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Jind News: पांच करोड़ खर्च, सुरक्षा अधूरी...8 साल बाद भी नहीं मिली फायर एनओसी

Wed, 25 Feb 2026 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:21 AM IST
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Five crore rupees spent, security incomplete... Fire NOC not received even after 8 years
24जेएनडी01,02,03: नागरिक अस्पताल के नए भवन में लगाए गए फायर सेफ्टी के उपकरण टूटी हालात में। संव - फोटो : बलईगांव में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव कार्यक्रम प्रस्तुत करते युवा।
सुशील टुर्ण
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जींद। शहर के नागरिक अस्पताल के नए भवन को आठ साल बाद भी फायर सेफ्टी की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिली है। पांच करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सुरक्षा इंतजाम कागजों में ही सिमटे हुए हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब तीन हजार मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ का आवागमन होता है लेकिन अग्नि हादसे की स्थिति में बचाव की व्यवस्था नहीं है।
नए भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित करने के लिए आठ साल पहले लगभग पांच करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। संबंधित विभाग को राशि भी जारी कर दी गई लेकिन अब तक फायर सेफ्टी की एनओसी जारी नहीं की गई।
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भवन निर्माण पूरा होने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सभी मानकों की पूर्ति कर अस्पताल प्रशासन को एनओसी सौंपनी थी ताकि भवन सुरक्षित घोषित हो सके।
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स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी को कई बार पत्र लिखकर एनओसी जारी करने का आग्रह किया गया लेकिन हर बार मामला फाइलों में उलझ कर रह गया। बिना एनओसी के न तो सुरक्षा का दावा किया जा सकता है और न ही किसी आपात स्थिति में जवाबदेही तय हो पा रही है।
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देखरेख न होने के कारण फायर सेफ्टी उपकरण हो गए खराब
भवन में लगाए गए कई फायर सेफ्टी उपकरण समय पर देखरेख न होने के कारण खराब हो चुके हैं। अस्पताल परिसर के बाहर लगाए गए फायर हाइड्रेंट और अन्य उपकरण भी कंडम होने की कगार पर हैं। नियमित रखरखाव व देखभाल न होने से उनकी कार्यक्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि अचानक आग लगने जैसी घटना घटित होती है तो इन उपकरणों के भरोसे जान-माल की सुरक्षा संभव नहीं दिखती।
किसी भी दिन हो सकता है बड़ा हादसा

समाजसेवी राजकुमार गोयल ने कहा कि अस्पताल में रोजाना सर्जरी, प्रसूति, इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं चलती हैं। किसी भी दिन बड़े हादसे की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। खासकर ऑक्सीजन सप्लाई, दवाओं और विद्युत उपकरणों के बीच आग लगने का खतरा अधिक रहता है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। अस्पताल के भवन के बाहर पानी पहुंचाने के लिए लगाए गए उपकरण कहीं जंग लगने से खराब हुए हैं तो कहीं इनके बॉक्स टूटे हुए हैं। अगर किसी आपात स्थिति में भवन में पानी पहुंचाना पड़ा तो यह संभव नहीं होगा।
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मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अधिवक्ता घन श्याम गोयल ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी यदि भवन को बुनियादी सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा तो यह लापरवाही है। मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सवाल यह है कि आखिर आठ वर्षों में फायर सेफ्टी एनओसी क्यों नहीं मिल सकी। यदि मानकों में कमी है तो उसे दूर क्यों नहीं किया गया। यदि सभी कार्य पूरे हैं तो एनओसी जारी करने में देरी किस कारण हो रही है।

वर्जन
पीडब्ल्यूडी को नागरिक अस्पताल के नए भवन की फायर एनओसी जारी करने के लिए कई बार पत्र लिखा है। अभी तक विभाग ने एनओसी जारी नहीं की। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण अस्पताल में आमजन व मरीजों को यह परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन की तरफ से इसकी राशि भी जारी कर गई है। अगर कोई काम अधूरा है तो इसको भी पीडब्ल्यूडी ने पूरा करवाना है। -डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

24जेएनडी01,02,03: नागरिक अस्पताल के नए भवन में लगाए गए फायर सेफ्टी के उपकरण टूटी हालात में। संव

24जेएनडी01,02,03: नागरिक अस्पताल के नए भवन में लगाए गए फायर सेफ्टी के उपकरण टूटी हालात में। संव- फोटो : बलईगांव में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव कार्यक्रम प्रस्तुत करते युवा।

24जेएनडी01,02,03: नागरिक अस्पताल के नए भवन में लगाए गए फायर सेफ्टी के उपकरण टूटी हालात में। संव

24जेएनडी01,02,03: नागरिक अस्पताल के नए भवन में लगाए गए फायर सेफ्टी के उपकरण टूटी हालात में। संव- फोटो : बलईगांव में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव कार्यक्रम प्रस्तुत करते युवा।

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