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Jind News: छह साल से पौधों से सजा रहीं आंगन, अब घर में महक रहे गुलबहार
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26जेएनडी11- विपिन बंसल घर की छत पर सजाई बगिया की देखभाल करते हुए। संवाद
जींद। प्रकृति के प्रति गहरा लगाव और हरियाली के प्रति समर्पण का अनूठा उदाहरण शहर के विपिन बंसल के घर में देखने को मिलता है। छह साल पहले जब उन्होंने अपना मकान बनाया तभी यह तय कर लिया था कि घर केवल ईंट-पत्थरों का नहीं बल्कि पौधों की खुशबू और हरियाली से भरा एक जीवंत स्थान होगा।
इसी सोच के साथ उन्होंने गमलों में पौधे लगाने की शुरुआत की जो आज एक बगिया का रूप ले चुकी है। आज उनके घर की छत से लेकर गैलरी तक 200 से अधिक प्रकार के पौधे सजे हुए हैं। उनके घर में गुलबहार महक रहे हैं।
इनमें 100 से ज्यादा पौधे ऐसे हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। तुलसी, एलोवेरा, पुदीना, अजवाइन, गिलोय जैसे पौधों का उपयोग वह रोजमर्रा की छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार में करते हैं।
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इसके अलावा रातरानी, मोगरा, चमेली और गुलाब जैसे खुशबूदार पौधे पूरे घर के साथ-साथ आसपास के माहौल को भी सुगंधित बनाए रखते हैं। विपिन बंसल प्रतिदिन एक से दो घंटे इन पौधों की देखभाल में बिताते हैं।
पानी देना, खाद डालना, पौधों की छंटाई और उनकी सेहत का ध्यान रखना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। उनकी इस लगन का असर परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ा है जो अब बगिया की देखभाल में रुचि लेने लगे हैं।
दीवारों पर भी फैली हरियाली
उनकी गैलरी में दीवारें कम और हरियाली ज्यादा नजर आती है। गमलों की कतारें इस तरह सजी हैं कि घर का हर कोना प्राकृतिक सौंदर्य से भर गया है। खास बात यह भी है कि उन्होंने गमलों में ही टमाटर, मिर्च, धनिया, पालक जैसी सब्जियां भी उगाई हैं जिससे घर की रसोई में ताजगी बनी रहती है।
आसपास के लोग भी हो रहे प्रभावित
विपिन बंसल की इस हरित पहल से आसपास की महिलाएं भी खासा प्रभावित हुई हैं। वे उनके घर आकर बगिया को देखती हैं और अपने घरों में भी इसी तरह पौधे लगाने की प्रेरणा ले रही हैं। इस तरह उनका यह छोटा सा प्रयास प्रकृति के प्रति यह प्रेम वातावरण को शुद्ध बना रहा है।
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इसी सोच के साथ उन्होंने गमलों में पौधे लगाने की शुरुआत की जो आज एक बगिया का रूप ले चुकी है। आज उनके घर की छत से लेकर गैलरी तक 200 से अधिक प्रकार के पौधे सजे हुए हैं। उनके घर में गुलबहार महक रहे हैं।
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इनमें 100 से ज्यादा पौधे ऐसे हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। तुलसी, एलोवेरा, पुदीना, अजवाइन, गिलोय जैसे पौधों का उपयोग वह रोजमर्रा की छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार में करते हैं।
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इसके अलावा रातरानी, मोगरा, चमेली और गुलाब जैसे खुशबूदार पौधे पूरे घर के साथ-साथ आसपास के माहौल को भी सुगंधित बनाए रखते हैं। विपिन बंसल प्रतिदिन एक से दो घंटे इन पौधों की देखभाल में बिताते हैं।
पानी देना, खाद डालना, पौधों की छंटाई और उनकी सेहत का ध्यान रखना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। उनकी इस लगन का असर परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ा है जो अब बगिया की देखभाल में रुचि लेने लगे हैं।
दीवारों पर भी फैली हरियाली
उनकी गैलरी में दीवारें कम और हरियाली ज्यादा नजर आती है। गमलों की कतारें इस तरह सजी हैं कि घर का हर कोना प्राकृतिक सौंदर्य से भर गया है। खास बात यह भी है कि उन्होंने गमलों में ही टमाटर, मिर्च, धनिया, पालक जैसी सब्जियां भी उगाई हैं जिससे घर की रसोई में ताजगी बनी रहती है।
आसपास के लोग भी हो रहे प्रभावित
विपिन बंसल की इस हरित पहल से आसपास की महिलाएं भी खासा प्रभावित हुई हैं। वे उनके घर आकर बगिया को देखती हैं और अपने घरों में भी इसी तरह पौधे लगाने की प्रेरणा ले रही हैं। इस तरह उनका यह छोटा सा प्रयास प्रकृति के प्रति यह प्रेम वातावरण को शुद्ध बना रहा है।