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Jind News: सरसों उत्पादन बढ़ाने की नई तकनीकें सीखेंगे किसान
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फोटो संख्या:64- दौंगड़ा अहीर में किसानों की जानकारी देते अधिकारी। ---स्रोत ग्रामीण
कनीना। बाबा रूपा दास फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड दौंगड़ा अहीर और सॉलिडरिडाड के संयुक्त तत्वावधान में सरसों उत्पादन कार्यक्रम के तहत किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरसों की उन्नत तकनीकें सिखाकर खाद्य तेल के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम में सॉलिडरिडाड से हिमांशु बैस, कृषि विश्वविद्यालय बावल से डॉ. नरेंद्र कुमार कृषि वैज्ञानिक और डॉ. सुधीर कुमार प्लांट प्रोटेक्शन विशेषज्ञ ने किसानों को सरसों की फसल से जुड़ी आधुनिक खेती तकनीकों के सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि बीज उपचार, जैविक खादों का प्रयोग, पहले फूल की अवस्था में टॉपिंग, सल्फर का उपयोग फसल की गुणवत्ता व उत्पादन दोनों में वृद्धि करता है।
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उन्होंने कहा कि गर्मी कमपोस्ट तकनीक और छींटाई विधि से फसल को मौसम की मार से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरसों उत्पादन में नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। किसानों ने इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे भी नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
इस मौके पर भारतीय किसान संघ के जिला प्रधान राजकुमार यादव, हरपाल थानेदार, परमेश्वर मास्टर, महेंद्र सिंह ठेकेदार, राजकुमार यादव खंड अध्यक्ष सीहमा, मामन सिंह प्रधान सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरसों की उन्नत तकनीकें सिखाकर खाद्य तेल के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम में सॉलिडरिडाड से हिमांशु बैस, कृषि विश्वविद्यालय बावल से डॉ. नरेंद्र कुमार कृषि वैज्ञानिक और डॉ. सुधीर कुमार प्लांट प्रोटेक्शन विशेषज्ञ ने किसानों को सरसों की फसल से जुड़ी आधुनिक खेती तकनीकों के सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी।
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विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि बीज उपचार, जैविक खादों का प्रयोग, पहले फूल की अवस्था में टॉपिंग, सल्फर का उपयोग फसल की गुणवत्ता व उत्पादन दोनों में वृद्धि करता है।
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उन्होंने कहा कि गर्मी कमपोस्ट तकनीक और छींटाई विधि से फसल को मौसम की मार से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरसों उत्पादन में नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। किसानों ने इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे भी नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
इस मौके पर भारतीय किसान संघ के जिला प्रधान राजकुमार यादव, हरपाल थानेदार, परमेश्वर मास्टर, महेंद्र सिंह ठेकेदार, राजकुमार यादव खंड अध्यक्ष सीहमा, मामन सिंह प्रधान सहित अनेक किसान मौजूद रहे।