांव गांगोली की एक हैचरी में मजदूरी का कार्य करती है और परिवार के साथ वहां पर रहती है। शनिवार को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन उसे नागरिक अस्पताल में ले आए। जहां पर परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और उसका चेकअप नहीं किया। इससे परेशान होकर महिला अस्पताल के बाहर जा बैठी। इसके थोड़ी ही देर के बाद महिला के प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसने अस्पताल के बाहर ही बच्ची को जन्म दे दिया।
वहां पर मौजूद दूसरी महिलाओं द्वारा शोर मचाए जाने पर महिला स्वास्थ्य कर्मी वहां पर पहुंची और उसको अंदर लेकर गए। अस्पताल में पहुंचे महिला देवर नरेश कुमार ने बताया कि उसकी भाभी गुड़िया को सुबह ही अस्पताल में लेकर आए थे, लेकिन वहां पर मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी देखभाल ही नहीं की। इस कारण उसकी अस्पताल के बाहर डिलीवरी हुई है। जबकि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुम ने बताया कि महिला को सुबह आते ही दाखिल कर लिया था। महिला बाथरूम के लिए गई थी, लेकिन वह बाहर चली गई। जहां पर बच्ची को जन्म दिया है। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं।
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सिविल सर्जन डा. संजय दहिया ने कहा कि मामला सामने आते ही वहां गए थे। बताया गया कि महिला बाथरूम करने के लिए गई थी। जहां पर उसकी डिलीवरी हो गई। मामले की जांच की जा रही है।
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चित्रकूट यूपी निवासी महिला गुड़िया गांव गांगोली की एक हैचरी में मजदूरी का कार्य करती है और परिवार के साथ वहां पर रहती है। शनिवार को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन उसे नागरिक अस्पताल में ले आए। जहां पर परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और उसका चेकअप नहीं किया। इससे परेशान होकर महिला अस्पताल के बाहर जा बैठी। इसके थोड़ी ही देर के बाद महिला के प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसने अस्पताल के बाहर ही बच्ची को जन्म दे दिया।
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वहां पर मौजूद दूसरी महिलाओं द्वारा शोर मचाए जाने पर महिला स्वास्थ्य कर्मी वहां पर पहुंची और उसको अंदर लेकर गए। अस्पताल में पहुंचे महिला देवर नरेश कुमार ने बताया कि उसकी भाभी गुड़िया को सुबह ही अस्पताल में लेकर आए थे, लेकिन वहां पर मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी देखभाल ही नहीं की। इस कारण उसकी अस्पताल के बाहर डिलीवरी हुई है। जबकि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुम ने बताया कि महिला को सुबह आते ही दाखिल कर लिया था। महिला बाथरूम के लिए गई थी, लेकिन वह बाहर चली गई। जहां पर बच्ची को जन्म दिया है। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं।
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सिविल सर्जन डा. संजय दहिया ने कहा कि मामला सामने आते ही वहां गए थे। बताया गया कि महिला बाथरूम करने के लिए गई थी। जहां पर उसकी डिलीवरी हो गई। मामले की जांच की जा रही है।