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Jind News: महिलाओं को सिलाई कढ़ाई सिखाकर आत्मनिर्भर बना रही रेखा कश्यप

Tue, 03 Jun 2025 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jun 2025 11:38 PM IST
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Fishing shop for women, Rahi Rekha Kashyap becomes self-reliant
03जेएनडी40: सिलाई का काम करते हुए रेखा कश्यप। स्वय
जींद। महिलाओं को सिलाई कढ़ाई सिखाकर रेखा कश्यप जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। रेखा कश्यप ने खुद की आर्थिक परेशानियों से लड़ने के लिए सिलाई मशीन को हथियार बनाया और इसके बलबूते मुकाम हासिल किया।
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पति के बीमार होने पर घर में खर्च चलाने वाला कोई नहीं था। इस खर्च को चलाने के लिए सिलाई का काम शुरू किया और बीमारियों समेत अन्य परेशानियों का सामना कर जीता हासिल की।
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इस दौरान उनको ऐसी महिला व लड़कियां मिली जिनकी आर्थिक हालात उनसे भी बदत्तर थी। इनको भी मुख्यधारा में लाने के लिए सिलाई सेंटर खोलकर काम सिखाया। रेखा कश्यप ने लगभग दस वर्ष पहले सिलाई का काम शुरू किया था।
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इसके बाद अन्य दुखी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आठ वर्ष पहले खुद सिलाई कढ़ाई सिखाने का निर्णय लिया और महिलाओं के लिए सिलाई सेंटर शुरू किया, ताकि महिलाएं सिलाई सिखकर अपने परिवार का गुजारा चला सकें। इस पर उन्होंने वर्ष 2016 में सिलाई सेंटर महिलाओं को सिखाना शुरू किया।
इसके बाद शहर में कई स्थानों पर यह सेंटर चलाए। जिससे महिलाओं को सशक्त बनाया। रेखा कश्यप फिलहाल प्राचीन भूतेश्वर ट्रस्ट समिति के नाम से सिलाई सेंटर प्राचीन भूतेश्वर मंदिर में चला रही है। इससे पहले भी उन्होंने कश्यप धर्मशाला अपराही मोहल्ला में लगभग एक वर्ष तक सिलाई सेंटर चलाया।
महादेव धर्मशाला में तीन वर्ष तक सिलाई सेंटर चलाया। इसके अलावा भी शहर में अन्य स्थानों पर सिलाई सेंटर चलाकर अब तक लगभग 1200 से ज्यादा महिलाओं को सशक्त बनाया है। इनमें से 300 से ज्यादा महिलाओं ने सिलाई कढ़ाई के कार्य को रोजगार के रूप में भी अपनाया है। जो शहर की कालोनियों में सिलाई सेंटर खोलकर अपने परिवार की आजीविका चला रही हैं।

शहर के अलावा गांवों से आने वाली महिलाओं को भी रेखा कश्यप ने सिलाई सेंटर सिखाकर गांवों में अपनी पहचान बनाई। सिलाई कढ़ाई के कार्य को सिखाने के लिए उन्होंने दो बैच चलाए हुए हैं। सुबह और सायं को महिला व युवती सिलाई सिखने के लिए आती हैं। फिलहाल पिछले एक महीने से बेटी के बीमार होने पर उन्होंने अपने घर पर शुरू किया है।
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