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Jind News: डीएपी के लिए किसानों का हंगामा, पुलिस निगरानी में बंटी
Wed, 06 Nov 2024 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 06 Nov 2024 01:09 AM IST
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05जेएनडी19: सरकारी खाद की दुकान पर लगी किसानों की लाइन। संवाद
जुलाना। हैफेड खरीद केंद्र पर डीएपी लेने के लिए पहुंचे कुछ किसानों ने हैफेड के मैनेजर पर अपने चहेतों और एक दुकानदार को खाद देने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी निगरानी में खाद बंटवाई। वहीं हैफेड के इंचार्ज ने किसानों को आरोप को सिरे से नकारते हुए उसे बेबुनियाद बताया है।
जुलाना में खाद कम पहुंच रही है। सोमवार को जुलाना में खाद के केवल 560 बैग ही पहुंंचे। इसकी जानकारी मिलते ही किसान खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच गए। कुछ घंटे में ही खाद खत्म हो गई। काफी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि हैफेड के मैनेजर ने अपने चहेतों के अलावा एक दुकानदार को 75 बैग डीएपी दे दी है। खाद के लिए किसानों ने रोष प्रकट करते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने पर जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी निगरानी में खाद बंटवाई।
डीएपी आते ही बिक्रय केंद्रों पर किसानोें की लंबी कतार लग जाती है। किसानों को खाद लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, फिर भी उनको नहीं मिल पाती है। कई बार तो स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी तैनात करनी पड़ती है। एक किसान को एक आधार कार्ड पर केवल पांच बैग डीएपी दी जा रही है। किसानों को चिंता सता रही है कि गेहूं की बिजाई के समय उन्हें खाद नहीं मिली तो बुआई कैसे करेंगे।
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किसानों को डीएपी खाद दी जा रही है। एक आधार कार्ड पर पांच बैग खाद दी जा जा रही है। किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। चहेतों को खाद देने के आरोप बेबुनियाद हैं। एक ट्रॉली में कुछ किसान खाद लेकर गए हैं। -राजू, हैफेड खरीद केंद्र इंचार्ज, जुलाना।
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जुलाना में खाद कम पहुंच रही है। सोमवार को जुलाना में खाद के केवल 560 बैग ही पहुंंचे। इसकी जानकारी मिलते ही किसान खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच गए। कुछ घंटे में ही खाद खत्म हो गई। काफी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि हैफेड के मैनेजर ने अपने चहेतों के अलावा एक दुकानदार को 75 बैग डीएपी दे दी है। खाद के लिए किसानों ने रोष प्रकट करते हुए जमकर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने पर जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी निगरानी में खाद बंटवाई।
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डीएपी आते ही बिक्रय केंद्रों पर किसानोें की लंबी कतार लग जाती है। किसानों को खाद लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, फिर भी उनको नहीं मिल पाती है। कई बार तो स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी तैनात करनी पड़ती है। एक किसान को एक आधार कार्ड पर केवल पांच बैग डीएपी दी जा रही है। किसानों को चिंता सता रही है कि गेहूं की बिजाई के समय उन्हें खाद नहीं मिली तो बुआई कैसे करेंगे।
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किसानों को डीएपी खाद दी जा रही है। एक आधार कार्ड पर पांच बैग खाद दी जा जा रही है। किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। चहेतों को खाद देने के आरोप बेबुनियाद हैं। एक ट्रॉली में कुछ किसान खाद लेकर गए हैं। -राजू, हैफेड खरीद केंद्र इंचार्ज, जुलाना।

05जेएनडी19: सरकारी खाद की दुकान पर लगी किसानों की लाइन। संवाद