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पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे किसान

Fri, 07 May 2021 11:22 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 May 2021 11:22 PM IST
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Farmers reached the district headquarters, breaking the police barricades
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध करने वाले किसानों ने शुक्रवार को पुलिस को खूब छकाया। हालांकि पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी। लेकिन किसानों के विरोध के आगे उनकी व्यवस्था नाकाफ साबित हुई। किसान पुलिस के चक्रव्यूह को तोड़ते हुए डीसी निवास के बाहर पहुंच गए। इस दौरान कई बार पुलिस और किसानों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस को खुली चेतावनी देते हुए किसान खटकड़ टोल से दस से अधिक बेरिकेडिंग तोड़ते हुए जिला मुख्यालय पर पहुंच गए। शहर में प्रवेश करने पर पुलिस ने किसानों को कई बार रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे विफल रहे. िकसान आगे-आगे रहे तो पुलिस पीछे-पीछे।
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किसानों को दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जींद आ रहे हैं। इसके साथ ही किसानों ने उनके विरोध की तैयारी कर ली। करीब एक बजे किसान खटकड़ टोल से चले तो चीनी मिल के पास पुलिस की बैरिकेडिंग थी। यहां पर किसानों ने कहा कि उनका विरोध प्रशासन से नहीं, सरकार से है। ऐसे में रास्ता न रोकें। इसके बावजूद भी उन्हें रास्ता नहीं मिला तो उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी। किसान नए बाईपास से आगे बढ़े हुए सफीदों रोड से शहर में प्रवेश किया। ऐसे में पुलिस ने सफीदों बाईपास पुलिस नाका पर जेसीबी लगाकर एक तरफ से सड़क बंद कर दी। इसके बावजूद भी किसान आगे बढ़ते रहे। पुलिस ने आनन-फानन में दो ट्रक भी सड़क के बीचोंबीच रोक दिए। ऐसे में किसानों ने यह रास्ता छोड़कर सेक्टर 11 की गलियों में काफिला मोड़ दिया। ऐसा देख पुलिस भागी और सफीदों बाईपास के अगले कट पर कर्मचारियों को तैनात किया। यहां से भी किसानों ने रास्ता बदल दिया और डिफेंस कॉलोनी के रास्त पुलिस लाइन पहुंचे। इसके बाद एसएसपी निवास के बाद भी भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया था। यहां किसान अपने ट्रैक्टर और कैंटर छोड़कर पैदल ही डीसी निवास के बाहर पहुंच गए। यहां किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंककर रोष जताया।
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महिलाओं ने निकाली पुलिस और अर्द्ध सैनिकों पर भड़ास
इस दौरान कई महिलाओं ने कहा कि चीनी मिल से जींद तक उनको कई बार रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान कई महिलाओं व अन्य किसानों को लाठियां मारीं। महिलाओं ने इसको लेकर दुष्यंत चौटाला पर भी खूब भड़ास निकाली।
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जब प्रशासन से उलझ गए किसान
दोपहर बाद तीन बजे किसान नेता बिजेंद्र सिंधू, आजाद पालवां और सतबीर पहलवान बरसोला ने एसडीएम दलबीर सिंह को बुलाकर कहा कि प्रशासन ने उनके ट्रैक्टर व अन्य वाहनों की हवा निकाल दी है। इसके अलावा कई वाहनों की चाबी भी निकालने के साथ श्ीश तोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन वाहनों में हवा भरवाए, शीशे ठीक करवाए और चाबी लौटाए। यदि साढ़े तीन बजे तक यह नहीं हुआ तो रात को यहीं आंदोलन करेंगे। इस पर प्रशासन ने हवा भरने वाले की व्यवस्था की और चाबियां लौटा दीं।
पानी के लिए हुई परेशानी
चिलचिलाती धूप में जब किसान आंदोलन करते हुए डीसी निवास के बाहर पहुंचे तो कई किसानों को प्यास लगी हुई थी। ऐसे में एसबीआई के बाहर लगे एक नल से उन्होंने पानी पीकर प्यास बुझाई। नल के नीचे बने हौद में पानी काफी गंदा था। इस पर किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पेयजल मुहैया करवाया जाए।
लोगों को हुई परेशानी
29 अप्रैल को मुख्यमंत्री के दौरे के समय मरीजों को हुई परेशानी के बाद गृहमंत्री ने आदेश दिए थे कि वीआईपी के कारण आम लोगों को परेशानी न हो। इसके बावजूद शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर गोहाना रोड से जुड़ने वाली सभी गलियों को बंद कर दिया गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
दूसरी बार रद्द करना पड़ा कार्यक्रम
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भले ही जींद जिले के उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, लेकिन उन्हें दूसरी बार जींद में कार्यक्रम रद्द करना पड़ा है। इससे पहले उन्हें उचाना के पास अपने कार्यकर्ता के घर शादी में आना था, लेकिन किसानों ने हेलिपैड ही खोद डाला था। इसके बाद अब फिर से विरोध हुआ है। हालांकि जींद जजपा का गढ़ माना जाता है और दुष्यंत चौटाला ने अपनी पार्टी का गठन भी जींद में ही किया था। यहां लोगों से उन्हें काफी प्यार मिला है, लेकिन अब विरोध हो रहा है।

पत्रकार के साथ मारपीट
किसान आंदोलन के दौरान यहां कवरेज के लिए पहुंचे सोशल मीडिया पत्रकार के साथ मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि किसान इस पत्रकार द्वारा की जा रही रिपोर्टिंग से काफी खफा हैं और पहले भी चेतावनी दी गई थी। शुक्रवार को जैसे ही वह पहुंचा, कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर जब पत्रकार अपनी गाड़ी में बैठ रहा था, कुछ लोगों ने उसे खींचकर उतार लिया और धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। वहीं किसान नेता सतबीर पहलवान बरसोला ने कहा कि इस प्रकरण से संयुक्त किसान मोर्चा का कोई लेना-देना नहीं है। कुछ लोगों की व्यक्तिगत कार्रवाई हो सकती है।
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