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15 से बढ़ाकर 22 एमएलडी क्षमता का किया जाएगा हांसी रोड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
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प्लांट में अपग्रेड करने के लिए चल रहा कार्य।
- फोटो : Jind
पांच साल पहले हांसी रोड पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने का काम इसी साल पूरा हो जाएगा। इससे जहां सीवरेज से आने वाले पानी को साफ कर जल्दी निकाला जा सकेगा, वहीं प्लांट से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता भी अच्छी होगी। फिलहाल 25 बॉयो ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) गुणवत्ता का पानी निकलता है, जो नए उपकरण लगने बाद दस बीओडी से कम हो जाएगा। इस परियोजना पर आठ करोड़ 32 लाख 64 हजार रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
पांच साल पहले हांसी रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। इसके बाद शहर की आबादी व दायरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में 15 मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) से बढ़ाकर प्लांट की क्षमता 22 एमएलडी की जा रही है। इस परियोजना पर तीन साल पहले काम शुरू हुआ था। फिलहाल इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद मशीन लगाई जानी है। मशीनरी की जांच के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गए हुए हैं। इस प्लांट से फिलहाल द्वितीय श्रेणी का पानी निकल रहा है। इसका बीओडी 30 से कम रहता है। वहीं आधुनिक मशीन लगने के बाद बीओडी 10 से भी कम हो जाएगा।
किसानों को होगा लाभ
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला पानी जलालपुर कलां, जलालपुर खुर्द, जाजवान, ईंटल, संगतपुरा सहित कई गांवों में किसान सिंचाई के लिए प्रयोग करते हैं। ऐसे में नई परियोजना शुरू होने के बाद किसानों को जहां अधिक पानी मिलेगा, वहीं सिंचाई के लिए इसकी गुणवत्ता भी सही होगी।
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ऐसे मापी जाती है गुणवत्ता
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता बॉयो ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) में मापी जाती है। इसके अलावा इसमें कई और तत्व होते हैं। फिलहाल प्लांट से 25 बीओडी गुणवत्ता का पानी निकल रहा है। इसके अतिरिक्त इसमें सीओडी 100 से अधिक रहती है। टीएसएस 20 व पीएच करीब आठ रहता है।
हांसी रोड पर जनस्वस्थ्य विभाग के 15 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक मशीन लगाई जा रही हैं। इससे पानी की गुणवत्ता काफी अच्छी होगी। वहीं शहर से निकलने वाले पानी को जल्द ट्रीट किया जा सकेगा।
एसके शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।ा।
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पांच साल पहले हांसी रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। इसके बाद शहर की आबादी व दायरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में 15 मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) से बढ़ाकर प्लांट की क्षमता 22 एमएलडी की जा रही है। इस परियोजना पर तीन साल पहले काम शुरू हुआ था। फिलहाल इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद मशीन लगाई जानी है। मशीनरी की जांच के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गए हुए हैं। इस प्लांट से फिलहाल द्वितीय श्रेणी का पानी निकल रहा है। इसका बीओडी 30 से कम रहता है। वहीं आधुनिक मशीन लगने के बाद बीओडी 10 से भी कम हो जाएगा।
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किसानों को होगा लाभ
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला पानी जलालपुर कलां, जलालपुर खुर्द, जाजवान, ईंटल, संगतपुरा सहित कई गांवों में किसान सिंचाई के लिए प्रयोग करते हैं। ऐसे में नई परियोजना शुरू होने के बाद किसानों को जहां अधिक पानी मिलेगा, वहीं सिंचाई के लिए इसकी गुणवत्ता भी सही होगी।
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ऐसे मापी जाती है गुणवत्ता
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता बॉयो ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) में मापी जाती है। इसके अलावा इसमें कई और तत्व होते हैं। फिलहाल प्लांट से 25 बीओडी गुणवत्ता का पानी निकल रहा है। इसके अतिरिक्त इसमें सीओडी 100 से अधिक रहती है। टीएसएस 20 व पीएच करीब आठ रहता है।
हांसी रोड पर जनस्वस्थ्य विभाग के 15 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक मशीन लगाई जा रही हैं। इससे पानी की गुणवत्ता काफी अच्छी होगी। वहीं शहर से निकलने वाले पानी को जल्द ट्रीट किया जा सकेगा।
एसके शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।ा।