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आधे कर्मचारी आने का आदेश जारी कर बुला रहे पूरे
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रोडवेज परिसर में बसों का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : Jind
रोडवेज निदेशालय के आदेशों का जींद डिपो प्रबंधन द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है। मुख्यालय द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुए केवल 50 प्रतिशत स्टाफ ही कार्यालय बुलाने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन रोडवेज डिपो प्रबंधन 80 प्रतिशत स्टाफ को बुला रहे हैं। इसको लेकर अब रोडवेज कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। उन्होंने डिपो प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कड़ा एतराज जताया है।
मुख्यालय द्वारा चालकों और परिचालकों समेत अन्य कार्य करने वाले 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाने के आदेश जारी किए थे। निदेशालय के अनुसार डिपो में ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों की उपस्थिति ही दर्ज करवाई जाए, ताकि कोई भी चालक या परिचालक कोरोना वायरस के संपर्क में न आए और न ही डिपो में ज्यादा भीड़ हो। वहीं रोडवेज डिपो की केवल 70 बसों को ही रूटों पर चलाने को कहा गया था।
50 की बजाय बुलाए जा रहे 100 प्रतिशत
जींद डिपो और सब डिपो के कर्मचारियों ने रोडवेज महाप्रबंधक द्वारा सभी कर्मचारियों को बुलाने पर कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा आदेश जारी करने के बाद भी जींद डिपो में प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों से लगातार ड्यूटी ली जा रही है। ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों का रोस्टर बनाकर 50 प्रतिशत को ही ड्यूटी पर बुलाने के आदेश जारी किए गए है, लेकिन अधिकारी मनमर्जी करते हुए चालक और परिचालकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।
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कोरोना से दो कर्मचारियों की हो चुकी है मौत
कोरोना की वजह से सिरसाखेड़ी गांव निवासी जींद डिपो के परिचालक सतपाल और सिरसा डिपो के मैकेनिक चंद्रशेखर धम्मी की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 25 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव भी आ चुके हैं।
यात्रियों के अनुसार भेजी जा रही बस
डिपो से यात्रियों के अनुसार बसों को रूटों पर भेजा जा रहा है। इसको लेकर स्टाफ भी आवश्यकता अनुसार बुलाया जा रहा है। डिपो में करीब 60-70 प्रतिशत स्टाफ आ रहा है। इनमें से कुछ से तो बसें चलवाई जा रही हैं, और कुछ स्पेयर में रखे जाते हैं। कुछ बस खराब होने पर वहां भेज दिए जाते हैं। यात्रियों की समस्या को देखते हुए रूटों पर बसों के फेरे भी बढ़ाए जा रहे हैं।
योगेश, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज डिपो जींद।
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मुख्यालय द्वारा चालकों और परिचालकों समेत अन्य कार्य करने वाले 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाने के आदेश जारी किए थे। निदेशालय के अनुसार डिपो में ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों की उपस्थिति ही दर्ज करवाई जाए, ताकि कोई भी चालक या परिचालक कोरोना वायरस के संपर्क में न आए और न ही डिपो में ज्यादा भीड़ हो। वहीं रोडवेज डिपो की केवल 70 बसों को ही रूटों पर चलाने को कहा गया था।
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50 की बजाय बुलाए जा रहे 100 प्रतिशत
जींद डिपो और सब डिपो के कर्मचारियों ने रोडवेज महाप्रबंधक द्वारा सभी कर्मचारियों को बुलाने पर कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा आदेश जारी करने के बाद भी जींद डिपो में प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों से लगातार ड्यूटी ली जा रही है। ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों का रोस्टर बनाकर 50 प्रतिशत को ही ड्यूटी पर बुलाने के आदेश जारी किए गए है, लेकिन अधिकारी मनमर्जी करते हुए चालक और परिचालकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।
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कोरोना से दो कर्मचारियों की हो चुकी है मौत
कोरोना की वजह से सिरसाखेड़ी गांव निवासी जींद डिपो के परिचालक सतपाल और सिरसा डिपो के मैकेनिक चंद्रशेखर धम्मी की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 25 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव भी आ चुके हैं।
यात्रियों के अनुसार भेजी जा रही बस
डिपो से यात्रियों के अनुसार बसों को रूटों पर भेजा जा रहा है। इसको लेकर स्टाफ भी आवश्यकता अनुसार बुलाया जा रहा है। डिपो में करीब 60-70 प्रतिशत स्टाफ आ रहा है। इनमें से कुछ से तो बसें चलवाई जा रही हैं, और कुछ स्पेयर में रखे जाते हैं। कुछ बस खराब होने पर वहां भेज दिए जाते हैं। यात्रियों की समस्या को देखते हुए रूटों पर बसों के फेरे भी बढ़ाए जा रहे हैं।
योगेश, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज डिपो जींद।