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किसान बोले- जब तक आंदोलन चले, राजनेताओं को न दें शादियों का भी न्योता

Fri, 29 Jan 2021 11:14 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:14 PM IST
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Farmers said - Until the movement goes, do not invite politicians to weddings
गांव जलालपुर कलां में पंचायत करते लोग। संवाद - फोटो : Jind
जींद/उचाना/नरवाना/अलेवा। जिले में विभिन्न स्थानों पर हुई पंचायतों में कहा गया कि अभी दो महीने से आंदोलन का केवल ट्रेलर ही चल रहा था। सही मायनों में आंदोलन तो अभी शुरू हुआ है। सर्वजातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि राकेश टिकैत की आंखों से आंसू नहीं गिरे बल्कि पूरे देश के किसान की आंखों से आंसू गिरे हैं, इन आंसुओं के बदले अब दिल्ली में सैलाब आएगा और भाजपा सरकार इस सैलाब में बह जाएगी। सरकार कितनी ही दमनकारी नीतियां अपनाए लेकिन किसान अब झुकने व रुकने वाला नहीं है।
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वहीं दाडन खाप के चबूतरे पर पालवां खाप की बैठक हुई। बैठक में दिल्ली हिंसा की जांच किसी रिटायर्ड जज से करवाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार आंदोलन को बदनाम करना चाहती है, जो किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
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खटकड़ टोल प्लाजा पर उन्होंने कहा कि सरकार के पास ताकत हो सकती है, पर किसान के पास हिम्मत है। हिम्मत सच्चाई से आती है। इतिहास के पन्ने हिम्मत को याद रखते हैं, ताकत को नहीं। सरकार कभी आंदोलन करने वाले किसानों का इंटरनेट बंद कर देती है, तो कभी बिजली व पानी बंद कर देती है तो कभी आने का रास्ता बंद कर देती है। किसानों ने अगर किसानी बंद कर दी तो एक समय के लिए तो सत्ता में बैठे नेताओं की सांसे बंद हो जाएंगी। बरसोला ने कहा कि 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। इस दिन किसान अनशन भी करेंगे। किसान आंदोलन को शुरू से ही संयम व अनुशासन से कर रहे हैं। सरकार की हर किसान विरोधी सोच को लोग खत्म करने का प्रयास करेंगे। इस मौके बिजेंद्र संधु, पूर्व सरपंच भरत सिंह, ईश्वर, राकेश खटकड़, जयप्रकाश, कैप्टन वेद बरसोला, भूपेंद्र जुलानी, भगता धनखड़ी, लाभ काब्रच्छा, जोगिंद्र श्योकंद, बीरा घोघड़ियां, धर्मबीर राठी, प्रेम सिंह बागड़, रणबीर श्योकंद, मनोज एडवोकेट व राजेंद्र जैन बरसोला मौजूद रहे।
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किसान नेता राकेश टिकैत को खाप की बैठक में पहुंचे प्रतिनिधियों ने उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर सेल्यूट किया। खाप महासचिव आजाद पालवां ने कहा कि खाप की बैठक के माध्यम से खाप के लोगों से आह्वान किया गया है कि खाप के गांवों के लोग अपने परिवार में होने वाले शादी-समारोह को लेकर जब तक किसान आंदोलन चल रहा है, जब तक भाजपा व जजपा नेताओं को निमंत्रण नहीं दें। इस मौके पर सूरजभान घसो, रामधन घसो, महाबीर मंगलपुर, प्रदीप सरपंच झील, रामधन, रामपाल झील, अजमेर श्योकंद, कृष्ण सफा खेड़ी, राजा डूमरखां, महेंद्र खरकभूरा, केहर सिंह, अशोक सफा खेड़ी, जंगीर पालवां, हरी सिंह, रघुबीर सिंह, दिलबाग, धर्मबीर सुदकैन कलां व कृष्ण मोर मौजूद रहे।
हर परिवार से एक व्यक्ति की भागीदारी आंदोलन में सुनिश्चित करने का फैसला
वहीं उचाना खुर्द, उचाना कलां, काकड़ौद में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि हर परिवार से एक व्यक्ति की भागीदारी किसान आंदोलन में सुनिश्चित होनी चाहिए। 200 प्रति एकड़, 100 रुपये परिवार जो गांव के लोग नौकरी पर रहे हैं उससे 2100-2100 रुपये, जो गांव के आढ़ती उनसे 11-11 हजार रुपये चंदा लेकर आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। प्रत्येक पाने से पांच-पांच ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे।
किसान आंदोलन में रामकली गांव हर कुर्बानी के लिए तैयार
शुक्रवार को रामकली गांव में आयोजित पंचायत में किसान नेता राजल मोर ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन में रामकली गांव हर प्रकार की कुर्बानी के लिए तैयार है। जब तक कृषि कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक गांव का हर परिवार आंदोलनरलत किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेगा। पूरी रणनीति में युवाओं की भी एक टीम गठित की जो पूरे कार्यक्रम में दिन रात काम करेगी। इस मौके पर नरेंद्र, सोहन सैनी, सुनील, अनिल, विनोद, महावीर, जीतू, नवदीप, दीपक मौजूद रहे।
खरकगागर गांव से ट्रैक्टर ट्रालियों में किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना
खरकगागर गांव से दर्जनों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर दिल्ली के लिए कूच कर गए। खरकगागर गांव से सुभाष बूरा, दलेल कुंडू, रणबीर, अनिल व सोनू ने कहा कि सरकार इस किसान आंदोलन को दबाना चाहती है। इसलिए जबरदस्ती धरनों को उठाया जा रहा है। खरक गागर के किसानों ने कहा कि वीरवार को गाजीपूर बॉर्डर पर राकेश टिकैत की आंखों से निकले आंसुओं ने पूरे देश के किसानों को एकजुट होनेे के लिए प्रेरित किया है।
बद्दोवाल टोल पर किसानों ने की एक दिन का क्रमिक अनशन व उपवास की घोषणा
नरवाना। किसान नेता राकेश टिकैत की भावुक वीडियो वायरल होने के बाद किसान आंदोलन ने एक नया रूप ले लिया है। गांवों से किसान लगातार दिल्ली की ओर रुख कर रहे हैं और जो किसान दिल्ली नहीं जा रहे वह बद्दोवाल टोल प्लाजा पर पहुंच कर आंदोलन को ओर तेज करने में जुटे हुए हैं। शुक्रवार को बद्दोवाल टोल पर किसानों ने बैठक कर कई फैसले लिए हैं और आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बनाई है। बैठक के बाद किसानों ने एक दिन का क्रमिक अनशन करने की घोषणा की है। बैठक मेें किसान नेता मास्टर बलवीर सिंह, रणधीर मोर , सुनील बद्दोवाल, राजबीर मोर, गंगा मोर, चांद बहादूर, महेंद्र सिंह व किसान नेता बलवीर सिंह भी मौजूद रहे।
नरवाना खाप के पांच गांवों ने की बैठक
बद्दोवाल टोल पर किसानों की बैठक के बाद नरवाना खाप के पांच गांव मोहलखेड़ा, दबलैन, बद्दोवाल, इस्माईलपुर व नरवाना के किसान नेताओं ने भी बैठक की। नरवाना खाप प्रवक्ता के रणधीर मोर ने कहा कि पांचों गांवों से किसानों को दिल्ली भेजा जाएगा और बॉर्डर पर पांच गांवों का स्थान चिह्नित कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मजदूर संगठन सीआईटीयू के आह्वान पर किसान आंदोलन के समर्थन में सैकड़ों की संख्या में निर्माण मजदूर खटकड़ टोल प्लाजा धरने पर बैठे। धरने की अध्यक्षता सीआईटीयू नेता रघबीर खटकड़ ने की। सीआईटीयू राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि किसान आंदोलन में तमाम मजदूर कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ है। छह फरवरी को जींद जिले के मजदूर, कारीगर, आशा वर्कर्स, मिड डे मील वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स, ग्रामीण चौकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर उचाना में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यालय का घेराव करेंगे। इस अवसर पर संदीप जाजवान, बारूराम, सुरेश करसोला, अंग्रेज छापर, राजेश, पवन व संदीप दालमवाला मौजूद रहे।

