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दुष्यंत के काफिले को हथियार दिखाना सरकार की ओछी मानसिकता : दीपक
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19जेएनडी35: दीपक देशवाल।
जींद। जजपा के युवा जिलाध्यक्ष दीपक देशवाल ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोककर हथियार दिखाने और धमकी देने की घटना पर रोष प्रकट किया है।
दीपक देशवाल ने इसे प्रदेश के लोकतंत्र के लिए एक ‘काला दिन’ बताया और सरकार और पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की घोर निंदा की है।
जेजेपी नेता ने कहा कि हिसार में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ जो व्यवहार किया गया वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी सरकार अब सरेआम गुंडागर्दी पर उतर आई है।
जब भी जननायक जनता पार्टी और हमारे नेता दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला आमजन या प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते हैं तो सरकार पुलिस के दम पर उन्हें दबाने का प्रयास करती है।
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देशवाल ने कहा कि एक पूर्व उपमुख्यमंत्री और वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त नेता की गाड़ी को जबरन रोकना और उन पर पिस्टल तानना किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस की मंशा साफ थी, तो दुष्यंत चौटाला द्वारा गाड़ी रोकने के प्रयास पर पुलिसकर्मी वहां से भाग क्यों खड़े हुए।
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दीपक देशवाल ने इसे प्रदेश के लोकतंत्र के लिए एक ‘काला दिन’ बताया और सरकार और पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की घोर निंदा की है।
जेजेपी नेता ने कहा कि हिसार में पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ जो व्यवहार किया गया वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी सरकार अब सरेआम गुंडागर्दी पर उतर आई है।
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जब भी जननायक जनता पार्टी और हमारे नेता दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला आमजन या प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते हैं तो सरकार पुलिस के दम पर उन्हें दबाने का प्रयास करती है।
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देशवाल ने कहा कि एक पूर्व उपमुख्यमंत्री और वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त नेता की गाड़ी को जबरन रोकना और उन पर पिस्टल तानना किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस की मंशा साफ थी, तो दुष्यंत चौटाला द्वारा गाड़ी रोकने के प्रयास पर पुलिसकर्मी वहां से भाग क्यों खड़े हुए।