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Jind News: दावे धड़ाम, सरसों बिना बेचे लौटे किसान
Thu, 16 Mar 2023 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:19 AM IST
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जींद। अनाजमंडी में सरकारी दर पर सरसों खरीद के दावे पहले ही दिन धड़ाम हो गए। मंडी में 100 से अधिक किसान सरसों बेचने पहुंचे लेकिन पोर्टल न चलने की वजह से उन्हें मायूस लौटना पड़ा। हैफेड के कर्मचारी मंडी में किसी दुकान पर नहीं पहुंचे और खरीद शुरू नहीं हुई। सरसों लाने में भाड़ा अधिक लगने की वजह से किसान मजबूरी में प्राइवेट आढ़त पर ही सरकारी दर से कम में ही सरसों बेचकर चले गए।
हैफेड ने बुधवार से सरकारी खरीद पर सरसों खरीद के दावे किए थे। शहर की अनाज मंडी में बुधवार सुबह ही किसान सरसों लेकर पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर बाद तक लगभग दो हजार क्विंटल सरसों लेकर पहुंचे, लेकिन सरसों को हैफेड ने नहीं खरीदा। इसको लेकर किसान कभी हैफेड तो कभी मार्किट कमेटी कार्यालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसानों को कहीं पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में किसानों को हैफेड के कर्मियों की तरफ से एक ही जवाब मिला कि जब तक ई पोर्टल नहीं चलेगा वह खरीद शुरू नहीं हो सकेगी।यह ई पोर्टल कब तक चलेगा इसको लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण लगभग एक हजार क्विंटल सरसों को किसानों ने प्राइवेट बोली पर ही बेचना पड़ा। प्राइवेट बोली पर मंडी में 4800 रुपये से लेकर 5260 रुपये तक किसानों की सरसों खरीदी गई जबकि सरकारी रेट 5450 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। देर सांय तक भी मार्केट कमेटी व हेफेड के अधिकारियों के पास ई पोर्टल के चलने की स्पष्ट जानकारी किसानों को नहीं मिली।
बाक्स
प्राइवेट बोली पर खरीदी जा चुकी 8 हजार क्विंटल
मंडी में सरकारी खरीद नहीं होने के चलते व पिछले लगभग चार दिनों में प्राइवेट बोली पर आठ हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। प्राइवेट बोली पर किसानों को 250 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन सरसों खरीद को लेकर गंभीर नहीं है।
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बाॅक्स मुख्यालय से होता है ई पोर्टल का संचालन
ई पोर्टल का संचालन जींद से न होकर मुख्यालय से होता है। इसको लेकर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने कई बार संपर्क कर इस बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली कि कब तक ई पोर्टल चलाया जाएगा। जिसके कारण किसानों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
वर्जन
मंडी में किसानों की सरसों खरीद के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हैं, लेकिन ई पोर्टल नहीं चलने के कारण हैफेड ने खरीद नहीं की। इसके चलते मंडी में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उम्मीद है कि वीरवार को ई पोर्टल शुरू कर दिया जाएगा। मंडी में किसानों के लिए पेयजल, शौचालय की सुविधा तथा रात को रुकने की व्यवस्था पूर्ण करवाई गई है।
-- संजीव कुमार सचिव मार्केट कमेटी जींद
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हैफेड ने बुधवार से सरकारी खरीद पर सरसों खरीद के दावे किए थे। शहर की अनाज मंडी में बुधवार सुबह ही किसान सरसों लेकर पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर बाद तक लगभग दो हजार क्विंटल सरसों लेकर पहुंचे, लेकिन सरसों को हैफेड ने नहीं खरीदा। इसको लेकर किसान कभी हैफेड तो कभी मार्किट कमेटी कार्यालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसानों को कहीं पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में किसानों को हैफेड के कर्मियों की तरफ से एक ही जवाब मिला कि जब तक ई पोर्टल नहीं चलेगा वह खरीद शुरू नहीं हो सकेगी।यह ई पोर्टल कब तक चलेगा इसको लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण लगभग एक हजार क्विंटल सरसों को किसानों ने प्राइवेट बोली पर ही बेचना पड़ा। प्राइवेट बोली पर मंडी में 4800 रुपये से लेकर 5260 रुपये तक किसानों की सरसों खरीदी गई जबकि सरकारी रेट 5450 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। देर सांय तक भी मार्केट कमेटी व हेफेड के अधिकारियों के पास ई पोर्टल के चलने की स्पष्ट जानकारी किसानों को नहीं मिली।
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प्राइवेट बोली पर खरीदी जा चुकी 8 हजार क्विंटल
मंडी में सरकारी खरीद नहीं होने के चलते व पिछले लगभग चार दिनों में प्राइवेट बोली पर आठ हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। प्राइवेट बोली पर किसानों को 250 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन सरसों खरीद को लेकर गंभीर नहीं है।
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बाॅक्स मुख्यालय से होता है ई पोर्टल का संचालन
ई पोर्टल का संचालन जींद से न होकर मुख्यालय से होता है। इसको लेकर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने कई बार संपर्क कर इस बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली कि कब तक ई पोर्टल चलाया जाएगा। जिसके कारण किसानों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
वर्जन
मंडी में किसानों की सरसों खरीद के लिए सभी तैयारियां पूर्ण हैं, लेकिन ई पोर्टल नहीं चलने के कारण हैफेड ने खरीद नहीं की। इसके चलते मंडी में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उम्मीद है कि वीरवार को ई पोर्टल शुरू कर दिया जाएगा। मंडी में किसानों के लिए पेयजल, शौचालय की सुविधा तथा रात को रुकने की व्यवस्था पूर्ण करवाई गई है।