निडाना गावं से किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया। किसानों ने कहा कि सरकार ने किसानों के आंदोलन को खत्म करने के लिए दमनकारी नीति अपनाई है, जिसकी किसान निंदा करते हैं। किसानों अब पहले से ज्यादा एकजुट हो गए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत को सरकार अकेला समझने की भूल नहीं करें, पूरे देश का किसान उनके साथ है। अब जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। किसान अब दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों पर की गई कार्रवाई से आक्रोश में आए किसानों ने चुहड़पुर, अलेवा व डाहौल में पंचायत करके हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसानों ने रवाना होने से पहले राज्य तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान रोहताश, भीम, अर्जुन ने कहा कि अब केंद्र की मोदी सरकार के साथ आरपार का आंदोलन होगा। किसानों ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं हो जाते, तब तक वह दिल्ली से नहीं लौटेंगे।

बैठक में मौजूद किसान नेता।

बैठक में मौजूद किसान नेता। - फोटो : Jind

 किसानों को संबोधित करते किसान नेता बलवीर सिंह। संवाद

किसानों को संबोधित करते किसान नेता बलवीर सिंह। संवाद- फोटो : Jind

खटकड़ टोल पर आयोजित धरने पर पहुंचे किसान। संवाद

खटकड़ टोल पर आयोजित धरने पर पहुंचे किसान। संवाद- फोटो : Jind

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