{"_id":"60f1d9658ebc3e4dfd6a289f","slug":"flood-like-situation-in-three-villages-due-to-embankment-break-jind-news-rtk6180109200","type":"story","status":"publish","title_hn":"तटबंध टूटने से तीन गांवों में बाढ़ जैसे हालाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तटबंध टूटने से तीन गांवों में बाढ़ जैसे हालाता
विज्ञापन
तटबंध टूटने से तीन गांवों में बाढ़ जैसे हालाता
- गांव के खेतों में 2 से तीन फिट तक भरा पानी, एसडीएम ने लिया स्थिति का जायजा
- जाखोली माइनर में अधिक पानी आने से टूटा थूआ गांव का तटबंध
माई सिटी रिपोर्टर
जींद। लगातार तीन दिन हुई मानसून की बारिश के कारण उचाना उपमंडल के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। थूआ गांव में अधिक पानी के चलते तटबंध टूट गया, जिससे गांव में पानी भर गया। जाखोली माइनर में पीछे से अधिक पानी आने के कारण उचाना क्षेत्र के थूआ, संडील व मांडी गांवों में जलभराव हुआ है।
वहीं तीनों गांवों के खेतों में दो से तीन फिट तक पानी भर चुका है। हालांकि प्रशासन ने पानी निकासी की व्यवस्था कर पानी के बहाव को रोक दिया है।
दरअसल कैथल जिला के पुंडरी जल सेवाएं मंडल के अधीन आने वाली जाखोली माइनर का अंतिम छोर थूआ गांव के पास है। लगातार हुई बारिश के चलते माइनर में पानी अधिक हो गया। इसके चलते यहां पानी भरना शुरू हो गया। अधिक पानी होने के कारण थूआ गांव के चारों तक बनाया गया तटबंध टूट गया और पानी गांव के अंदर घुस गया। इससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। सूचना मिलते ही उचाना के एसडीएम राजेश खोथ सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को साथ लेकर पहुंचे और सबसे पहले पानी की निकास का इंतजाम करवाया। इसके बाद गांव के तटबंध में हुए कटाव को भर कर पानी को रोका गया। फिलहाल पानी की निकासी की जा रही है।
फसलों को नुकसान की आशंका
इन तीनों ही गांवों में धान की बजाय कपास का क्षेत्र अधिक रहता है। ऐसे में अधिक पानी आने से कपास की फसल में नुकसान हो सकता है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जल्द ही पानी निकाल दिया जाएगा और फसलों को नुकसान नहीं होगा।
विज्ञापन
पानी निकालने के लिए काटी गई सड़क
थूआ गांव में पानी की निकासी के लिए थूआ-संडील सड़क को काटना पड़ा। यहां से पानी का बहाव सामान्य होने पर पंप से पानी निकाला जाएगा। बहराल पानी कम होना शुरू हो गया है।
बस्ती में घुसा पानी
संडील गांव में तालाब के आसपास पानी एकत्रित होकर गांव के अंदर कमालपुर रोड के ऊपर से गुजरता हुआ गांव की बस्ती में घुस गया। इससे कई गलियों में भी पानी पहुंच गया। इससे रामकुमार, पाला, ईश्वर, सुरेंद्र, वासुदेव, रामनिवास, सलिंद्र, रामफल, कृष्ण, श्रीपाल, रिषिराम, जगपाल, पंजाब, नरेश, रामबीर, सतबीर, रामभज के मकानों में पानी घुस गया है। वहीं गांव में करीब एक हजार एकड़ में पानी भर गया।
जाखोली माइनर की टेल पर अधिक पानी आने के कारण बहाव बढ़ गया। इसके चलते थूआ गांव का तटबंध टूट गया। मांडी व संडील गांवों के खेतों में भी पानी भरा है। इसको निकलवाने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही पानी की निकासी की जाएगा।
राजेश खोथ, एसडीएम उचाना।
फोटो नंबर
16जेएनडी17: खेतों में भरा पानी। अमर उजाला।16जेएनडी18: संडील गांव में घुसा पानी। अमर उजाला।
विज्ञापन
- गांव के खेतों में 2 से तीन फिट तक भरा पानी, एसडीएम ने लिया स्थिति का जायजा
- जाखोली माइनर में अधिक पानी आने से टूटा थूआ गांव का तटबंध
माई सिटी रिपोर्टर
जींद। लगातार तीन दिन हुई मानसून की बारिश के कारण उचाना उपमंडल के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। थूआ गांव में अधिक पानी के चलते तटबंध टूट गया, जिससे गांव में पानी भर गया। जाखोली माइनर में पीछे से अधिक पानी आने के कारण उचाना क्षेत्र के थूआ, संडील व मांडी गांवों में जलभराव हुआ है।
वहीं तीनों गांवों के खेतों में दो से तीन फिट तक पानी भर चुका है। हालांकि प्रशासन ने पानी निकासी की व्यवस्था कर पानी के बहाव को रोक दिया है।
दरअसल कैथल जिला के पुंडरी जल सेवाएं मंडल के अधीन आने वाली जाखोली माइनर का अंतिम छोर थूआ गांव के पास है। लगातार हुई बारिश के चलते माइनर में पानी अधिक हो गया। इसके चलते यहां पानी भरना शुरू हो गया। अधिक पानी होने के कारण थूआ गांव के चारों तक बनाया गया तटबंध टूट गया और पानी गांव के अंदर घुस गया। इससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। सूचना मिलते ही उचाना के एसडीएम राजेश खोथ सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को साथ लेकर पहुंचे और सबसे पहले पानी की निकास का इंतजाम करवाया। इसके बाद गांव के तटबंध में हुए कटाव को भर कर पानी को रोका गया। फिलहाल पानी की निकासी की जा रही है।
विज्ञापन
फसलों को नुकसान की आशंका
इन तीनों ही गांवों में धान की बजाय कपास का क्षेत्र अधिक रहता है। ऐसे में अधिक पानी आने से कपास की फसल में नुकसान हो सकता है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जल्द ही पानी निकाल दिया जाएगा और फसलों को नुकसान नहीं होगा।
विज्ञापन
पानी निकालने के लिए काटी गई सड़क
थूआ गांव में पानी की निकासी के लिए थूआ-संडील सड़क को काटना पड़ा। यहां से पानी का बहाव सामान्य होने पर पंप से पानी निकाला जाएगा। बहराल पानी कम होना शुरू हो गया है।
बस्ती में घुसा पानी
संडील गांव में तालाब के आसपास पानी एकत्रित होकर गांव के अंदर कमालपुर रोड के ऊपर से गुजरता हुआ गांव की बस्ती में घुस गया। इससे कई गलियों में भी पानी पहुंच गया। इससे रामकुमार, पाला, ईश्वर, सुरेंद्र, वासुदेव, रामनिवास, सलिंद्र, रामफल, कृष्ण, श्रीपाल, रिषिराम, जगपाल, पंजाब, नरेश, रामबीर, सतबीर, रामभज के मकानों में पानी घुस गया है। वहीं गांव में करीब एक हजार एकड़ में पानी भर गया।
जाखोली माइनर की टेल पर अधिक पानी आने के कारण बहाव बढ़ गया। इसके चलते थूआ गांव का तटबंध टूट गया। मांडी व संडील गांवों के खेतों में भी पानी भरा है। इसको निकलवाने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही पानी की निकासी की जाएगा।
राजेश खोथ, एसडीएम उचाना।
फोटो नंबर
16जेएनडी17: खेतों में भरा पानी। अमर उजाला।16जेएनडी18: संडील गांव में घुसा पानी। अमर उजाला।