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गर्भावस्था और प्रसव पूर्व चार जांच जरूरी : डॉ. दीक्षा
Sat, 23 Mar 2024 04:01 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:01 PM IST
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अलेवा। नगूरां पीएचसी पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत शुक्रवार को एएनसी चेकअप शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 57 गर्भवती के बीपी, यूरिन, खून, वजन, शुगर, ऊंचाई आदि की जांच की गई।
नगूरां चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीक्षा यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत गर्भवती को मातृत्व बाल सुरक्षा कार्ड तथा सुरक्षित मातृत्व पुस्तिकाएं दी जाती हैं। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती की जांच करके एमसीपी कार्ड के साथ हरा, लाल, नीला और पीला स्टीकर लगाया जाता है, ताकि महिलाओं की हालात व जोखिम कारक का पता चल सके। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए गर्भावस्था के दौरान व प्रसव पूर्व चार जांच करवानी आवश्यक है, ताकि माता और शिशु मृत्यु दर में कमी आ सके। प्रसव पूर्व जांच करके गर्भवती में हाई रिस्क प्रेगनेंसी का पता चलने से उनको समय पर सही उपचार व संस्थागत डिलिवरी करवाने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती को गुणवत्ता पूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें बेहतर परामर्श देना है। प्रसव पूर्व जांच में यदि खून की कमी होती है तब ऐसी महिलाओं को आयरन की गोली के साथ पोषक पदार्थों के सेवन के विषय में सलाह दी जाती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा, लैब प्रभारी रवि ढिल्लों के अलावा नर्सिंग ऑफिसर मोनिका, एएनएम सुनीता, रीनू शर्मा, सीएचओ साक्षी व सुनीता, जुगेश, बाला, नीलम, मंजू, गीता, संतोष, सुमन, मीना, सीमा मौजूद रही।
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नगूरां चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीक्षा यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत गर्भवती को मातृत्व बाल सुरक्षा कार्ड तथा सुरक्षित मातृत्व पुस्तिकाएं दी जाती हैं। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती की जांच करके एमसीपी कार्ड के साथ हरा, लाल, नीला और पीला स्टीकर लगाया जाता है, ताकि महिलाओं की हालात व जोखिम कारक का पता चल सके। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए गर्भावस्था के दौरान व प्रसव पूर्व चार जांच करवानी आवश्यक है, ताकि माता और शिशु मृत्यु दर में कमी आ सके। प्रसव पूर्व जांच करके गर्भवती में हाई रिस्क प्रेगनेंसी का पता चलने से उनको समय पर सही उपचार व संस्थागत डिलिवरी करवाने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती को गुणवत्ता पूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें बेहतर परामर्श देना है। प्रसव पूर्व जांच में यदि खून की कमी होती है तब ऐसी महिलाओं को आयरन की गोली के साथ पोषक पदार्थों के सेवन के विषय में सलाह दी जाती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा, लैब प्रभारी रवि ढिल्लों के अलावा नर्सिंग ऑफिसर मोनिका, एएनएम सुनीता, रीनू शर्मा, सीएचओ साक्षी व सुनीता, जुगेश, बाला, नीलम, मंजू, गीता, संतोष, सुमन, मीना, सीमा मौजूद रही।
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