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Jind News: 57 साल में पहली बार जिले में खिले चार कमल
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जींद। जिले में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रचा रचते हुए चार सीट पर कमल खिलाने में कामयाब रही। एक नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य का गठन किया गया था। उसके बाद 1967 में पहली बार हरियाणा में चुनाव हुआ था। जिले की जनता ने पहली बार भाजपा को अपना पूरा समर्थन दिया और चार सीटों पर कमल खिलाने का काम किया। इससे पहले कभी भी इतनी सीटों पर भाजपा नहीं जीत पाई थी। खास बात यह है कि जींद विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार डॉ. कृष्ण मिड्ढा भाजपा का कमल खिलाने में कामयाब रहे। जनवरी 2019 में हुए उपचुनाव तथा अक्तूबर 2019 में हुए आम चुनाव में भी डॉ. मिड्ढा ने जीत दर्ज दर्ज की थी।
हरियाणा बनने के बाद 1967 में पहली चुनाव हुए थे। जींद विधानसभा क्षेत्र से आज तक कांग्रेस ने पांच बार, लोकदल ने दो तथा दो बार इनेलो ने जीत हासिल की है। एक बार कांग्रेस एस, एक बार आजाद उम्मीदवार, एक बार हरियाणा विकास पार्टी तथा अब तीसरी बार भाजपा ने जीत हासिल की है। इसी प्रकार सफीदों विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने पांच बार, आजाद उम्मीदवार ने दो बार तथा दो बार इनेलो ने जीत हासिल की है। एक-एक बार विकास हरियाणा पार्टी, जनता पार्टी, समता पार्टी ने जीत हासिल की है। नारनौंद से आकर रामकुमार गौतम पहली बार सफीदों विधानसभा क्षेत्र में कमल खिलाने में कामयाब रहे। बीरेंद्र सिंह परिवार का गढ़ कहे जाने वाले उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में पहली बार चुनाव लड़े देवेंद्र अत्री कमल खिलाने में कामयाब रहे। यहां 1977 में पहली बार चुनाव हुआ था। यहां से अब तक कांग्रेस चार बार, इनेलो दो बार, एक बार लोकदल, एक बार कांग्रेस तिवारी व एक बार भाजपा की प्रेमलता जीत चुकी हैं। एक बार जजपा के दुष्यंत चौटाला भी यहां से परचम लहरा चुके हैं। इस बार फिर भाजपा ने यहां कमल खिलाया है।
नरवाना विधानसभा क्षेत्र में 1967 में पहली बार चुनाव हुआ था। यहां से कांग्रेस ने छह बार, इनेलो ने तीन बार, आरपीआई ने एक, लोकदल ने एक बार तथा कांग्रेस एस ने एक बार जीत हासिल की। यहां से जजपा उम्मीदवार रामनिवास सुरजाखेड़ा भी जीत हासिल कर चुके हैं। इस सीट पर पहली बार भाजपा के कृष्ण बेदी कमल खिलाने में कामयाब रहे हैं।
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हरियाणा बनने के बाद 1967 में पहली चुनाव हुए थे। जींद विधानसभा क्षेत्र से आज तक कांग्रेस ने पांच बार, लोकदल ने दो तथा दो बार इनेलो ने जीत हासिल की है। एक बार कांग्रेस एस, एक बार आजाद उम्मीदवार, एक बार हरियाणा विकास पार्टी तथा अब तीसरी बार भाजपा ने जीत हासिल की है। इसी प्रकार सफीदों विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने पांच बार, आजाद उम्मीदवार ने दो बार तथा दो बार इनेलो ने जीत हासिल की है। एक-एक बार विकास हरियाणा पार्टी, जनता पार्टी, समता पार्टी ने जीत हासिल की है। नारनौंद से आकर रामकुमार गौतम पहली बार सफीदों विधानसभा क्षेत्र में कमल खिलाने में कामयाब रहे। बीरेंद्र सिंह परिवार का गढ़ कहे जाने वाले उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में पहली बार चुनाव लड़े देवेंद्र अत्री कमल खिलाने में कामयाब रहे। यहां 1977 में पहली बार चुनाव हुआ था। यहां से अब तक कांग्रेस चार बार, इनेलो दो बार, एक बार लोकदल, एक बार कांग्रेस तिवारी व एक बार भाजपा की प्रेमलता जीत चुकी हैं। एक बार जजपा के दुष्यंत चौटाला भी यहां से परचम लहरा चुके हैं। इस बार फिर भाजपा ने यहां कमल खिलाया है।
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नरवाना विधानसभा क्षेत्र में 1967 में पहली बार चुनाव हुआ था। यहां से कांग्रेस ने छह बार, इनेलो ने तीन बार, आरपीआई ने एक, लोकदल ने एक बार तथा कांग्रेस एस ने एक बार जीत हासिल की। यहां से जजपा उम्मीदवार रामनिवास सुरजाखेड़ा भी जीत हासिल कर चुके हैं। इस सीट पर पहली बार भाजपा के कृष्ण बेदी कमल खिलाने में कामयाब रहे हैं।
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