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Jind News: बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, बढ़ी ठंड
Sun, 03 Mar 2024 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 03 Mar 2024 12:39 AM IST
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जींद। आखिरकार वही हुआ, जिसका किसानों को डर था। शनिवार दोपहर बाद तेज बारिश के साथ जिले में ओलावृष्टि हुई। नरवाना में सबसे अधिक 80 एमएम बारिश हुई। इससे सरकारी कार्यालयों और दुकानों में पानी भर गया। इस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ओलावृृष्टि से फसलाें को नुकसान हुआ है। इसके अलावा तेज हवा के कारण गेहूं की फसल भी जमीन पर बिछ गई। जिले में 18 एमएम बारिश हुई।
पूरे जिले में सुबह बूंदाबांदी हुई थी। दोपहर तक तेज हवाएं चलती रही और आसमान में काले बादल छा गए। दोपहर बाद चार बजे के आसपास बारिश शुरू हो गई और ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। नरवाना में सबसे अधिक 80 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। उचाना में 18 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। इसके अलावा जींद में पांच, जुलाना, सफीदों, अलेवा व पिल्लूखेड़ा में बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई है। नरवाना में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नरवाना व उचाना में 20 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान की आशंका है।
नगर परिषद कार्यालय में घुसा पानी
नरवाना में नगर परिषद कार्यालय में पानी घुस गया। इसके अलावा दुकानों में भी पानी घुस गया। सर्दी के मौसम में पहली बार इतनी तेज बारिश हुई है। बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे राहगीरों को आने-जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे भी मुरझा गए। किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात की वजह से पक्की हुई सरसों की फसल में भारी नुकसान है।
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विधायक के सारे दावे फेल
नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने कुछ दिन पहले कहा था कि नरवाना में 136 करोड़ रुपये से सीवर व्यवस्था का सुधार हुआ है। अब बरसात का पानी सड़कों पर खड़ा नहीं होगा, लेकिन बेमौसमी बरसात से सभी दावों की हवा निकाल दी।
पैदावार प्रभावित होगी
उचाना। शनिवार को पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहे। सुबह बूंदाबांदी के बाद हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि, तेज हवाओं से ठंड बढ़ी है। तेज हवा के चलते उचाना से बनभौरी रोड पर भौंगरा गांव का स्वागत द्वार आधा सड़क की तरफ झुक गया। ऐसे ही लोधर, गुरूकुल खेड़ा, उचाना कलां, उचाना खुर्द, सफा खेड़ी सहित आसपास के गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। किसानों ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। इससे फसल की पैदावार प्रभावित होगी। तेज हवाओं के चलने से खेतों में सरसों, गेहूं की फसल बिछौने की तरह बिछ गई है।
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पूरे जिले में सुबह बूंदाबांदी हुई थी। दोपहर तक तेज हवाएं चलती रही और आसमान में काले बादल छा गए। दोपहर बाद चार बजे के आसपास बारिश शुरू हो गई और ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। नरवाना में सबसे अधिक 80 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। उचाना में 18 एमएम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। इसके अलावा जींद में पांच, जुलाना, सफीदों, अलेवा व पिल्लूखेड़ा में बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई है। नरवाना में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नरवाना व उचाना में 20 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान की आशंका है।
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नगर परिषद कार्यालय में घुसा पानी
नरवाना में नगर परिषद कार्यालय में पानी घुस गया। इसके अलावा दुकानों में भी पानी घुस गया। सर्दी के मौसम में पहली बार इतनी तेज बारिश हुई है। बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे राहगीरों को आने-जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे भी मुरझा गए। किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात की वजह से पक्की हुई सरसों की फसल में भारी नुकसान है।
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विधायक के सारे दावे फेल
नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने कुछ दिन पहले कहा था कि नरवाना में 136 करोड़ रुपये से सीवर व्यवस्था का सुधार हुआ है। अब बरसात का पानी सड़कों पर खड़ा नहीं होगा, लेकिन बेमौसमी बरसात से सभी दावों की हवा निकाल दी।
पैदावार प्रभावित होगी
उचाना। शनिवार को पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहे। सुबह बूंदाबांदी के बाद हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि, तेज हवाओं से ठंड बढ़ी है। तेज हवा के चलते उचाना से बनभौरी रोड पर भौंगरा गांव का स्वागत द्वार आधा सड़क की तरफ झुक गया। ऐसे ही लोधर, गुरूकुल खेड़ा, उचाना कलां, उचाना खुर्द, सफा खेड़ी सहित आसपास के गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। किसानों ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। इससे फसल की पैदावार प्रभावित होगी। तेज हवाओं के चलने से खेतों में सरसों, गेहूं की फसल बिछौने की तरह बिछ गई है।